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एनटीआर की 103वीं जयंती पर PM मोदी की श्रद्धांजलि: 'जीवन और आदर्श असीम प्रेरणा के स्रोत'

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एनटीआर की 103वीं जयंती पर PM मोदी की श्रद्धांजलि: 'जीवन और आदर्श असीम प्रेरणा के स्रोत'

सारांश

पीएम मोदी ने एनटीआर की 103वीं जयंती पर एक्स पर श्रद्धांजलि देते हुए उनके जन-कल्याण, सुशासन और सिनेमाई योगदान को याद किया। 300 से अधिक फिल्मों के महानायक और आंध्र के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री एनटीआर की विरासत आज भी तेलुगू राजनीति और संस्कृति की पहचान है।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 28 मई 2026 को एनटीआर की 103वीं जयंती पर एक्स के ज़रिये श्रद्धांजलि अर्पित की।
मोदी ने एनटीआर के जन कल्याण, सुशासन और सिनेमाई योगदान को पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
एनटीआर ने 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और 1982 में तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) की स्थापना की।
वे अविभाजित आंध्र प्रदेश के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने और तीन बार इस पद पर रहे।
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी सोशल मीडिया पर एनटीआर को 'आधुनिक समाज सुधारक' बताते हुए श्रद्धांजलि दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मई 2026 को महान तेलुगू अभिनेता एवं आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री नंदामुरी तारक रामाराव (एनटीआर) की 103वीं जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि एनटीआर का जीवन और उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत बने रहेंगे।

प्रधानमंत्री का संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'महान एनटीआर गारू को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। उन्हें जन कल्याण और सुशासन के प्रति उनके समर्पण के लिए प्यार से याद किया जाता है, जिसने गरीबों और वंचितों को गरिमा प्रदान की।' उन्होंने आगे कहा कि सिनेमा के क्षेत्र में एनटीआर का योगदान आज भी पीढ़ियों को मंत्रमुग्ध करता है। प्रधानमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि आंध्र प्रदेश में एनडीए सरकार, मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में, एनटीआर के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

एनटीआर का सिनेमाई योगदान

नंदामुरी तारक रामाराव का जन्म 28 मई 1923 को आंध्र प्रदेश के निम्मकुरु में हुआ था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक सरकारी सब-रजिस्ट्रार के रूप में की, लेकिन अभिनय के प्रति अपने जुनून के चलते उन्होंने वह पद छोड़ दिया। 1949 में फिल्म 'माना देशम' से अभिनय की दुनिया में कदम रखने के बाद वे तेलुगू सिनेमा के सबसे बड़े नामों में से एक बन गए।

'माया बाजार' (1957) और 'दाना वीरा सूरा कर्ण' (1977) जैसी कालजयी फिल्मों में हिंदू पौराणिक पात्रों — विशेषकर भगवान कृष्ण और कर्ण — के उनके चित्रण को दर्शकों ने अपार प्रेम दिया। 300 से अधिक फिल्मों में काम करने वाले एनटीआर को 'विश्व विख्यात नट सार्वभौम' — अर्थात 'अभिनय जगत के विश्व-प्रसिद्ध सम्राट' — की उपाधि से नवाज़ा गया।

राजनीतिक विरासत और तेलुगू देशम पार्टी

60 वर्ष की आयु में एनटीआर ने राजनीति में प्रवेश किया और 1982 में तेलुगू गौरव एवं आत्म-सम्मान की भावना पर आधारित तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) की स्थापना की। 1983 के आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों में टीडीपी की ऐतिहासिक जीत ने राज्य में दशकों से जमे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) के वर्चस्व को समाप्त कर दिया। इस प्रकार एनटीआर अविभाजित आंध्र प्रदेश के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने।

उनकी सरकार ने जन-कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता दी। रियायती दर पर — ₹2 प्रति किलोग्राम — चावल उपलब्ध कराने की योजना और ग्रामीण विकास की अनेक पहलें उनकी शासन-शैली की पहचान बनीं। यह ऐसे समय में आया जब ग्रामीण आंध्र में खाद्य सुरक्षा एक बड़ी चुनौती थी।

संघर्ष और वापसी

1984 में जब एनटीआर संयुक्त राज्य अमेरिका में हृदय शल्य-चिकित्सा से उबर रहे थे, तब नदेंडला भास्कर राव के नेतृत्व में एक राजनीतिक तख्तापलट के ज़रिये उन्हें अस्थायी रूप से सत्ता से बेदखल कर दिया गया। हालाँकि, व्यापक जनसमर्थन के बल पर उन्होंने जबरदस्त वापसी की और पुनः मुख्यमंत्री पद पर बहाल हुए। 1994 में वे तीसरी बार मुख्यमंत्री बने, लेकिन 1995 में उनके दामाद नारा चंद्रबाबू नायडू ने बहुमत विधायकों के समर्थन से पार्टी की कमान अपने हाथों में ले ली। 1996 में एनटीआर का निधन हो गया।

मुख्यमंत्री नायडू की श्रद्धांजलि

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी सोशल मीडिया पर एनटीआर को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने तेलुगू में लिखा कि सिनेमा की दुनिया में एनटीआर ने राम और कृष्ण के रूप में अमिट छाप छोड़ी, और राजनीति में वे ध्रुव तारे की तरह चमके। नायडू ने कहा, 'वे एक आधुनिक समाज सुधारक थे, जिन्होंने तेलुगू लोगों के जीवन में बड़े बदलाव लाए। मैं उस महान हस्ती को एक बार फिर अपनी हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।' एनटीआर की विरासत आज भी तेलुगू राजनीति और संस्कृति की धुरी बनी हुई है, और उनके जन्मदिन पर हर वर्ष राज्यभर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ टीडीपी केंद्र की गठबंधन सरकार की अहम सहयोगी है। गौरतलब है कि एनटीआर ने 1983 में कांग्रेस के एकाधिकार को तोड़कर जो क्षेत्रीय राजनीति की नई इबारत लिखी थी, वह आज भी भारत की बहुदलीय व्यवस्था की मिसाल मानी जाती है। यह श्रद्धांजलि उस विरासत को स्वीकार करती है जो सिनेमा और राजनीति — दोनों क्षेत्रों में — जन-केंद्रित शासन की नींव पर टिकी थी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनटीआर कौन थे और उनकी 103वीं जयंती क्यों मनाई जा रही है?
नंदामुरी तारक रामाराव (एनटीआर) का जन्म 28 मई 1923 को आंध्र प्रदेश के निम्मकुरु में हुआ था। वे तेलुगू सिनेमा के महानायक, तेलुगू देशम पार्टी के संस्थापक और आंध्र प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहे। 2026 में उनकी 103वीं जयंती के अवसर पर PM मोदी सहित कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
PM मोदी ने एनटीआर को किस रूप में याद किया?
PM मोदी ने एक्स पर लिखा कि एनटीआर को जन कल्याण और सुशासन के प्रति उनके समर्पण के लिए याद किया जाता है, जिसने गरीबों और वंचितों को गरिमा दी। उन्होंने सिनेमा में उनके योगदान और उनके जीवन-आदर्शों को असीम प्रेरणा का स्रोत बताया।
एनटीआर ने तेलुगू देशम पार्टी की स्थापना क्यों की?
एनटीआर ने 1982 में तेलुगू गौरव और आत्म-सम्मान की भावना को आधार बनाकर तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) की स्थापना की। 1983 के विधानसभा चुनावों में टीडीपी की ऐतिहासिक जीत ने आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के दशकों पुराने वर्चस्व को समाप्त किया और एनटीआर राज्य के पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने।
एनटीआर की सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियाँ क्या थीं?
एनटीआर सरकार को जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए व्यापक सराहना मिली। इनमें ₹2 प्रति किलोग्राम की दर से रियायती चावल उपलब्ध कराने की योजना और कई ग्रामीण विकास पहलें प्रमुख थीं। ये योजनाएँ गरीब और वंचित वर्गों को सीधा लाभ पहुँचाने के लिए बनाई गई थीं।
चंद्रबाबू नायडू का एनटीआर से क्या संबंध है?
चंद्रबाबू नायडू एनटीआर के दामाद हैं। 1995 में नायडू ने बहुमत विधायकों के समर्थन से टीडीपी की कमान अपने हाथों में ली और एनटीआर की जगह मुख्यमंत्री बने। वर्तमान में नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं और एनडीए गठबंधन के अहम सहयोगी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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