पीवी नरसिम्हा राव की 105वीं जयंती: PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, भारत रत्न और कुशल प्रशासन को किया याद
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 जून 2025 को पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की 105वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके नेतृत्व, बौद्धिक कौशल और राष्ट्र-निर्माण में अमूल्य योगदान को रेखांकित किया। मोदी ने इस अवसर पर यह भी स्मरण कराया कि इसी वर्ष की शुरुआत में उनकी सरकार ने राव को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से विभूषित किया था।
PM मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा: 'मैं पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव गारू को उनकी जयंती पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूं। उन्हें उनके कुशल नेतृत्व और बुद्धिमत्ता के लिए याद किया जाता है। यह हमारी सरकार के लिए सम्मान का विषय है कि राष्ट्र के लिए उनके समृद्ध योगदान को मान्यता देते हुए हमने इस वर्ष की शुरुआत में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया।'
मोदी ने आगे लिखा कि नरसिम्हा राव ने देश के इतिहास के एक अत्यंत महत्वपूर्ण दौर में भारत की प्रगति में निर्णायक भूमिका निभाई। एक कुशल प्रशासक के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और एक विद्वान के तौर पर भारत की विविध संस्कृति की गहरी समझ रखते थे।
केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर लिखा: 'भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न पीवी नरसिम्हा राव की जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं। देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिखाने और आमजन के जीवन को सरल बनाने के अभिनव प्रयासों के लिए आपको सदैव याद किया जाएगा।'
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा: 'लोकप्रिय राजनेता व भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न पीवी नरसिम्हा राव की जयंती पर कोटिशः नमन। देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दिखाने के अभिनव प्रयासों के लिए आपको सदैव याद किया जाएगा।'
नरसिम्हा राव की विरासत
गौरतलब है कि पीवी नरसिम्हा राव ने 1991 से 1996 तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। उनके कार्यकाल में तत्कालीन वित्त मंत्री मनमोहन सिंह के साथ मिलकर किए गए ऐतिहासिक आर्थिक सुधारों ने भारत को लाइसेंस राज से मुक्त कर वैश्विक अर्थव्यवस्था से जोड़ा। यह ऐसे समय में आया था जब भारत गंभीर विदेशी मुद्रा संकट से जूझ रहा था।
राव बहुभाषाविद् थे और तेलुगु, हिंदी, अंग्रेज़ी सहित कई भाषाओं पर उनकी पकड़ थी। उनकी विद्वता और प्रशासनिक दक्षता आज भी नीति-निर्माताओं के लिए प्रेरणास्रोत मानी जाती है।
भारत रत्न सम्मान का संदर्भ
वर्तमान केंद्र सरकार ने 2024 में पीवी नरसिम्हा राव को मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया था — यह निर्णय राजनीतिक दलों की सीमाओं से परे उनकी स्वीकार्यता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने जयंती के अवसर पर इस सम्मान का उल्लेख कर उनकी विरासत को पुनः रेखांकित किया।
देश के नीति-निर्माण और आर्थिक इतिहास में नरसिम्हा राव का स्थान अप्रतिम है, और उनकी जयंती पर सत्तापक्ष के नेताओं की एकजुट श्रद्धांजलि इस बात की पुष्टि करती है।