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क्या सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं? कोलकाता गैंगरेप मामले में बंगाल की पुलिस फेल?

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क्या सुवेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं? कोलकाता गैंगरेप मामले में बंगाल की पुलिस फेल?

सारांश

कोलकाता में गैंगरेप की घटना ने ममता बनर्जी के शासन पर सवाल उठाए हैं। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस की भूमिका पर कड़ी आलोचना की है। जानें इस मामले की गंभीरता और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं।

मुख्य बातें

ममता बनर्जी की सरकार पर विपक्षी दलों द्वारा आरोप लगाए गए हैं।
पुलिस की भूमिका और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं।
गैंगरेप की घटनाएं बंगाल में लगातार बढ़ रही हैं।

कोलकाता, 8 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक लॉ स्टूडेंट के साथ हुए गैंगरेप का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर राज्य के विपक्षी दलों ने ममता बनर्जी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को निशाने पर लिया है।

कोलकाता गैंगरेप मामले में पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता और नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य के कॉलेजों में मौजूद पासआउट विद्यार्थी अपनी पार्टी की मदद से अनैतिक तरीके से अपना आधिपत्य बनाए हुए हैं। टीएमसी की सरकार ने उन्हें कैजुअल से परमानेंट बना दिया है, जो कॉलेज में हर प्रकार के अनैतिक कार्यों के लिए उत्तरदायी हैं।

उन्होंने आगे कहा कि बंगाल की वास्तविक स्थिति अत्यंत खराब है। हर महीने, हर हफ्ते, बंगाल के हर हिस्से में इस प्रकार की घटनाएं घटित होती हैं, और पुलिस की भूमिका बहुत ही नकारात्मक है। बंगाल की पुलिस राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में असफल है, जिसके कारण कई मामलों में अदालत को सीबीआई को जांच करने का आदेश देना पड़ता है। बंगाल की पुलिस का सिर्फ दो मुख्य एजेंडा है, पहला- मनी कलेक्ट करना और दूसरा- वोट की लूट करना

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पश्चिम बंगाल के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में लोग केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ तो उठाते हैं, लेकिन वोट नहीं देते हैं। इंडिया गठबंधन का एकमात्र उद्देश्य है भाजपा के हिंदुओं को बांटना। मोदी सरकार जाति-धर्म की परवाह किए बिना सभी लोगों तक विकास योजनाएं पहुंचा रही है। पश्चिम बंगाल के चुनाव में भाजपा को मुस्लिमों का 1 प्रतिशत से भी कम वोट मिलता है। मैं भी मुस्लिमों से वोट देने की अपील कर सकता हूँ, लेकिन फिर भी वे भाजपा को वोट नहीं देंगे।

इससे पहले भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने कोलकाता गैंगरेप केस को लेकर कहा था कि हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में यूनियन रूम नहीं होना चाहिए, उसे टीएमसी पार्टी का ऑफिस बना देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब चुनाव नहीं होते, तो यूनियन रूम खुला क्यों रहता है? वहां इस प्रकार के दुष्कर्मों के लिए? पहले इसे बंद करना चाहिए। जब तक यह रहेगा, ऐसी घटनाएं घटित होती रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था के हालात को भी उजागर करता है। विपक्षी दलों की आलोचनाओं का यह सिलसिला दिखाता है कि राजनीतिक वातावरण कितनी गंभीरता से इस मुद्दे को ले रहा है।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोलकाता गैंगरेप मामला क्या है?
यह मामला एक लॉ स्टूडेंट के साथ हुए गैंगरेप की घटना से संबंधित है, जो कोलकाता में घटित हुई।
सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले में क्या कहा?
उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार और पुलिस की भूमिका पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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