क्या सीलिएक की दवा बच्चों के पोस्ट कोविड सिंड्रोम इलाज में मददगार हो सकती है?

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क्या सीलिएक की दवा बच्चों के पोस्ट कोविड सिंड्रोम इलाज में मददगार हो सकती है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि सीलिएक रोग के इलाज के लिए बनी दवा 'लाराजोटाइड' कोविड-19 के बाद बच्चों में गंभीर पोस्ट-कॉविड सिंड्रोम के इलाज में मदद कर सकती है? एक नए अध्ययन में सामने आई इस जानकारी के बारे में जानें।

मुख्य बातें

लाराजोटाइड दवा बच्चों में पोस्ट कोविड सिंड्रोम के इलाज में सहायक है।
यह दवा सुरक्षित और प्रभावी है।
अध्ययन में 12 बच्चों पर डबल-ब्लाइंड ट्रायल किया गया।
लाराजोटाइड ने बच्चों के पेट के लक्षण जल्दी ठीक किए।
यह दवा सार्स-कोविड-2 वायरस कणों को रक्त में जाने से रोकती है।

नई दिल्ली, 31 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। सीलिएक रोग (एक ऑटोइम्यून बीमारी जो आंतों को प्रभावित करती है) के उपचार के लिए विकसित की गई दवा 'लाराजोटाइड' उन बच्चों के लिए लाभकारी हो सकती है, जो कोविड-19 के बाद गंभीर पोस्ट-कोविड सिंड्रोम का सामना कर रहे हैं। यह जानकारी एक हालिया अध्ययन में सामने आई है।

यह अध्ययन 'साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

कोविड-19 का प्रभाव बच्चों में अपेक्षाकृत कम होता है, लेकिन कुछ मामलों में यह मल्टीसिस्टम इन्फ्लेमेटरी सिंड्रोम इन चिल्ड्रन (एमआईएस-सी) का कारण बन सकता है। यह एक गंभीर स्थिति है, जिसमें तेज बुखार, पेट में समस्या और दिल को नुकसान जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

इस अध्ययन में यह पाया गया कि लाराजोटाइड ने एमआईएस-सी से प्रभावित बच्चों को सामान्य गतिविधियों में जल्दी लौटने में सहायता की।

मास जनरल ब्रिघम के सिस्टिक फाइब्रोसिस सेंटर की सह-निदेशक और प्रमुख शोधकर्ता लाएल योनकर ने कहा, “हमारा अध्ययन भले ही छोटा है, लेकिन इसके परिणाम अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। यह न केवल एमआईएस-सी बल्कि लॉन्ग कोविड के उपचार में भी सहायक हो सकता है।”

उन्होंने बताया कि लाराजोटाइड सुरक्षित है और यह बच्चों में एमआईएस-सी के लक्षणों को तेजी से कम करने में सक्षम है।

वर्तमान में एमआईएस-सी के इलाज के विकल्प सीमित हैं। कुछ मामलों में सामान्य सूजन-रोधी दवाएं दी जाती हैं, लेकिन इनका प्रयोग समाप्त होने पर लक्षण पुनः उभर सकते हैं। ये दवाएं आंतों में मौजूद सार्स-कोविड-2 वायरस कणों को लक्षित नहीं करती हैं। जबकि, लाराजोटाइड एक मौखिक दवा है, जो आंतों की दीवार को मजबूत करती है और वायरस कणों को रक्त में जाने से रोकती है।

शोधकर्ताओं ने 12 बच्चों पर एक डबल-ब्लाइंड क्लिनिकल ट्रायल किया। बच्चों को 21 दिनों तक रोजाना चार बार लाराजोटाइड या प्लेसिबो दिया गया और छह महीने तक उनकी निगरानी की गई। लाराजोटाइड लेने वाले बच्चों में पेट के लक्षण जल्दी ठीक हुए, वायरस कण तेजी से समाप्त हुए और वे जल्दी सामान्य जीवन में लौट आए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे हमें नए उपचार विकल्पों की खोज में सहायता मिलेगी। हमें उम्मीद है कि चिकित्सा समुदाय इस दिशा में और शोध करेगा।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या लाराजोटाइड सभी बच्चों के लिए सुरक्षित है?
जी हां, अध्ययन में यह पाया गया है कि लाराजोटाइड बच्चों में सुरक्षित है।
इस दवा का प्रयोग कब किया जा सकता है?
यह दवा कोविड-19 के बाद गंभीर पोस्ट कोविड सिंड्रोम के लक्षणों में उपयोग की जा सकती है।
लाराजोटाइड का क्या प्रभाव पड़ता है?
यह दवा बच्चों में एमआईएस-सी के लक्षणों को तेजी से कम करती है।
राष्ट्र प्रेस
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