क्या अल्सरेटिव कोलाइटिस पेट की आम समस्याओं में छिपा सच है? जानिए आयुर्वेदिक उपाय
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। अल्सरेटिव कोलाइटिस एक ऐसा रोग है, जो अक्सर पेट की सामान्य समस्याओं की तरह दिखाई देता है, लेकिन इसके पीछे आंतों में क्रॉनिक सूजन छिपी होती है। यह बड़ी आंत और रेक्टम को प्रभावित करता है और बार-बार पतले दस्त, खून के साथ मल, पेट में मरोड़ या दर्द, वजन घटने, भूख न लगना, कमजोरी और कभी-कभी बुखार जैसे लक्षण दिखाता है।
आयुर्वेद के अनुसार, इस रोग का मुख्य कारण पित्त और वात दोष की वृद्धि है। पाचन शक्ति कमजोर होने से आंतों में सूजन और घाव बनते हैं। इसे संतुलित करने के लिए शीतल, पौष्टिक और दोष शांत करने वाले आहार की सलाह दी जाती है। कुछ आयुर्वेदिक औषधियां जैसे कुटजघन वटी, एलोवेरा रस, बेल फल, ईसबगोल, मुस्ता, सूतशेखर रस और कमदुधा रस आंतों की सूजन और दर्द कम करने में मदद करती हैं।
घरेलू उपाय भी काफी लाभकारी हैं। सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ एक चम्मच ईसबगोल, रोज बेल का शरबत या पल्प, छाछ में पुदीना और सेंधा नमक और दिन में दो बार एलोवेरा और आंवला रस मिलाकर पीना बहुत फायदेमंद होता है।
मसालेदार, खट्टे या बहुत गर्म भोजन से बचना चाहिए। आहार में दलिया, मूंग दाल खिचड़ी, उबली सब्जियां, नारियल पानी, छाछ और बेल शरबत शामिल करना चाहिए।
इसके साथ ही अपनी जीवनशैली में भी सुधार करें। नियमित योग और हल्की एक्सरसाइज जैसे वज्रासन, पवनमुक्तासन और भुजंगासन करें। साथ ही, तनाव कम लें, पर्याप्त नींद लें और सुबह हल्की सैर करें, क्योंकि किसी भी बीमारी या समस्या से छुटकारा पाने के लिए जीवनशैली में संतुलन बनाकर रखना बहुत जरूरी है।
वैज्ञानिक दृष्टि