नकली फिल्म कंपनियों से अमेरिका में मानव तस्करी: पाकिस्तानी नागरिक अब्बास अली हैदर ने कबूला जुर्म
सारांश
Key Takeaways
अमेरिकी न्याय विभाग (U.S. Department of Justice) ने खुलासा किया है कि पाकिस्तानी नागरिक अब्बास अली हैदर ने नकली फिल्म प्रोडक्शन कंपनियों की आड़ में एक अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी नेटवर्क संचालित किया। सियालकोट के रहने वाले 49 वर्षीय हैदर ने अदालत में स्वीकार किया कि वह पाकिस्तानी नागरिकों को लैटिन अमेरिका के रास्ते अमेरिका-मेक्सिको सीमा तक पहुँचाने का काम करता था। यह मामला 1 मई 2026 को वॉशिंगटन से सामने आया।
कैसे काम करता था नेटवर्क
अदालती दस्तावेज़ों के अनुसार, हैदर ने 'डायमंड टीवी वर्ल्ड प्रोडक्शंस' और 'मल्टीमीडिया एडवरटाइजिंग लिमिटेड' नाम की दो फर्जी कंपनियाँ स्थापित की थीं। इन कंपनियों के ज़रिए वह लोगों के लिए बिजनेस ट्रैवल वीज़ा का प्रबंध करता था, जिसमें कागज़ों पर उन्हें फिल्म प्रोजेक्ट पर काम करने वाले कर्मचारी दर्शाया जाता था।
सितंबर 2019 से सितंबर 2023 के बीच, हैदर ने इस नेटवर्क के ज़रिए लोगों को इक्वाडोर, क्यूबा और कोलंबिया तक पहुँचाया। वास्तव में इन लोगों का एकमात्र उद्देश्य अमेरिका में अवैध प्रवेश करना था।
अमेरिकी सीमा में अवैध प्रवेश का रास्ता
सरकारी वकीलों के मुताबिक, लैटिन अमेरिका पहुँचने के बाद इन लोगों को अमेरिका के दक्षिणी बॉर्डर तक ले जाया जाता था। वहाँ से वे गैरकानूनी तरीके से कैलिफोर्निया, टेक्सास और एरिजोना में प्रवेश करते थे। हैदर इस पूरी प्रक्रिया के लिए प्रत्येक व्यक्ति से लगभग 40,000 डॉलर (करीब ₹33 लाख) तक वसूलता था।
गौरतलब है कि यह राशि पाकिस्तान के औसत वार्षिक आय के कई गुना अधिक है, जो दर्शाती है कि नेटवर्क केवल आर्थिक रूप से सक्षम परिवारों को ही लक्षित करता था।
गिरफ्तारी और दोष स्वीकारोक्ति
जुलाई 2025 में मैक्सिको से अमेरिका प्रत्यर्पित किए जाने के बाद, हैदर ने गैरकानूनी तरीके से लोगों को अमेरिका लाने और इससे आर्थिक लाभ कमाने की साजिश का दोष कबूल कर लिया। उसकी सज़ा 30 जुलाई को फेडरल कोर्ट द्वारा तय की जाएगी।
अमेरिकी कानून के तहत उसे न्यूनतम 3 वर्ष और अधिकतम 10 वर्ष की कैद हो सकती है। अंतिम सज़ा फेडरल जज तय करेगा, जो संबंधित कानूनी प्रावधानों और परिस्थितियों को ध्यान में रखेगा।
जाँच में शामिल एजेंसियाँ
इस मामले की जाँच में अमेरिकी न्याय विभाग, एरिजोना के यूएस अटॉर्नी ऑफिस, होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस (HSI), बॉर्डर पेट्रोल, एफबीआई, कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) और इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) ने संयुक्त रूप से भाग लिया। मैक्सिकन एजेंसियों ने भी हैदर की गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण में सहयोग किया।
यह मामला उस बड़े पैटर्न की ओर इशारा करता है जिसमें दक्षिण एशियाई नागरिकों की तस्करी के लिए व्यावसायिक आड़ का इस्तेमाल तेज़ी से बढ़ रहा है — और अमेरिकी एजेंसियाँ अब इस तरह के नेटवर्क पर अधिक सक्रियता से नज़र रख रही हैं।