10 अगस्त 2026
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दिग्विजय सिंह की CM मोहन यादव और जीतू पटवारी से मुलाकात, मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल

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दिग्विजय सिंह की CM मोहन यादव और जीतू पटवारी से मुलाकात, मध्य प्रदेश की सियासत में हलचल

सारांश

दिग्विजय सिंह की एक दिन में दो अहम बैठकें — पहले CM मोहन यादव से, फिर बंद कमरे में जीतू पटवारी से — ने मध्य प्रदेश की सियासत में नई अटकलों को जन्म दे दिया। राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने और दतिया उपचुनाव की पृष्ठभूमि में यह घटनाक्रम कांग्रेस के बदलते समीकरणों का संकेत माना जा रहा है।

मुख्य बातें

दिग्विजय सिंह ने 1 मई 2026 को भोपाल में CM मोहन यादव से मुलाकात कर गेहूं खरीदी की समस्याओं का मुद्दा उठाया।
CM यादव ने बताया कि 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदी के स्लॉट पहले ही बुक हो चुके हैं।
शाम को जीतू पटवारी और राज्यसभा सांसद अशोक सिंह के साथ बंद कमरे में बैठक हुई, जिसका एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया।
एक दिन पहले कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की बैठक में दोनों नेताओं के बीच वाल्मीकि-बसोड़ समुदाय प्रतिनिधित्व पर हल्की नोकझोंक हुई थी।
दिग्विजय सिंह राज्यसभा में अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर चुके हैं और संकेत दिया है कि वह तीसरा कार्यकाल नहीं चाहेंगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार, 1 मई 2026 को भोपाल में बैठकों की एक शृंखला की, जिसने मध्य प्रदेश के सियासी हलकों में अटकलों का दौर तेज कर दिया। पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात और फिर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ बंद कमरे में हुई चर्चा ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।

मुख्यमंत्री निवास पर मुलाकात

घटनाक्रम की शुरुआत शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री निवास पर हुई, जहाँ दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की। इस बैठक में दिग्विजय सिंह ने किसानों से जुड़े मुद्दे, विशेषकर गेहूं खरीदी की मौजूदा प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों को प्रमुखता से उठाया।

मुलाकात के बाद दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री को किसानों की परेशानियों से अवगत कराया और गेहूं खरीदी सुचारु रूप से हो सके, इसके लिए समय पर समाधान की जरूरत पर जोर दिया। मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदी के स्लॉट पहले ही बुक किए जा चुके हैं और प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं पर नजर रखी जा रही है।

इस मुलाकात के दौरान दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री यादव को अपने गृह नगर राघौगढ़ में इस महीने के अंत में होने वाले एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया।

जीतू पटवारी के साथ बंद कमरे में बैठक

शाम होते-होते सियासी हलचल दिग्विजय सिंह के निवास पर पहुँच गई, जहाँ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने उनसे बंद कमरे में मुलाकात की। इस बैठक में राज्यसभा सांसद अशोक सिंह भी मौजूद थे।

दिग्विजय सिंह के कार्यालय ने बैठक की पुष्टि की और जीतू पटवारी के निवास से निकलने का एक छोटा वीडियो भी जारी किया, लेकिन चर्चा का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया। इससे बैठक के मकसद को लेकर अटकलें और तेज हो गईं।

एक दिन पहले की नोकझोंक का संदर्भ

यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि एक दिन पहले गुरुवार को कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की बैठक में दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी के बीच हल्की नोकझोंक देखने को मिली थी। उस बैठक में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस में वाल्मीकि और बसोड़ समुदाय को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का मुद्दा उठाया था और ज्यादा भागीदारी की वकालत की थी।

उन्होंने जीतू पटवारी के केंद्रीय नेतृत्व से बेहतर तालमेल का जिक्र करते हुए कहा था कि संगठनात्मक मामलों में उन्हें काफी फ्री हैंड मिला हुआ है। इस पर जीतू पटवारी ने सम्मानजनक अंदाज में कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

चेले शक्कर हो गए' जैसी टिप्पणी कांग्रेस के भीतर पीढ़ीगत तनाव को उजागर करती है। असली सवाल यह है कि राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस का अगला उम्मीदवार कौन होगा — और क्या दिग्विजय सिंह का 'संन्यास' वाकई अंतिम है या सौदेबाजी की रणनीति। दतिया उपचुनाव की पृष्ठभूमि में यह अंदरूनी समीकरण पार्टी की एकजुटता की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव से मुलाकात में क्या मुद्दे उठाए?
दिग्विजय सिंह ने CM मोहन यादव से मुलाकात में किसानों की गेहूं खरीदी प्रक्रिया में आ रही दिक्कतों का मुद्दा उठाया और समय पर समाधान की माँग की। CM यादव ने बताया कि 80 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदी के स्लॉट पहले ही बुक हो चुके हैं।
जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह की बंद कमरे की बैठक क्यों चर्चा में है?
यह बैठक इसलिए चर्चा में है क्योंकि एक दिन पहले दोनों नेताओं के बीच कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की बैठक में हल्की नोकझोंक हुई थी। बैठक का एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे अटकलें और तेज हो गईं।
दिग्विजय सिंह के राज्यसभा कार्यकाल की क्या स्थिति है?
दिग्विजय सिंह हाल ही में राज्यसभा में अपना लगातार दूसरा कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। उन्होंने संकेत दिया है कि वह अब एक और कार्यकाल नहीं चाहेंगे, हालाँकि कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान नहीं किया है।
कांग्रेस अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ की बैठक में क्या हुआ था?
गुरुवार को हुई इस बैठक में दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस में वाल्मीकि और बसोड़ समुदाय को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने का मुद्दा उठाया। जीतू पटवारी ने 'मैं आपका शिष्य हूँ' कहकर जवाब दिया, जिस पर दिग्विजय सिंह ने कहा, 'गुरु गुड़ ही रहे, चेले शक्कर हो गए।'
यह राजनीतिक घटनाक्रम किस संदर्भ में महत्वपूर्ण है?
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कांग्रेस राज्यसभा चुनाव और दतिया विधानसभा उपचुनाव जैसे आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों की तैयारी में जुटी है। इस पृष्ठभूमि में पार्टी के भीतर समीकरणों का यह खेल अहम माना जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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