श्रीगंगानगर: BJP विधायक जयदीप बिहानी पर RUIDP इंजीनियर से मारपीट का आरोप, गहलोत ने माँगी निष्पक्ष जाँच
सारांश
Key Takeaways
श्रीगंगानगर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक जयदीप बिहानी और राजस्थान अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (RUIDP) के अधिकारियों के बीच विवाद शुक्रवार, 1 मई को और गहरा गया, जब सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक पर शारीरिक हमले के आरोप लगाए और मीडिया के सामने अपनी चोटें दिखाईं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना को गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार से तत्काल निष्पक्ष जाँच की माँग की है।
मुख्य घटनाक्रम
बैरवा के अनुसार, गुरुवार सुबह उन्हें एस.डी. बिहानी कॉलेज परिसर में स्थित विधायक के सेवा केंद्र में बुलाया गया था। शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे विधायक के नंबर से फोन आया और तुरंत आने को कहा गया।
बैरवा ने आरोप लगाया, ''जब मैं शहनवाज हसन और सोहम परमार के साथ वहाँ पहुँचा, तब विधायक अपनी गाड़ी में बैठे थे। जैसे ही मैं उनके पास पहुँचा, उन्होंने मुझे थप्पड़ मारना शुरू कर दिया और गालियाँ देने लगे। इसके बाद उनके समर्थकों ने मुझे जमीन पर गिरा दिया, लात मारी और पाइप से पीटा।'' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के बाद उन्हें नई शर्ट पहनाकर पुलिस के सामने पेश किया गया, ताकि मामला हल्का दिखे।
बैरवा फटी बनियान में मीडिया के सामने आए और अपनी चोटें दिखाईं। उल्लेखनीय है कि एलएंडटी मैनेजर शहनवाज हसन और इंजीनियर सोहम परमार को शुक्रवार को जमानत मिल गई और रिहाई के बाद तीनों ने जिला परिषद कार्यालय में मीडिया से बात की।
दलित कोण और संवेदनशीलता
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस मामले में एक और अहम पहलू उठाया — पीड़ित अधिकारी जगनलाल बैरवा दलित समुदाय से हैं। गहलोत ने कहा, ''दलित समाज के किसी व्यक्ति से जुड़ी घटना को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से लिया जाना चाहिए।''
उन्होंने यह भी कहा, ''यह बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। सरकारी अधिकारियों को खुद सामने आकर आरोप लगाने और चोटें दिखाने की नौबत आना कई सवाल खड़े करता है।''
इंजीनियर परिषद की प्रतिक्रिया
राजस्थान डिप्लोमा इंजीनियर्स परिषद ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष बलराम जाखड़ ने आरोप लगाया कि इंजीनियरों को बैठक के बहाने बुलाया गया और फिर उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि घटना की रिकॉर्डिंग न हो सके, इसके लिए उनके मोबाइल भी कथित तौर पर छीन लिए गए।
जाखड़ ने चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो राजस्थान भर के इंजीनियर काम का बहिष्कार करेंगे और राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे।
विधायक का पक्ष और जाँच की माँग
गौरतलब है कि विधायक जयदीप बिहानी ने भी अधिकारियों पर मारपीट का प्रतिआरोप लगाया है और अपनी ओर से शिकायत दर्ज कराई है। यह विवाद विधायक की जनसुनवाई के दौरान सामने आया था।
बैरवा ने विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कर सख्त कार्रवाई की माँग की है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर मोनिंद्रजीत सिंह और एईएन कृष्णा धारीवाल का नाम भी घटनाक्रम में सामने आया है। गहलोत ने राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर पारदर्शी जाँच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है।
यह मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर तूल पकड़ चुका है — आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और सरकार की प्रतिक्रिया तय करेगी कि इस विवाद का अंत कहाँ होता है।