मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना का उद्घाटन: शिंदे बोले — 'असंभव' को संभव करना महायुति का मूलमंत्र

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मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना का उद्घाटन: शिंदे बोले — 'असंभव' को संभव करना महायुति का मूलमंत्र

सारांश

₹7,000 करोड़ की मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना के उद्घाटन पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने MVA पर निशाना साधा और महायुति को विकास का रथवाहक बताया। 182 मीटर ऊँचा टाइगर वैली पुल अब गिनीज़ रिकॉर्ड में दर्ज — और मुंबई-पुणे यात्रा 40 मिनट छोटी।

Key Takeaways

मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना का उद्घाटन 1 मई 2026 को पुणे में हुआ। परियोजना की कुल लागत लगभग ₹7,000 करोड़ है। टाइगर वैली में निर्मित 182 मीटर ऊँचा पुल भारत का सबसे ऊँचा पुल है और गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज। मुंबई-पुणे यात्रा समय 30 से 40 मिनट तक कम होगा। प्रतिदिन ईंधन लागत में ₹1 करोड़ से अधिक की बचत का अनुमान। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने MVA पर परियोजना को रद्द करने की कोशिश का आरोप लगाया।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 1 मई 2026 को पुणे में मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना के उद्घाटन समारोह में महा विकास अघाड़ी (MVA) पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने महाराष्ट्र की प्रगति की कड़ी को नज़रअंदाज़ किया था। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान महायुति सरकार ने न केवल उस कड़ी को बहाल किया, बल्कि राज्य के भविष्य के लिए एक हाई-स्पीड कॉरिडोर भी तैयार किया।

परियोजना की मुख्य विशेषताएँ

लगभग ₹7,000 करोड़ की लागत से पूरी हुई यह परियोजना खंडाला घाट खंड में वर्षों से चली आ रही यातायात की भीड़ को दूर करने के उद्देश्य से बनाई गई है। इसके चालू होने से मुंबई और पुणे के बीच यात्रा का समय 30 से 40 मिनट तक कम हो जाएगा। परियोजना का सबसे आकर्षक हिस्सा टाइगर वैली में निर्मित 182 मीटर ऊँचा पुल है, जो भारत का सबसे ऊँचा पुल है और अब गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो चुका है।

आर्थिक लाभ और ईंधन बचत

शिंदे ने कहा कि इस परियोजना से निवेश से कहीं अधिक आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है। ईंधन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और अनुमान है कि प्रतिदिन ईंधन लागत में ₹1 करोड़ से अधिक की बचत होगी। गौरतलब है कि खंडाला घाट पर लगने वाले जाम के कारण न केवल यात्रियों का समय बर्बाद होता था, बल्कि ईंधन की भारी बर्बादी भी होती थी।

MVA पर राजनीतिक हमला

पिछली सरकार के 'वर्क फ्रॉम होम' कल्चर पर कटाक्ष करते हुए उपमुख्यमंत्री शिंदे ने आरोप लगाया कि MVA ने इस परियोजना को दरकिनार किया था और इसे रद्द करने पर भी विचार किया गया था। उन्होंने कहा,

Point of View

000 करोड़ के निवेश और प्रतिदिन ₹1 करोड़ की ईंधन बचत के दावों को स्वतंत्र आर्थिक सत्यापन की ज़रूरत है। असली कसौटी यह होगी कि यह परियोजना खंडाला घाट की दीर्घकालिक यातायात समस्या को कितने वर्षों तक हल कर पाती है।
NationPress
01/05/2026

Frequently Asked Questions

मुंबई-पुणे मिसिंग लिंक परियोजना क्या है?
यह मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर खंडाला घाट खंड में बनाई गई एक बुनियादी ढाँचा परियोजना है, जिसकी लागत लगभग ₹7,000 करोड़ है। इसका उद्देश्य घाट पर लंबे समय से चली आ रही यातायात की भीड़ को समाप्त करना और मुंबई-पुणे के बीच यात्रा को तेज़ व सुरक्षित बनाना है।
टाइगर वैली पुल को गिनीज़ रिकॉर्ड क्यों मिला?
टाइगर वैली में निर्मित यह पुल 182 मीटर ऊँचा है, जो इसे भारत का सबसे ऊँचा पुल बनाता है। इसी उपलब्धि के कारण इसे गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।
इस परियोजना से यात्रियों को क्या फायदा होगा?
मुंबई और पुणे के बीच यात्रा का समय 30 से 40 मिनट तक कम हो जाएगा। इसके अलावा ईंधन दक्षता में वृद्धि होगी और प्रतिदिन ₹1 करोड़ से अधिक की ईंधन लागत बचत का अनुमान है।
एकनाथ शिंदे ने MVA पर क्या आरोप लगाए?
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने आरोप लगाया कि MVA सरकार ने इस परियोजना को दरकिनार किया था और इसे रद्द करने पर भी विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि महायुति सरकार ने इस 'असंभव' परियोजना को संभव करके दिखाया।
इस परियोजना का ऐतिहासिक महत्व क्या है?
शिंदे के अनुसार यह परियोजना दिवंगत बालासाहेब ठाकरे का सपना था और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसे साकार किया। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी उपस्थित थे।
Nation Press