प्राकृतिक संसाधनों पर संप्रभुता का सम्मान आवश्यक: चीनी प्रतिनिधि का बयान

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प्राकृतिक संसाधनों पर संप्रभुता का सम्मान आवश्यक: चीनी प्रतिनिधि का बयान

सारांश

चीनी प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने कहा है कि किसी देश को अपने प्राकृतिक संसाधनों पर संप्रभुता का अधिकार है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस अधिकार का सम्मान करने की अपील की। जानें क्या है इस बयान का महत्व।

मुख्य बातें

प्राकृतिक संसाधनों पर संप्रभुता का सम्मान आवश्यक है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सहयोग बढ़ाना चाहिए।
ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हो रहा है।
मध्य पूर्व की स्थिति गंभीर है।
अवैध खनन और तस्करी से निपटने की आवश्यकता है।

बीजिंग, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। संयुक्त राष्ट्र में चीन के स्थाई प्रतिनिधि फू थ्सोंग ने 5 मार्च को "ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज और सुरक्षा" पर सुरक्षा परिषद की एक खुली बैठक में यह बताया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों के अनुसार, किसी भी देश को अपने प्राकृतिक संसाधनों पर संप्रभुता का पूरा अधिकार प्राप्त है और वह इन्हें प्रबंधित करने वाली मुख्य संस्था होती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्राकृतिक संसाधनों पर देश की संप्रभुता का पूर्ण सम्मान करना आवश्यक है।

फू थ्सोंग ने कहा कि वर्तमान में वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से परिवर्तन हो रहा है, कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी नई तकनीकों का विकास हो रहा है, तथा प्रमुख खनिजों की मांग में निरंतर वृद्धि हो रही है। दुनिया एक नई उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है, और ऊर्जा तथा प्रमुख खनिज की आपूर्ति और मांग के बीच का संतुलन और भी तनावपूर्ण होता जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को वैश्विक आर्थिक विकास में योगदान देने के लिए एक स्थिर और मजबूत संसाधन आपूर्ति श्रृंखला और उद्योग श्रृंखला को विकसित करने के लिए एकजुटता और सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।

फू थ्सोंग ने आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। मध्य पूर्व की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। चीन सभी पक्षों से अपील करता है कि वे तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकें, तनाव को बढ़ने से रोकें, और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अस्थिरता के प्रभाव को कम करें। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अफ्रीकी देशों और अन्य देशों के साथ मिलकर काम करना चाहिए ताकि "खनिज से संबंधित समस्याओं" का समाधान किया जा सके, अवैध खनन और तस्करी से निपटा जा सके, और संघर्ष के मूल कारणों को हल किया जा सके।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फू थ्सोंग ने संसाधनों पर संप्रभुता के बारे में क्या कहा?
फू थ्सोंग ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार, किसी भी देश को अपने प्राकृतिक संसाधनों पर संप्रभुता का अधिकार है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय को क्या करना चाहिए?
अंतरराष्ट्रीय समुदाय को प्राकृतिक संसाधनों पर देश की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए और सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।
क्या वर्तमान में ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव हो रहा है?
हाँ, वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी नई तकनीकों का विकास हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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