वांग यी और फ्रांसीसी सलाहकार के बीच फोन पर मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा
सारांश
Key Takeaways
- मध्य पूर्व की स्थिति पर गहन चर्चा
- चीन और फ्रांस के बीच सहयोग की आवश्यकता
- संयुक्त राष्ट्र की भूमिका का महत्व
- तनाव कम करने के ठोस उपायों पर जोर
- वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता प्रभावित
बीजिंग, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और केंद्रीय विदेश मामलों के आयोग के कार्यालय के निदेशक वांग यी ने 20 मार्च को फ्रांस के राष्ट्रपति के विदेश मामलों के सलाहकार इमैनुएल बोन्ने के साथ फोन पर मध्य पूर्व की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा की।
दोनों पक्षों ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव, संघर्ष के प्रसार और इसके वैश्विक प्रभावों के प्रति गहरी चिंता व्यक्त की और समाधान के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
इमैनुएल बोन्ने ने ईरान और लेबनान सहित मध्य पूर्व की मौजूदा परिस्थितियों पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि फ्रांस और चीन दोनों ऐसी महत्वपूर्ण शक्तियां हैं जो संयुक्त राष्ट्र की भूमिका का समर्थन करती हैं, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करती हैं, और संवाद के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने के पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में, दोनों देशों को मिलकर तनाव कम करने और वार्ता को पुनः आरंभ करने के लिए ठोस रास्ता खोजना चाहिए।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली को बढ़ावा देने के लिए इस मुद्दे पर चीन के साथ अपने संवाद और सहयोग को और अधिक मजबूत करने के लिए तत्पर है।
वांग यी ने इस दौरान चीन का दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए कहा कि मध्य पूर्व की स्थिति निरंतर बिगड़ती जा रही है और संघर्ष का दायरा बढ़ता जा रहा है, जिससे न केवल वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की स्थिरता प्रभावित हो रही है, बल्कि एक गंभीर मानवीय संकट भी उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के रूप में चीन और फ्रांस की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। दोनों देशों को रणनीतिक संचार और समन्वय को मजबूत करना चाहिए, संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का दृढ़ता से पालन करना चाहिए, और विश्व व्यवस्था को तथाकथित "जंगल के कानून" की ओर लौटने से रोकने के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)