वांग यी ने मिस्र और क्यूबा के विदेश मंत्रियों से की महत्वपूर्ण फोन वार्ता
सारांश
Key Takeaways
- चीन और मिस्र दोनों ने वार्ता के माध्यम से समस्याओं के समाधान पर जोर दिया।
- मिस्र ने क्षेत्रीय स्थिरता के लिए संयम बरतने की अपील की।
- क्यूबा ने चीन के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।
- वार्ता का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान था।
- चीन ने शांति की स्थापना में रचनात्मक भूमिका निभाने का आश्वासन दिया।
बीजिंग, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने १२ मार्च को मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अबदलती के साथ फोन पर बातचीत की।
इस अवसर पर बद्र अबदलती ने क्षेत्रीय स्थिति का विवरण दिया और बताया कि मिस्र युद्ध के हालात को लेकर गहरी चिंता में है। हाल ही में यूएन सुरक्षा परिषद ने एक प्रस्ताव पारित किया है। मिस्र सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह करता है ताकि क्षेत्रीय उथल-पुथल और न बढ़े। मिस्र चीन के संतुलित और निष्पक्ष दृष्टिकोण की सराहना करता है और स्थिति को शीघ्र शिथिल करने के लिए चीन के साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहता है।
वहीं, वांग यी ने चीन का सैद्धांतिक रुख दोहराते हुए कहा कि जिम्मेदार देशों के रूप में चीन और मिस्र दोनों ही वार्ता के माध्यम से क्षेत्रीय समस्याओं का समाधान चाहते हैं और बल प्रयोग का विरोध करते हैं। मध्य-पूर्व में चल रहा युद्ध स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्याएँ उत्पन्न करेगा, क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँचाएगा और अंतर्राष्ट्रीय व क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरे में डालेगा। युद्धविराम अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सामूहिक अपेक्षा है। चीन, मिस्र समेत क्षेत्रीय देशों के साथ संपर्क और समन्वय बनाए रखना चाहता है ताकि शांति की स्थापना में एक रचनात्मक भूमिका निभाई जा सके।
इसके अलावा, वांग यी ने क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिगेज के साथ भी फोन पर बातचीत की। रोड्रिगेज ने मौजूदा स्थिति की जानकारी दी और चीन के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों को और आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)