मिस्र ने क्षेत्र में शांति के लिए किया आग्रह, ईरान-इजरायल तनाव को लेकर चिंता
सारांश
Key Takeaways
- मिस्र ने ईरान-इजरायल तनाव के बीच शांति बनाए रखने की अपील की।
- बद्र अब्देलती ने क्षेत्र के अन्य विदेश मंत्रियों से बातचीत की।
- संघर्ष को फैलने से रोकने के लिए संवाद और कूटनीति की आवश्यकता है।
- सिसी ने युद्ध रोकने के लिए मध्यस्थता का प्रयास करने का आश्वासन दिया।
- मिस्र की स्थिति आपातकाल जैसी है, आवश्यकताओं का ध्यान रखना जरूरी है।
काहिरा, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच, मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने बुधवार को क्षेत्र में शांति बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने जॉर्डन, बहरीन और ईरान के अपने समकक्षों के साथ फोन पर चर्चा की।
बद्र अब्देलती ने जॉर्डन, बहरीन और ईरान के विदेश मंत्रियों से बात की और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह अपील अमेरिका-इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और तेहरान की संभावित प्रतिक्रिया के बाद की गई।
मिस्र के विदेश मंत्रालय के अनुसार, फोन वार्ता के दौरान अब्देलती ने कहा कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को बढ़ावा देना आवश्यक है ताकि तनाव को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने कहा कि संवाद और कूटनीति का सहारा लेकर संघर्ष के विस्तार को रोकने की आवश्यकता है।
शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि सैन्य कार्रवाई बढ़ने से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता खतरे में पड़ सकती है। उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास तेज करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
अब्देलती और ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने क्षेत्र की गंभीर स्थिति पर चर्चा की और कहा कि संघर्ष को पड़ोसी देशों तक फैलने से रोकना बेहद आवश्यक है।
अब्देलती ने अच्छे पड़ोसी संबंधों और देशों की संप्रभुता के सम्मान की भी बात की। उन्होंने कहा कि तनाव को कम करने का एकमात्र उपाय कूटनीति है।
5 मार्च को मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल-फतह अल-सिसी ने अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमलों से उत्पन्न संकट पर चर्चा की। राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, उन्होंने कहा कि मिस्र युद्ध रोकने के लिए मध्यस्थता का प्रयास कर रहा है।
मिस्र की सैन्य अकादमी में आयोजित समारोह में सिसी ने कहा कि यह युद्ध गलत आकलन और गलत फैसलों का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में मिस्र ने कई कठिन परिस्थितियों और चुनौतियों का सामना किया है, लेकिन देश ने आरोपों और साजिशों के बावजूद धैर्य बनाए रखा है।
सिसी ने चेतावनी दी कि मौजूदा संकट से कीमतों पर असर पड़ सकता है और लोगों से अपील की कि कोई भी इस स्थिति का फायदा उठाकर कीमतें न बढ़ाए।
उन्होंने यह भी कहा कि मिस्र लगभग आपातकाल जैसी स्थिति में है और लोगों की आवश्यक जरूरतों से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए।