जॉर्डन के राजदूत ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम का स्वागत किया, खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की की निंदा

Click to start listening
जॉर्डन के राजदूत ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम का स्वागत किया, खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की की निंदा

सारांश

भारत में जॉर्डन के राजदूत यूसुफ अब्देलघानी ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय शांति का समर्थन किया है। उन्होंने खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की और वैश्विक व्यापार एवं स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की।

Key Takeaways

  • जॉर्डन ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम का स्वागत किया।
  • ईरान के खाड़ी देशों पर हमलों की कड़ी निंदा की गई।
  • भारत और जॉर्डन के संबंध मजबूत और स्थायी हैं।
  • जॉर्डन किसी सैन्य संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेगा।
  • जॉर्डन के वरिष्ठ नेता जल्द ही भारत आने की योजना बना रहे हैं।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत में जॉर्डन के राजदूत यूसुफ अब्देलघानी ने बुधवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जॉर्डन हमेशा से क्षेत्र में शांति और संवाद के माध्यम से समाधान की ओर अग्रसर रहा है।

राष्ट्र प्रेस से बातचीत में, अब्देलघानी ने ईरान द्वारा खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचों, तेल उद्योगों और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बाधित करने की घटनाओं की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों का प्रभाव केवल क्षेत्र में नहीं, बल्कि पूरे विश्व के व्यापार और स्थिरता पर पड़ता है।

राष्ट्र प्रेस: आप भारत-जॉर्डन के कूटनीतिक संबंधों को कैसे देखते हैं?

यूसुफ अब्देलघानी: भारत और जॉर्डन के संबंध “मजबूत और स्थायी” हैं, जो साझा मूल्यों और आपसी हितों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने हाल ही में कूटनीतिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे किए हैं और द्विपक्षीय व्यापार को लगभग 3 अरब डॉलर से बढ़ाकर 5 अरब डॉलर तक लाने की योजना है।

राष्ट्र प्रेस: मिडिल ईस्ट में मौजूदा जियोपॉलिटिकल हालात के बीच भारत और जॉर्डन के बीच सहयोग कितना महत्वपूर्ण है?

यूसुफ अब्देलघानी: यह अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMECC) की सफलता के लिए क्षेत्रीय स्थिरता अनिवार्य है। हम इस क्षेत्र में स्थिरता के पक्षधर हैं; यही जॉर्डन और भारत समेत सभी देशों के लिए समृद्धि लाएगी।

राष्ट्र प्रेस: आप यूएस और ईरान के बीच चल रहे तनाव को किस दृष्टिकोण से देखते हैं, जिसमें अस्थायी संघर्ष विराम और भविष्य की शांति वार्ता शामिल है?

यूसुफ अब्देलघानी: जॉर्डन किसी भी सैन्य संघर्ष का हिस्सा नहीं है और न ही वह अपनी भूमि या हवाई क्षेत्र का उपयोग किसी देश के खिलाफ होने देगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि वर्तमान संघर्ष विराम स्थायी रहेगा।

राष्ट्र प्रेस: होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट से वैश्विक स्थिरता और व्यापार पर क्या प्रभाव पड़ा है?

यूसुफ अब्देलघानी: इसका प्रभाव स्पष्ट है। हमने पहले बाब अल-मंडेब और रेड सी में यह देखा है... मुझे लगता है कि इस क्षेत्र के सभी देशों और पूरी दुनिया को इस बात का समर्थन करना चाहिए कि ये जलमार्ग व्यापार के लिए खुलें रहें।

राष्ट्र प्रेस: क्या आपको लगता है कि वेस्ट एशिया में झगड़ा मुख्य रूप से तेल और गैस को लेकर है या जियोपॉलिटिकल प्रभाव और ग्लोबल स्टेज पर ताकत दिखाने को लेकर है?

यूसुफ अब्देलघानी: हम इस क्षेत्र में तनाव के बारे में बहुत कुछ सुन रहे हैं। लेकिन, जॉर्डन ने हमेशा शांति

राष्ट्र प्रेस: वेस्ट एशिया के मौजूदा हालात और इसके दीर्घकालिक प्रभाव को आप कैसे देखते हैं?

यूसुफ अब्देलघानी: सबसे पहले, हम ईरान द्वारा किए जा रहे कार्यों की निंदा करते हैं। ईरान खाड़ी देशों, बुनियादी ढांचों, एवं तेल क्षेत्रों को निशाना बना रहा है। हम इसकी निंदा करते हैं और साथ ही यह भी स्पष्ट करते हैं कि जॉर्डन किसी भी प्रकार की दुश्मनी का हिस्सा नहीं है।

राष्ट्र प्रेस: जॉर्डन ईरान के खाड़ी देशों को टारगेट करने को कैसे देखता है?

यूसुफ अब्देलघानी: हमने इससे इनकार किया है। हमने अमेरिका को ईरान को टारगेट करने के लिए अपने मिलिट्री बेस का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी है। ईरान ने फिर भी इन्हें निशाना बनाया है, जो ठीक नहीं है।

राष्ट्र प्रेस: क्या जॉर्डन के वरिष्ठ नेता जल्द ही भारत आने का योजना बना रहे हैं?

यूसुफ अब्देलघानी: बिल्कुल! पिछली फरवरी में, महारानी रानिया भारत आई थीं। मुझे लगता है कि यह एक उच्चस्तरीय दौरा था।

Point of View

जो वर्तमान वैश्विक तनावों के बीच एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है।
NationPress
08/04/2026

Frequently Asked Questions

जॉर्डन के राजदूत ने अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर क्या कहा?
जॉर्डन के राजदूत यूसुफ अब्देलघानी ने युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा कि जॉर्डन हमेशा से क्षेत्र में शांति और संवाद का पक्षधर रहा है।
जॉर्डन और भारत के संबंधों के बारे में क्या जानकारी है?
यूसुफ अब्देलघानी ने बताया कि भारत और जॉर्डन के संबंध मजबूत और स्थायी हैं, जो साझा मूल्यों पर आधारित हैं।
ईरान के खाड़ी देशों पर हमलों का जॉर्डन ने क्या विरोध किया?
जॉर्डन के राजदूत ने ईरान द्वारा खाड़ी देशों के बुनियादी ढांचों और तेल प्रतिष्ठानों पर हमलों की निंदा की।
क्या जॉर्डन किसी सैन्य संघर्ष का हिस्सा बनेगा?
यूसुफ अब्देलघानी ने स्पष्ट किया कि जॉर्डन किसी भी सैन्य संघर्ष का हिस्सा नहीं बनेगा।
क्या जॉर्डन के नेता भारत आने वाले हैं?
हाँ, जॉर्डन के वरिष्ठ नेताओं की भारत यात्रा की योजना बनाई गई है।
Nation Press