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क्या जी7 ने इजरायल का समर्थन किया और ईरान को 'क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंक का स्रोत' बताया?

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क्या जी7 ने इजरायल का समर्थन किया और ईरान को 'क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंक का स्रोत' बताया?

सारांश

जी7 देशों ने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन करते हुए ईरान को क्षेत्रीय अस्थिरता का मुख्य स्रोत बताया। इस बीच, इजरायल-ईरान तनाव में वृद्धि हो रही है, जबकि जी7 ने मध्य पूर्व में शांति के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की है। क्या यह स्थिति और भी बिगड़ने वाली है?

मुख्य बातें

जी7 ने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन किया।
ईरान को क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंक का मुख्य स्रोत बताया गया।
गाजा में युद्धविराम की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
ऊर्जा मार्केट की स्थिरता के लिए जी7 की तत्परता।

टोरंटो, १७ जून (राष्ट्र प्रेस)। इजरायल और ईरान के बीच पिछले पाँच दिनों से चल रहा संघर्ष अब भी जारी है। इस तनाव के बीच मंगलवार को ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) देशों के नेताओं ने मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को भी समर्थन दिया है।

शिखर सम्मेलन से जारी एक संयुक्त बयान में, जी7 नेताओं ने ईरान को क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंक का 'मुख्य स्रोत' बताया। बयान में यह भी कहा गया कि ईरान को कभी भी न्यूक्लियर हथियार बनाने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। इसके साथ ही सभी पक्षों से गाजा में युद्धविराम और तनाव कम करने की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया गया है।

बयान में कहा गया, "हम जी-7 के नेता मिडिल-ईस्ट में शांति और स्थिरता के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हैं। इस संदर्भ में, हम सुनिश्चित करते हैं कि इजरायल को अपनी रक्षा करने का अधिकार है। हम इजरायल की सुरक्षा के लिए अपना समर्थन दोहराते हैं। हम नागरिकों की सुरक्षा के महत्व की भी पुष्टि करते हैं। ईरान क्षेत्रीय अस्थिरता और आतंक का मुख्य स्रोत है। हमारा स्पष्ट मत है कि ईरान के पास न्यूक्लियर हथियार नहीं होना चाहिए। इसके साथ हम यह भी आग्रह करते हैं कि ईरानी संकट का समाधान हो जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो। हम गाजा में भी युद्धविराम चाहते हैं।"

बयान में बढ़ते तनाव के बीच ऊर्जा मार्केट की स्थिरता को बनाए रखने के लिए जी7 की कार्रवाई करने की तत्परता को भी रेखांकित किया गया है।

इस बीच, तनाव और बढ़ गया है। इजरायल ने तेहरान के निवासियों को हवाई हमलों से पहले शहर खाली करने की चेतावनी दी है। इजरायली अधिकारियों ने नागरिकों से तत्काल ईरानी राजधानी छोड़ने की अपील की है, जो एक बड़े पैमाने पर हमले का संकेत है।

बिगड़ती स्थिति के जवाब में, संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जी7 शिखर सम्मेलन के लिए अपनी यात्रा को एक दिन कम कर दिया।

इजरायल-ईरान के इस तनाव के बीच दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर ट्रंप ने लोगों से तेहरान को खाली करने को कहा है।

ट्रंप ने दोहराया है कि अगर ईरान संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर सहमत होता है, तो वर्तमान संकट से बचा जा सकता था। उन्होंने कहा कि यह समझौता गतिरोध पर पहुंच गया है। अब संघर्ष और भी बढ़ने का खतरा है, जब तक कि तनाव कम करने की दिशा में तत्काल कदम नहीं उठाए जाते।

संपादकीय दृष्टिकोण

हमें हमेशा अपने देश के हितों का ध्यान रखते हुए अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर विचार करना चाहिए। जी7 का यह समर्थन इजरायल के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन हमें यह भी देखना चाहिए कि इस तनाव का प्रभाव हमारे देश पर क्या पड़ सकता है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी7 देशों का उद्देश्य क्या है?
जी7 देशों का उद्देश्य वैश्विक मुद्दों पर सहयोग करना और शांति एवं स्थिरता को बढ़ावा देना है।
इजरायल-ईरान तनाव का क्या कारण है?
इजरायल-ईरान तनाव का मुख्य कारण दोनों देशों के बीच राजनीतिक और सैन्य विवाद हैं।
क्या जी7 का समर्थन इजरायल के लिए महत्वपूर्ण है?
हाँ, जी7 का समर्थन इजरायल के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक मजबूत समर्थन का संकेत है।
राष्ट्र प्रेस
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