छिंदवाड़ा में CM मोहन यादव का एक्शन: CMHO, तहसीलदार व पटवारी निलंबित, जन विश्वास अभियान शुरू
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 7 अगस्त 2026 को छिंदवाड़ा से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की औपचारिक शुरुआत करते हुए तीन अधिकारियों — मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी (CMHO), तहसीलदार और एक पटवारी — को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया। शिकायतें मिलने के बाद की गई यह कार्रवाई प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार के बढ़ते कदमों का हिस्सा है।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री यादव को छिंदवाड़ा के कुछ अधिकारियों के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुईं, जिसके बाद उन्होंने मौके पर ही निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबित अधिकारियों में CMHO, तहसीलदार और एक पटवारी शामिल हैं। यह कार्रवाई उसी दिन हुई जब मुख्यमंत्री ने अभियान की शुरुआत की, जो इस बात का संकेत है कि लापरवाह अधिकारियों के प्रति सरकार की नीति अब शून्य-सहनशीलता की है।
जन विश्वास अभियान क्या है
मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार को मंत्रालय से लेकर जिला स्तर तक के सभी अधिकारी कार्यालय छोड़कर फील्ड में जाएंगे। वे जनता से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याएं सुनेंगे और उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करेंगे। अपरिहार्य परिस्थितियों को छोड़कर उस दिन किसी भी स्तर पर कोई बैठक आयोजित नहीं होगी।
मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री यादव ने कहा, 'मैं स्वयं भी इस अभियान का हिस्सा बन रहा हूं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री, मंत्रीगण, शासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि सभी इस अभियान में सम्मिलित होंगे। भोपाल से लेकर संभाग और जिले तक सभी वरिष्ठ अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार को फील्ड भ्रमण पर रहेंगे।
क्रियान्वयन की व्यवस्था
अभियान को सुव्यवस्थित रूप देने के लिए जिला कलेक्टर एक सप्ताह पूर्व भ्रमण का क्षेत्र चिन्हित करेंगे और जन-प्रतिनिधियों को अवगत कराएंगे। अभियान के उद्देश्यों में जनता से सीधा संवाद, शिकायतों का शत-प्रतिशत निराकरण, फील्ड की वास्तविक स्थितियों का फीडबैक, पर्यवेक्षण तंत्र को सुदृढ़ करना और प्रशासन की पारदर्शी एवं संवेदनशील छवि का निर्माण करना शामिल है।
आगे क्या होगा
यह अभियान अब प्रत्येक शुक्रवार पूरे प्रदेश में लागू रहेगा। गौरतलब है कि छिंदवाड़ा से इसकी शुरुआत को मुख्यमंत्री यादव ने 'महत्वपूर्ण अवसर' करार दिया। प्रशासनिक विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इस अभियान का क्रियान्वयन निरंतर और पारदर्शी तरीके से हुआ, तो यह नागरिक शिकायत निवारण की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है।