टीकमगढ़ में CM मोहन यादव ने जिला पंजीयक एसके कौशिक को किया निलंबित, जन विश्वास अभियान में उजागर हुई लापरवाही
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 21 अगस्त को टीकमगढ़ प्रवास के दौरान सहकारिता विभाग के जिला पंजीयक एसके कौशिक को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित सीएम हेल्पलाइन सुनवाई के दौरान सामने आई एक शिकायत के बाद की गई।
क्या था मामला
शिकायतकर्ता दयाराम लोधी की माँ रानीबाई के निधन के बाद सहकारी बैंक की मवई शाखा ने नॉमिनी के खाते में देय राशि अंतरित नहीं की। इस चूक को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और जिला पंजीयक के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई सुनिश्चित की। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि किस प्रकार सरकारी तंत्र की निष्क्रियता से आम नागरिक अपने वैध अधिकारों से वंचित रह जाते हैं।
जन विश्वास अभियान और फील्ड दौरे
मध्य प्रदेश सरकार ने योजनाओं की ज़मीनी हकीकत परखने और नागरिकों की समस्याओं को सीधे समझने के लिए मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शुरू किया है। इसके अंतर्गत राज्य में हर शुक्रवार को मुख्यमंत्री, मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न जिलों का दौरा करते हैं। टीकमगढ़ दौरे के दौरान मुख्यमंत्री यादव ने महेश प्रसाद लोधी, कमलेश नामूलिया, दयाराम लोधी, कालीचरण सिंह राजपूत और हरिराम विश्वकर्मा सहित कई शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद किया और उनके प्रकरणों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि सभी विभागीय अधिकारी निरंतर फील्ड भ्रमण करें और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर जनता की शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में प्रभावी निराकरण होना चाहिए। यादव ने यह भी जोड़ा कि लापरवाह अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी, जबकि उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाएगा।
उचित मूल्य दुकानों पर भी चर्चा
दौरे के दौरान जिले में विभिन्न शासकीय उचित मूल्य दुकानों के वास्तविक स्थान पर संचालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदमों पर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि राशन वितरण प्रणाली में अनियमितताएँ मध्य प्रदेश में लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं।
आगे क्या होगा
जन विश्वास अभियान के तहत सामने आ रही खामियाँ यह संकेत देती हैं कि राज्य सरकार जवाबदेही तंत्र को और सख्त बनाने की दिशा में काम कर रही है। अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सीएम हेल्पलाइन पर लंबित शिकायतों का निराकरण कितनी तेज़ी से होता है।