मध्य प्रदेश में गांव-गांव टैलेंट हंट: मोहन यादव कैबिनेट ने 5-15 साल के बच्चों के लिए खेल प्रशिक्षण योजना को मंजूरी दी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की मोहन यादव कैबिनेट ने 18 अगस्त 2026 को भोपाल में हुई बैठक में राज्य के गाँव-गाँव में टैलेंट हंट अभियान चलाने का निर्णय लिया, जिसके तहत 5 से 15 वर्ष की आयु के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें विशेष खेल प्रशिक्षण दिया जाएगा। कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी मंत्री राकेश सिंह ने दी।
टैलेंट हंट अभियान: मुख्य बिंदु
मंत्री राकेश सिंह के अनुसार, यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई प्रमुख घोषणाओं में से एक है। ग्रामीण स्तर पर प्रतिभा की पहचान के बाद चयनित बच्चों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के रूप में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश पहले से ही धन-धान्य कृषि योजना में पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुका है।
युवाओं के लिए AI प्रशिक्षण और फ्री ऑनलाइन कोचिंग
कैबिनेट ने युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग देने का भी निर्णय लिया। इसके अलावा, आगामी 1 वर्ष में राज्य के 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का प्रशिक्षण दिया जाएगा। मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि आने वाला समय AI का है और युवाओं को देश के अन्य राज्यों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने के लिए यह प्रशिक्षण अनिवार्य है।
नशा मुक्त भारत और सिविल डिफेंस नेटवर्क
बैठक में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत 100 सप्ताह का एक व्यापक कार्यक्रम चलाने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। गौरतलब है कि आंतरिक संकटों से नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक सिविल डिफेंस नेटवर्क और स्वैच्छिक बल (Voluntary Force) बनाने पर भी विचार किया गया।
केंद्र सरकार से समन्वय पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बैठक में स्पष्ट किया कि 15 अगस्त को लाल किले से प्रधानमंत्री द्वारा लिए गए संकल्पों को पूरा करने में मध्य प्रदेश का विशेष योगदान होना चाहिए। उन्होंने राज्य के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे भारत सरकार के संबंधित विभागों से निरंतर संपर्क में रहें।
जन विश्वास अभियान और आगे की राह
राज्य में चल रहे जन विश्वास अभियान के तहत जनता से सीधे संवाद के दो चरण — 7 अगस्त और 14 अगस्त — पूरे हो चुके हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव छिंदवाड़ा और बड़वानी का दौरा कर चुके हैं और अभियान का तीसरा चरण टीकमगढ़ जिले में प्रस्तावित है। अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और जमीनी स्तर पर निगरानी भी की जा रही है।