1 अक्टूबर 2026
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नशा मुक्त मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दिए हॉट स्पॉट निगरानी के निर्देश

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नशा मुक्त मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दिए हॉट स्पॉट निगरानी के निर्देश

सारांश

मध्य प्रदेश में नशे के खिलाफ जंग तेज हो गई है — CM मोहन यादव ने हॉट स्पॉट पर विशेष निगरानी और मासिक समीक्षा बैठकों का आदेश दिया। अगस्त 2026 तक 3,690 आरोपियों से 46,313 किलो मादक पदार्थ जब्त हो चुके हैं और तस्करी नेटवर्क की जड़ें खोदने की कोशिश जारी है।

मुख्य बातें

CM मोहन यादव ने 1 अक्टूबर 2026 को कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को शहरों के हॉट स्पॉट पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए।
NDPS एक्ट के तहत इस वर्ष प्रदेश में 2,706 प्रकरण पंजीबद्ध; अगस्त 2026 तक 3,690 आरोपियों से 46,313 किलो मादक पदार्थ जब्त।
शिक्षण संस्थानों की 500 मीटर परिधि को ड्रग-फ्री जोन बनाने का कार्य जारी।
नशा मुक्त हेल्पलाइन 14446 लागू; नशा मुक्त केंद्रों की भूमिका सक्रिय की जा रही है।
जिला स्तर पर मासिक समीक्षा बैठक अनिवार्य; पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 अक्टूबर 2026 को प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के अभियान को और धार देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहरों के हॉट स्पॉट पर विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को हर हाल में नशे की लत से बचाना प्राथमिकता है और जिला स्तर पर हर महीने समीक्षा बैठक आयोजित की जाए।

वीडियो कांफ्रेंस में कलेक्टरों और एसपी को दिशा-निर्देश

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक की। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त भारत अभियान की केंद्र सरकार द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है और प्रदेश को इस दिशा में ठोस परिणाम देने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहे और पुलिस तथा आबकारी विभाग आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त कार्रवाई में पीछे न हटें।

NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई के आँकड़े

बैठक में अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी कि नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के उत्पादन, व्यापार, सेवन एवं तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए NDPS एक्ट लागू है। इस कड़े कानून के तहत इस वर्ष प्रदेश में 2,706 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। अगस्त 2026 तक 3,690 आरोपियों से 46,313 किलो मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं।

शिक्षण संस्थानों के आसपास ड्रग-फ्री जोन और हेल्पलाइन

अधिकारियों ने बताया कि शिक्षण संस्थानों की 500 मीटर परिधि को ड्रग-फ्री परिसर बनाने की दिशा में कार्य जारी है। इसके अलावा प्रतिबंधित कफ सीरप की जब्ती, नशा मुक्त मित्रों का सहयोग और जिलों में नशा मुक्त केंद्रों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। नागरिकों की सहायता के लिए नशा मुक्त हेल्पलाइन नंबर 14446 भी लागू किया गया है।

तस्करी नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने की कोशिश

यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि अधिकारी उस बड़े तस्करी नेटवर्क की पड़ताल में भी जुटे हैं जो प्रदेश के विस्तृत भूभाग में मादक पदार्थों की आपूर्ति करता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त भारत के व्यापक विचार के अनुरूप प्रशासनिक गतिविधियों का क्रियान्वयन तेज गति से आगे बढ़ाया जाए। इस अभियान की नियमित मॉनिटरिंग जिला स्तर पर मासिक बैठकों के माध्यम से होती रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन आँकड़े एक और तस्वीर भी दिखाते हैं — इस वर्ष अकेले 2,706 मामले और 46,313 किलो जब्ती यह बताती है कि मध्य प्रदेश में नशे की जड़ें गहरी हैं। असली सवाल यह है कि क्या हॉट स्पॉट निगरानी और मासिक बैठकें उस तस्करी नेटवर्क को तोड़ पाएँगी जो राज्य के बड़े हिस्से में आपूर्ति कर रहा है, या यह अभियान केवल सतह-स्तरीय जब्ती तक सीमित रहेगा। स्कूलों के आसपास 500 मीटर का ड्रग-फ्री जोन एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसकी व्यावहारिक निगरानी का तंत्र अभी स्पष्ट नहीं है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM मोहन यादव ने नशा मुक्त मध्य प्रदेश के लिए क्या निर्देश दिए हैं?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 अक्टूबर 2026 को कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि शहरों के हॉट स्पॉट पर विशेष निगरानी रखी जाए और जिला स्तर पर हर महीने समीक्षा बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त कार्रवाई के लिए भी तैयार रहने को कहा।
मध्य प्रदेश में NDPS एक्ट के तहत कितने मामले दर्ज हुए हैं?
इस वर्ष NDPS एक्ट के तहत प्रदेश में 2,706 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। अगस्त 2026 तक 3,690 आरोपियों से 46,313 किलो मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं।
नशा मुक्त हेल्पलाइन 14446 क्या है?
14446 मध्य प्रदेश सरकार की नशा मुक्त हेल्पलाइन है, जिसे नशे से पीड़ित नागरिकों और उनके परिजनों की मदद के लिए लागू किया गया है। इस नंबर पर संपर्क कर सहायता और परामर्श प्राप्त किया जा सकता है।
शिक्षण संस्थानों के पास ड्रग-फ्री जोन की योजना क्या है?
प्रदेश में शिक्षण संस्थानों की 500 मीटर परिधि को ड्रग-फ्री परिसर बनाने का कार्य निरंतर जारी है। इसके तहत उस क्षेत्र में नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर सख्ती से रोक लगाई जा रही है।
मध्य प्रदेश में मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है?
पुलिस और आबकारी विभाग राज्य के बड़े हिस्से में मादक पदार्थों की आपूर्ति करने वाले तस्करी नेटवर्क की पहचान और उसे तोड़ने में जुटे हैं। अधिकारियों के अनुसार संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने का प्रयास किया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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