नशा मुक्त मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव ने अधिकारियों को दिए हॉट स्पॉट निगरानी के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1 अक्टूबर 2026 को प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के अभियान को और धार देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शहरों के हॉट स्पॉट पर विशेष निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि युवाओं को हर हाल में नशे की लत से बचाना प्राथमिकता है और जिला स्तर पर हर महीने समीक्षा बैठक आयोजित की जाए।
वीडियो कांफ्रेंस में कलेक्टरों और एसपी को दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हाल ही में कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक की। इसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त भारत अभियान की केंद्र सरकार द्वारा नियमित समीक्षा की जा रही है और प्रदेश को इस दिशा में ठोस परिणाम देने होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहे और पुलिस तथा आबकारी विभाग आवश्यकता पड़ने पर संयुक्त कार्रवाई में पीछे न हटें।
NDPS एक्ट के तहत कार्रवाई के आँकड़े
बैठक में अधिकारियों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी कि नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के उत्पादन, व्यापार, सेवन एवं तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए NDPS एक्ट लागू है। इस कड़े कानून के तहत इस वर्ष प्रदेश में 2,706 प्रकरण पंजीबद्ध किए गए हैं। अगस्त 2026 तक 3,690 आरोपियों से 46,313 किलो मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं।
शिक्षण संस्थानों के आसपास ड्रग-फ्री जोन और हेल्पलाइन
अधिकारियों ने बताया कि शिक्षण संस्थानों की 500 मीटर परिधि को ड्रग-फ्री परिसर बनाने की दिशा में कार्य जारी है। इसके अलावा प्रतिबंधित कफ सीरप की जब्ती, नशा मुक्त मित्रों का सहयोग और जिलों में नशा मुक्त केंद्रों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित करने के प्रयास निरंतर किए जा रहे हैं। नागरिकों की सहायता के लिए नशा मुक्त हेल्पलाइन नंबर 14446 भी लागू किया गया है।
तस्करी नेटवर्क की जड़ तक पहुँचने की कोशिश
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि अधिकारी उस बड़े तस्करी नेटवर्क की पड़ताल में भी जुटे हैं जो प्रदेश के विस्तृत भूभाग में मादक पदार्थों की आपूर्ति करता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नशा मुक्त भारत के व्यापक विचार के अनुरूप प्रशासनिक गतिविधियों का क्रियान्वयन तेज गति से आगे बढ़ाया जाए। इस अभियान की नियमित मॉनिटरिंग जिला स्तर पर मासिक बैठकों के माध्यम से होती रहेगी।