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बुरहानपुर में PM विश्वकर्मा योजना: 3,207 कारीगरों को AI और डिजिटल तकनीक का प्रशिक्षण

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बुरहानपुर में PM विश्वकर्मा योजना: 3,207 कारीगरों को AI और डिजिटल तकनीक का प्रशिक्षण

सारांश

बुरहानपुर में PM विश्वकर्मा योजना सिर्फ ऋण और टूलकिट तक नहीं रुकी — इस बार कारीगरों को AI और ई-कॉमर्स का हाथ थमाया गया। 3,207 प्रशिक्षित लाभार्थियों के साथ यह केंद्र पूरे मध्य प्रदेश में अव्वल बताया जा रहा है।

मुख्य बातें

17 जुलाई 2026 को बुरहानपुर के लालबाग हायर सेकेंडरी स्कूल में PM विश्वकर्मा योजना के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
कार्यक्रम MSME मंत्रालय और बुरहानपुर जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।
बुरहानपुर प्रशिक्षण केंद्र ने 3,300 के लक्ष्य में से 3,207 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया; केंद्र को मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान का दावा।
कारीगरों को AI , डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, निर्यात और वित्तीय सहायता का प्रशिक्षण दिया गया।
लाभार्थी ज्योति को प्रशिक्षण के बाद ₹1 लाख का ऋण स्वीकृत हुआ; महिला लाभार्थियों ने आत्मनिर्भरता के अनुभव साझा किए।

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में 17 जुलाई 2026 को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए एक दिवसीय जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। लालबाग हायर सेकेंडरी स्कूल में हुए इस कार्यक्रम का मकसद कारीगरों को आधुनिक तकनीक, डिजिटल कारोबार और स्वरोजगार के नए रास्तों से जोड़ना था। यह आयोजन केंद्र सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय और बुरहानपुर जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में क्या हुआ

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में योजना के लाभार्थी और स्थानीय कारीगर शामिल हुए। उन्हें प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत उपलब्ध सुविधाओं — जैसे बैंक ऋण, टूलकिट वितरण, कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल भुगतान और स्वरोजगार के अवसरों — की विस्तृत जानकारी दी गई। कई लाभार्थियों को इस दौरान टूलकिट और ऋण स्वीकृति का लाभ भी मौके पर ही प्रदान किया गया।

AI और डिजिटल मार्केटिंग पर विशेष जोर

कार्यक्रम की उल्लेखनीय विशेषता यह रही कि विशेषज्ञों ने कारीगरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया। उन्हें बताया गया कि AI की सहायता से उत्पादों की डिज़ाइन, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और डिजिटल मार्केटिंग को किस तरह उन्नत किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त ई-कॉमर्स, उद्यमिता, निर्यात, वित्तीय सहायता और केंद्र एवं राज्य सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।

लक्ष्य के करीब पहुँचा बुरहानपुर केंद्र

कार्यक्रम में उपस्थित मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद ने बताया, 'प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। बुरहानपुर प्रशिक्षण केंद्र में अब तक 3,207 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि निर्धारित लक्ष्य 3,300 का था।' उन्होंने दावा किया कि यह केंद्र पूरे मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान पर है और लगभग सभी निर्धारित लक्ष्य पूरे कर लिए गए हैं।

महिला लाभार्थियों के अनुभव

योजना से लाभान्वित महिलाओं ने भी अपने अनुभव सबके सामने रखे। लाभार्थी ज्योति ने बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत आवेदन किया था, प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सहायता मिली और बाद में ₹1 लाख का ऋण स्वीकृत हुआ। उन्होंने कहा कि इस सहायता से वह अपने काम को आगे बढ़ाने और व्यवसाय का विस्तार करने में सक्षम हो रही हैं।

एक अन्य लाभार्थी सीमा चौधरी ने बताया कि योजना के तहत मिले प्रशिक्षण और मार्गदर्शन ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि सरकार की इस पहल से पारंपरिक कारीगरों को नई पहचान और आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है।

आगे की राह

यह कार्यक्रम ऐसे समय में आयोजित हुआ है जब केंद्र सरकार पारंपरिक व्यवसायों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर विशेष जोर दे रही है। बुरहानपुर जैसे छोटे शहरों में AI और ई-कॉमर्स प्रशिक्षण की पहल यह दर्शाती है कि योजना का दायरा अब केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं, बल्कि कारीगरों को वैश्विक बाज़ार से जोड़ने की दिशा में भी बढ़ रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

207 प्रशिक्षितों का आँकड़ा उत्साहजनक है, लेकिन असली सवाल यह है कि प्रशिक्षण के बाद कितने कारीगर वास्तव में डिजिटल बिक्री या AI-सहायक डिज़ाइन को अपने रोज़मर्रा के काम में उतार पाए। योजना में ऋण और टूलकिट वितरण के आँकड़े सार्वजनिक हैं, पर आय में वास्तविक वृद्धि के स्वतंत्र सत्यापन का अभाव बना हुआ है। पारंपरिक शिल्प को ई-कॉमर्स से जोड़ने की कोशिश सही दिशा में है, लेकिन बिना निरंतर मेंटरशिप और बाज़ार-लिंकेज के एकदिवसीय कार्यक्रम की सीमाएँ स्पष्ट हैं।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM विश्वकर्मा योजना क्या है और इसके तहत कारीगरों को क्या मिलता है?
PM विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार की एक पहल है जो पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को वित्तीय सहायता, टूलकिट, कौशल प्रशिक्षण और डिजिटल भुगतान की सुविधाएँ प्रदान करती है। इसके तहत लाभार्थियों को बैंक ऋण और स्वरोजगार के अवसर भी दिए जाते हैं।
बुरहानपुर में PM विश्वकर्मा योजना के तहत कितने लोगों को प्रशिक्षण मिला?
बुरहानपुर प्रशिक्षण केंद्र में अब तक 3,207 लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जबकि निर्धारित लक्ष्य 3,300 का था। मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद के अनुसार यह केंद्र पूरे मध्य प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।
17 जुलाई के कार्यक्रम में कारीगरों को किन विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया?
कारीगरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल मार्केटिंग, ई-कॉमर्स, उत्पाद पैकेजिंग, ब्रांडिंग, निर्यात और केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही टूलकिट और ऋण स्वीकृति का लाभ भी मौके पर प्रदान किया गया।
PM विश्वकर्मा योजना के तहत कितना ऋण मिल सकता है?
लाभार्थी ज्योति के अनुभव के अनुसार, प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें ₹1 लाख का ऋण स्वीकृत किया गया। योजना के तहत पात्र कारीगरों को बैंक ऋण की सुविधा दी जाती है, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर सकते हैं।
इस योजना से महिला कारीगरों को क्या फायदा हो रहा है?
बुरहानपुर कार्यक्रम में शामिल महिला लाभार्थियों — जैसे ज्योति और सीमा चौधरी — ने बताया कि योजना ने उन्हें आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन के ज़रिए आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। ऋण स्वीकृति से वे अपने पारंपरिक व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सक्षम हो रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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