गरीबों के लिए <b>पीएम विश्वकर्मा योजना</b> एक नई उम्मीद, कारीगरों ने उठाई सराहना

Click to start listening
गरीबों के लिए <b>पीएम विश्वकर्मा योजना</b> एक नई उम्मीद, कारीगरों ने उठाई सराहना

सारांश

राजगीर में आयोजित पीएम विश्वकर्मा योजना के मेले ने पारंपरिक कारीगरों को एक नया मंच प्रदान किया है। यहाँ कारीगर अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे हैं और योजना के लाभों का अनुभव साझा कर रहे हैं।

Key Takeaways

  • पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य कारीगरों को प्रोत्साहित करना है।
  • लाभार्थियों को टूलकिट प्रोत्साहन और लोन मिलता है।
  • महिलाएं भी कौशल प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बन सकती हैं।
  • आधुनिक मशीनों के उपयोग से उत्पादों का निर्माण हो रहा है।
  • डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दिया जा रहा है।

नालंदा, 16 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के राजगीर में स्थित अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत दो दिवसीय प्रदर्शनी-सह-व्यापार मेला आयोजित किया जा रहा है। इस मेले का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों की प्रतिभाओं को उजागर करना और उनके उत्पादों को विस्तृत बाजार उपलब्ध कराना है।

इस मेले में बिहार के विभिन्न जिलों से पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी जैसे बढ़ई, लोहार, कुम्हार, सुनार, दर्जी, राजमिस्त्री, मोची और नाई शामिल हुए हैं। ये कारीगर अपने हाथों से बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगा रहे हैं और उनकी बिक्री भी कर रहे हैं।

इस योजना के कई लाभार्थियों ने साझा किया कि इस योजना के माध्यम से प्राप्त प्रशिक्षण और आर्थिक सहयोग ने उनके पारंपरिक कार्यों को एक नई दिशा दी है। कुछ कारीगर आधुनिक मशीनों का उपयोग करके नए उत्पादों का निर्माण कर रहे हैं, जबकि कई महिलाएं सिलाई-कढ़ाई और हस्तशिल्प के जरिए घर पर रहकर रोजगार प्राप्त कर रही हैं।

मेले में शिल्पकारों को इस योजना से मिलने वाले फायदों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इसमें मुफ्त कौशल प्रशिक्षण, प्रशिक्षण के दौरान स्टाइपेंड, आधुनिक उपकरणों के लिए लगभग 15 हजार रुपए तक का टूलकिट प्रोत्साहन और बिना गारंटी के कम ब्याज दर पर एक से दो लाख रुपए तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा कारीगरों को डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

कुछ लाभार्थियों ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत की। गया जिले से आए सनोज कुमार ने बताया कि उन्होंने इस योजना के तहत प्रशिक्षण लिया है। इस योजना की विशेषता यह है कि सरकार आपको बिजनेस बढ़ाने के लिए एक लाख रुपए का लोन भी प्रदान कर रही है। यदि आपका बिजनेस सफल रहता है, तो आपको दो लाख रुपए का लोन भी मिल सकता है। उन्होंने कहा कि वे पिछले 10 वर्षों से भगवान की मूर्तियाँ बनाने का कार्य कर रहे हैं। पीएम मोदी ने बहुत ही उत्कृष्ट योजना प्रस्तुत की है।

रोहतास के बढ़ई घनश्याम ने कहा कि उन्होंने इस योजना के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त किया और इसके बाद उन्हें 1 लाख रुपए का लोन मिला है। वे सीएनसी मशीन की मदद से नेमप्लेट और एक्रेलिक कटिंग का आधुनिक कार्य कर रहे हैं।

सिंकू देवी ने कहा कि उन्हें सिलाई के प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड और एक मुफ्त मोटर वाली सिलाई मशीन के साथ पूरा टूलकिट प्राप्त हुआ है। यह केंद्र सरकार की बहुत अच्छी योजना है। प्रशिक्षण के बाद उन्हें मशीन भी मिली।

मसौढ़ी की प्रतिमा देवी ने कहा कि वे खिलौना बनाने का काम करती हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना ने उनकी जिंदगी को एक बार फिर से पटरी पर लाने में मदद की है।

पटना के आदित्य राज ने कहा कि आईटीआई दीघा में पांच दिन की मुफ्त ट्रेनिंग के बाद उन्हें सर्टिफिकेट और लगभग 15 हजार रुपए का टूलकिट मिला है, जिसमें वॉशिंग मशीन और आयरन जैसे उपकरण शामिल हैं। इससे वे अपने काम को आधुनिक तरीके से कर पा रहे हैं। उन्हें एक लाख का लोन भी मिला है।

गया के मूर्तिकार अरविंद रविदास ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें बाजार की मांग के अनुसार नए उत्पाद बनाने और अपने काम में विविधता लाने की तकनीकें सीखने का अवसर मिला, जिससे उनके कार्य को नई पहचान मिल रही है।

Point of View

बल्कि यह उनकी पारंपरिक कला को एक नई पहचान भी देता है। पीएम विश्वकर्मा योजना ने लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
NationPress
23/03/2026

Frequently Asked Questions

पीएम विश्वकर्मा योजना क्या है?
यह योजना पारंपरिक कारीगरों को आर्थिक सहायता और कौशल प्रशिक्षण प्रदान करती है।
इस योजना से क्या लाभ होता है?
लाभार्थियों को लोन, टूलकिट प्रोत्साहन और प्रशिक्षण मिलता है।
क्या महिलाएं भी इस योजना का लाभ उठा सकती हैं?
हाँ, महिलाएं भी इस योजना के तहत प्रशिक्षण और सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
आप निकटतम सरकारी कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
क्या योजना में डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा दिया जाता है?
हाँ, कारीगरों को डिजिटल लेन-देन के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है।
Nation Press