बिहार: पीएम विश्वकर्मा योजना से सशक्त हो रहे कारीगर, मुजफ्फरपुर में व्यापार मेले का आयोजन

Click to start listening
बिहार: पीएम विश्वकर्मा योजना से सशक्त हो रहे कारीगर, मुजफ्फरपुर में व्यापार मेले का आयोजन

सारांश

मुजफ्फरपुर में पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए व्यापार मेला आयोजित किया गया। इस आयोजन में 50 कारीगरों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। जिलाधिकारी ने इस पहल की सराहना की।

Key Takeaways

  • पीएम विश्वकर्मा योजना से कारीगरों को मिल रहा है लाभ।
  • मुजफ्फरपुर में आयोजित व्यापार मेला महत्वपूर्ण है।
  • कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भरता की ओर कदम।
  • बैंक से ऋण मिलने की सुविधा उपलब्ध।
  • लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र दिए गए।

मुजफ्फरपुर, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के गन्नीपुर में स्थित आईटीआई परिसर में केंद्रीय सरकार के एमएसएमई विभाग द्वारा पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों के लिए उत्पादन व्यापार मेला आयोजित किया गया। इस मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी सुब्रतो कुमार सेन ने किया।

इस अवसर पर एमएसएमई विभाग के सहायक निदेशक ए. सलेमु राजुलु, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक आरसी मंडल, आईटीआई के प्राचार्य परमेश पाराशर, डिप्टी लेबर कमिश्नर और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। मेले में पीएम विश्वकर्मा योजना के ५० लाभार्थियों ने अपने-अपने उत्पादों के स्टॉल लगाए और अपने हुनर का प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान विश्वकर्मा योजना से प्रशिक्षित १५ लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। अधिकारियों ने मेले में विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों से उनके उत्पादों की जानकारी ली।

सुब्रतो कुमार सेन ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि यह एक सकारात्मक पहल है कि ऐसे संस्थान जहां बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं, वहां स्किल डेवलपमेंट पर भी काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि आईटीआई जैसे संस्थान युवाओं की कुशलता को निखारने का कार्य कर रहे हैं और ऐसे आयोजन उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।

उन्होंने बताया कि इस योजना का आरंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन साल पहले किया था, और अब लाखों कामगार इस योजना का लाभ उठाकर अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं।

डीएम ने लोगों से आग्रह करते हुए कहा कि वे इस योजना का अच्छा लाभ उठाएं, अपनी कुशलता में वृद्धि करें और बैंक से जुड़कर अपने उत्पादों को बेहतर बाजार में पहुंचाएं, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके।

ए. सलेमु राजुलु ने बताया कि इस कार्यक्रम में विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को बुलाकर उनके उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है, ताकि लोग उनके उत्पादों को देख सकें और कारोबारी अवसरों से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शनी में ५० स्टॉल लगाए गए हैं और भविष्य में इस तरह के आयोजन हर जिले में किए जाने की योजना है।

आईटीआई मुजफ्फरपुर के प्राचार्य परमेश पाराशर ने कहा कि जिले में अब तक ९,३३६ लोगों ने पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पंजीकरण कराया है। इनमें से ७,९३५ लाभार्थियों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है और ७,९२५ लोगों को प्रमाण-पत्र वितरित किए जा चुके हैं। जिले में वर्तमान में छह प्रशिक्षण केंद्र चल रहे हैं, जहां १८ ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीन दिवसीय प्रदर्शनी में पहले दो दिन कौशल का प्रदर्शन होगा और तीसरे दिन स्वरोजगार स्थापित कर चुके लोग छात्रों को प्रेरित करेंगे।

मेले में शामिल लाभार्थी प्रहलाद पंडित ने बताया कि वे मिट्टी के बर्तन बनाते हैं। उन्होंने २०२३ में योजना के तहत आवेदन किया था, और प्रशिक्षण के बाद टूलकिट मिलने से उनके काम में काफी सुधार आया है। अब वे नए डिजाइन के बर्तन बना रहे हैं, जिनमें पेन स्टैंड, गुलदस्ता पॉट और किचन सेट शामिल हैं। मिट्टी के बर्तन पर्यावरण, प्रकृति और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं और प्लास्टिक मुक्त भारत अभियान में भी योगदान करते हैं।

लाभार्थी शील ने कहा कि वे पीएम विश्वकर्मा योजना का हिस्सा हैं और उन्हें मधुबनी पेंटिंग का प्रशिक्षण मिला है। पहले उन्हें यह नहीं पता था कि वे अपने हुनर का उपयोग कर सकती हैं, लेकिन सरकार के सहयोग से अब वे पिछले एक साल से मधुबनी पेंटिंग बना रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के बाद सरकार की ओर से टूलकिट भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने में सहायता मिल रही है।

Point of View

बल्कि उनके आर्थिक विकास का भी मार्ग प्रशस्त कर रहा है।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य कारीगरों को कौशल विकास के जरिए आत्मनिर्भर बनाना है।
इस मेले में कितने लाभार्थियों ने भाग लिया?
इस मेले में कुल 50 लाभार्थियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया।
जिलाधिकारी ने इस आयोजन के बारे में क्या कहा?
जिलाधिकारी सुब्रतो कुमार सेन ने इसे कौशल विकास का महत्वपूर्ण कदम बताया।
क्या इस योजना से लाभार्थियों को ऋण मिल रहा है?
हाँ, बैंक लाभार्थियों को ऋण उपलब्ध करा रहे हैं।
मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगरों का क्या कहना है?
कारीगर प्रहलाद पंडित ने बताया कि प्रशिक्षण के बाद उनके काम में सुधार आया है।
Nation Press