23 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026: गडकरी, योगी, नायब सैनी समेत दर्जनों नेताओं ने इसरो वैज्ञानिकों को किया नमन

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2026: गडकरी, योगी, नायब सैनी समेत दर्जनों नेताओं ने इसरो वैज्ञानिकों को किया नमन

सारांश

23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर देशभर के नेताओं ने इसरो को नमन किया। चंद्रयान-3 की 2023 की ऐतिहासिक लैंडिंग की याद में मनाए जाने वाले इस दिवस पर गडकरी, योगी, नायब सैनी और रेखा गुप्ता समेत कई नेताओं ने वैज्ञानिकों के साहस और समर्पण को सराहा।

मुख्य बातें

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हर वर्ष 23 अगस्त को चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग ( 23 अगस्त 2023 ) की स्मृति में मनाया जाता है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल ने एक्स पर इसरो वैज्ञानिकों को बधाई दी।
उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ , दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता और हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी ने भी शुभकामनाएं दीं।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने चंद्रयान-3 को 'वैज्ञानिक सामर्थ्य की पहचान' बताया।
भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारने वाला दुनिया का पहला देश बना था।

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर 23 अगस्त 2026 को देशभर के केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों को बधाई दी। यह दिवस 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग की स्मृति में मनाया जाता है — वह उपलब्धि जिसने भारत को दुनिया का पहला ऐसा देश बनाया जिसने चंद्रमा के इस अनछुए हिस्से पर यान उतारा।

गडकरी और मनोहर लाल का संदेश

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'आज हम अंतरिक्ष में भारत की असाधारण यात्रा का सम्मान करते हैं, जिसमें शुरुआती मिशनों से लेकर चंद्रयान और उससे आगे के मिशन शामिल हैं। हमारे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और इनोवेटर्स की प्रतिभा, लगन और साहस को सलाम है।' उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि हर युवा भारतीय में जिज्ञासा जगाए और अगली पीढ़ी को नई सीमाओं की खोज के लिए प्रेरित करे।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने अपनी 'उत्कृष्ट शोध-क्षमता, असाधारण कौशल और अथक परिश्रम' से अंतरिक्ष अनुसंधान में नया कीर्तिमान रचा। उन्होंने इसरो की पूरी टीम को 'स्वदेशी सामर्थ्य से भारत को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति बनाने' का श्रेय दिया।

मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दिवस को 'चंद्रमा से लेकर अंतरिक्ष की अनंत संभावनाओं तक भारत की साहसिक उड़ान का उत्सव' बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 'विकसित भारत-आत्मनिर्भर भारत' के संकल्प को नई गति दे रहा है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 23 अगस्त 2023 का वह पल भारत को दुनिया के अग्रणी अंतरिक्ष देशों की पंक्ति में ले आया। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार छात्रों के बीच STEM शिक्षा और वैज्ञानिक जिज्ञासा को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 'विक्रम' लैंडर की सुरक्षित लैंडिंग और 'प्रज्ञान' रोवर की चंद्र सतह पर यात्रा का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने इसे 'भारत की वैज्ञानिक यात्रा में मील का पत्थर' बताया।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने लिखा कि चंद्रयान-3 की सफलता 'चंद्रमा पर तिरंगे की शान और भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्य की पहचान' है — और यह उपलब्धि वैज्ञानिकों के 'अथक परिश्रम और अदम्य संकल्प' का परिणाम है।

चंद्रयान-3 की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 23 अगस्त 2023 को शाम 6 बजकर 4 मिनट पर चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरा था। इससे पहले रूस का लूना-25 मिशन उसी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिससे भारत की यह सफलता और भी महत्वपूर्ण हो गई। यह ऐसे समय में आया जब भारत वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में तेज़ी से काम कर रहा है।

आगे की राह

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस अब हर वर्ष इसरो की उपलब्धियों को याद करने और भावी पीढ़ी को विज्ञान व प्रौद्योगिकी की ओर प्रेरित करने का अवसर बन गया है। आने वाले वर्षों में गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन और चंद्रयान-4 जैसे महत्वाकांक्षी कार्यक्रम भारत की अंतरिक्ष यात्रा को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह उत्साह नीतिगत प्रतिबद्धता में भी दिखता है। भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में वैश्विक हिस्सेदारी अभी भी दो प्रतिशत से कम है, जबकि गगनयान और चंद्रयान-4 जैसे मिशन समयसीमा से पीछे चल रहे हैं। चंद्रयान-3 की सफलता निर्विवाद है, पर इसे राजनीतिक पूंजी में बदलने और वास्तविक अंतरिक्ष-औद्योगिक नीति में बदलने के बीच का अंतर पाटना अभी बाकी है।
RashtraPress
23 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस हर वर्ष 23 अगस्त को मनाया जाता है। यह तारीख 23 अगस्त 2023 की उस ऐतिहासिक घटना की याद में चुनी गई जब चंद्रयान-3 का विक्रम लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सफलतापूर्वक उतरा था।
चंद्रयान-3 की सफलता क्यों खास मानी जाती है?
चंद्रयान-3 की सफलता इसलिए ऐतिहासिक है क्योंकि भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर यान उतारने वाला दुनिया का पहला देश बना। इसी समय रूस का लूना-25 मिशन उसी क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिससे इसरो की उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण हो गई।
2026 के राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर किन नेताओं ने बधाई दी?
23 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मनोहर लाल, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता, हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी समेत कई नेताओं ने इसरो वैज्ञानिकों को बधाई दी।
चंद्रयान-3 मिशन में 'विक्रम' और 'प्रज्ञान' की क्या भूमिका थी?
'विक्रम' चंद्रयान-3 का लैंडर था जिसने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा की सतह पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग की। 'प्रज्ञान' उसके भीतर से निकला रोवर था जिसने चंद्र सतह पर चलकर वैज्ञानिक डेटा एकत्र किया।
भारत के आगामी अंतरिक्ष मिशन कौन से हैं?
चंद्रयान-3 की सफलता के बाद भारत ने गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन और चंद्रयान-4 की योजना बनाई है। ये मिशन भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षाओं को नई दिशा देने के लिए तैयार हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 12 महीने पहले
  2. 12 महीने पहले
  3. 12 महीने पहले
  4. 12 महीने पहले
  5. 12 महीने पहले
  6. 12 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले