12 जुलाई 2026
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आंध्र प्रदेश की अमरावती बनी आधिकारिक और स्थायी राजधानी, मिला नया दर्जा

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आंध्र प्रदेश की अमरावती बनी आधिकारिक और स्थायी राजधानी, मिला नया दर्जा

सारांश

आंध्र प्रदेश की अमरावती को अब आधिकारिक और स्थायी राजधानी का दर्जा मिल गया है। यह निर्णय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद लिया गया, जिससे राज्य में वर्षों से चली आ रही राजनीतिक असमंजस का अंत हो गया है।

मुख्य बातें

अमरावती को आधिकारिक और स्थायी राजधानी का दर्जा मिला है।
यह निर्णय आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 के तहत किया गया है।
संसद ने इस बिल को 35 सांसदों की बहस के बाद पारित किया।
इससे तीन-राजधानी योजना का अंत हो गया है।
अमरावती को राजधानी बनाने का निर्णय 2015 में लिया गया था।

अमरावती, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश की अमरावती को अब एक आधिकारिक और स्थायी राजधानी का दर्जा प्राप्त हो गया है। भारत सरकार ने इस संबंध में सोमवार को गजट नोटिफिकेशन जारी किया।

यह महत्वपूर्ण निर्णय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के बाद लिया गया, जिन्होंने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 को स्वीकृति दी थी। यह बिल पिछले हफ्ते संसद द्वारा पारित किया गया था।

कानून मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 को 2 जून 2024 से लागू माना जाएगा।

इस संशोधन से 2014 के आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में बदलाव किया गया है। अधिनियम के अनुसार, 'अमरावती' का क्षेत्र आंध्र प्रदेश कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी अधिनियम, 2014 के तहत घोषित राजधानी क्षेत्र में शामिल है।

संसद ने 2 अप्रैल को अंतिम मंजूरी दी और अमरावती को आधिकारिक राजधानी के रूप में घोषित किया। राज्यसभा ने बिल को वॉयस वोट से पारित किया, जबकि लोकसभा ने इसे एक दिन पहले स्वीकृति दी थी।

इस कानून ने कई वर्षों की राजनीतिक असमंजस और तीन-राजधानी मॉडल की चर्चाओं का अंत किया है। अब भविष्य में राजधानी बदलने या तीन-राजधानी योजना को लागू करने के प्रयास असंभव हो जाएंगे।

संसद में इस बिल पर कुल 35 सांसदों ने बहस की। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के दो सांसदों को छोड़कर सभी ने बिल का समर्थन किया। वाईएसआरसीपी ने इसे किसानों के हितों की अनदेखी बताकर विरोध किया, क्योंकि किसानों ने राज्य की राजधानी के विकास के लिए अपनी ज़मीन दी थी।

अमरावती को राजधानी बनाने की नींव 2015 में तेलुगु देशम पार्टी के शासनकाल में रखी गई थी। 2019 में वाईएसआरसीपी के सत्ता में आने के बाद अमरावती के सभी प्रोजेक्ट रोक दिए गए और तीन-राजधानी विचार सामने आया।

हालांकि, 2024 में टीडीपी-नेता एनडीए के सत्ता में लौटने के बाद, अमरावती को एकमात्र राजधानी बनाने का निर्णय लिया गया और परियोजनाओं को पिछले वर्ष फिर से शुरू किया गया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमरावती को राजधानी का दर्जा कब मिला?
अमरावती को आधिकारिक और स्थायी राजधानी का दर्जा 6 अप्रैल 2024 को मिला।
इस निर्णय के पीछे कौन सा बिल है?
यह निर्णय आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) बिल, 2026 के अंतर्गत लिया गया है।
क्या इस कानून से तीन-राजधानी योजना समाप्त हो गई?
हाँ, इस कानून ने तीन-राजधानी मॉडल की चर्चाओं का अंत किया है।
किसने इस बिल को अनुमोदित किया?
इस बिल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अनुमोदित किया।
अमरावती के विकास के लिए किसानों ने क्या किया?
किसानों ने राज्य की राजधानी के विकास के लिए अपनी ज़मीन दी थी।
राष्ट्र प्रेस
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