अमरावती में केंद्र सरकार का ₹2,534 करोड़ का निवेश, CCEA ने कार्यालय व आवासीय परिसर को दी हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने बुधवार, 10 जून 2026 को आंध्र प्रदेश की नवनिर्मित राजधानी अमरावती में दो बड़ी बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को मंजूरी दी — एक आधुनिक केंद्रीय कार्यालय परिसर और एक आवासीय कॉलोनी — जिनकी संयुक्त अनुमानित लागत ₹2,534 करोड़ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लिया गया निर्णय अमरावती को एक पूर्ण कार्यशील राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में केंद्र की सबसे ठोस प्रतिबद्धता मानी जा रही है।
कार्यालय परिसर: क्या होगा निर्मित
5.53 एकड़ भूमि पर बनने वाले केंद्रीय कार्यालय परिसर में दो बहुमंजिला इमारतें खड़ी की जाएंगी — एक 13 मंजिला और दूसरी 10 मंजिला (दोनों में ग्राउंड फ्लोर सम्मिलित)। 23.25 लाख वर्गफुट के निर्मित क्षेत्र वाले इस परिसर में 8,000 अधिकारियों और कर्मचारियों के बैठने की व्यवस्था होगी और 1,800 वाहनों की पार्किंग उपलब्ध रहेगी।
परिसर में बैंक, एटीएम, डाकघर, क्रेच, महिला विश्राम कक्ष, 100 सीटों वाला कॉन्फ्रेंस हॉल, 500 सीटों वाला मल्टीपर्पज हॉल और चार कैंटीन जैसी नागरिक सुविधाएँ भी शामिल होंगी। पूरा परिसर दिव्यांगजनों के लिए पूरी तरह बाधा-रहित बनाया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,299.08 करोड़ है, जिसे केंद्र सरकार बजटीय सहायता से वित्तपोषित करेगी।
आवासीय परिसर: 1,504 इकाइयाँ, 11 टावर
जनरल पूल रेजिडेंशियल अकॉमोडेशन (GPRA) परियोजना 17 एकड़ भूमि पर विकसित होगी। 11 आवासीय टावरों में 1,504 आवासीय इकाइयाँ बनाई जाएंगी, जो विभिन्न श्रेणियों के केंद्रीय कर्मचारियों के लिए होंगी। 31.30 लाख वर्गफुट के कुल निर्मित क्षेत्र वाली इस परियोजना में 1,972 कारों की पार्किंग सुविधा भी होगी।
आधिकारिक बयान के अनुसार, यह अमरावती और समूचे आंध्र प्रदेश में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अपनी तरह की पहली GPRA परियोजना होगी। परिसर में फूड कोर्ट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सामुदायिक भवन, सर्विस सेंटर और गेस्ट हाउस जैसी सुविधाएँ भी विकसित की जाएंगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹1,234.91 करोड़ है।
हरित निर्माण मानक और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता
दोनों परियोजनाएँ ग्रीन बिल्डिंग मानकों के अनुरूप विकसित की जाएंगी। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि भवनों को ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और टिकाऊ निर्माण तकनीकों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया जाएगा। कार्यालय परिसर GRIHA 4-स्टार रेटिंग और ECSBC 2024 मानकों का पालन करेगा, जबकि आवासीय परिसर GRIHA 4-स्टार रेटिंग के साथ-साथ इको निवास संहिता (ENS) 2024 के दिशानिर्देशों का भी अनुपालन करेगा।
रोजगार और प्रशासनिक लाभ
सरकार का अनुमान है कि दोनों परियोजनाओं के निर्माण कार्य के दौरान प्रतिवर्ष लगभग 7 लाख मानव-दिवस रोजगार सृजित होंगे। परियोजनाओं के संचालन के दौरान भी हर साल करीब 50,000 मानव-दिवस रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब अमरावती का पुनर्निर्माण राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से केंद्र में है।
गौरतलब है कि विभिन्न केंद्रीय विभागों को एक ही परिसर में लाने से अंतर-विभागीय समन्वय में सुधार होगा और आंध्र प्रदेश के नागरिकों को केंद्र सरकार की सेवाएँ अधिक सुगम और प्रभावी रूप से मिल सकेंगी। दोनों परियोजनाओं का वित्तपोषण पूरी तरह केंद्र सरकार की बजटीय सहायता से किया जाएगा, जो राज्य पर कोई वित्तीय बोझ नहीं डालता।
इन स्वीकृतियों के साथ, अमरावती को एक कार्यात्मक राजधानी शहर के रूप में आकार देने की प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश कर रही है।