KTR का पवन कल्याण पर पलटवार: ‘तेलंगाना को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं’
सारांश
मुख्य बातें
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामाराव (KTR) ने बुधवार को हैदराबाद में आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और जन सेना पार्टी प्रमुख पवन कल्याण पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि तेलंगाना को उनसे देशभक्ति का कोई पाठ पढ़ने की जरूरत नहीं है। हैदराबाद प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में KTR ने यह प्रतिक्रिया पवन कल्याण की मंगलवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई टिप्पणियों पर दी।
‘संघर्ष और बलिदान हमारे लिए नई बात नहीं’
KTR ने कहा, ‘हमें पवन कल्याण से देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की जरूरत नहीं है। संघर्ष और बलिदान हमारे लिए कोई नई बात नहीं है।’ उन्होंने याद दिलाया कि तेलंगाना भारत का तीन प्रतिशत से भी कम हिस्सा है, लेकिन देश की GDP में इसका योगदान पाँच प्रतिशत है।
BRS नेता ने जोड़ा, ‘हमें किसी तरह के नैतिक उपदेश या नैतिक निगरानी की जरूरत नहीं है। हम आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में उनका सम्मान करते हैं। एक कलाकार और अभिनेता के रूप में हम उनकी प्रशंसा करते हैं। अगर वे भाई की तरह हमसे मिलने आते हैं, तो हम उन्हें हैदराबादी बिरयानी खिलाएंगे, लेकिन अगर वे हमारी राजनीति में अपना दबदबा कायम करने की कोशिश करते हैं तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।’
‘मिट्टी के बेटों की जागीर है तेलंगाना’
पवन कल्याण के इस बयान कि ‘तेलंगाना किसी के बाप की जागीर नहीं है’ पर प्रतिक्रिया देते हुए KTR ने कहा कि तेलंगाना निश्चित रूप से यहाँ की मिट्टी के बेटों की जागीर है और इसमें किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2014 में अलग राज्य बनने के लिए तेलंगाना ने 60 वर्षों का लंबा संघर्ष किया है।
‘क्षेत्रवाद आतंकवाद से खतरनाक’ टिप्पणी पर पलटवार
पवन कल्याण की इस टिप्पणी पर कि ‘क्षेत्रवाद आतंकवाद से अधिक खतरनाक है’, KTR ने सवाल किया कि तेलुगु राज्य की माँग को लेकर 58 दिनों तक अनशन कर अपने प्राणों की आहुति देने वाले पोट्टी श्रीरामुलु के बारे में वह क्या कहेंगे। BRS नेता ने पवन कल्याण से यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कथित तौर पर तेलंगाना आने वाले उद्योगों को गुजरात ले जाने पर उनकी क्या राय है।
चुनाव लड़ने पर BRS का रुख
तेलंगाना में चुनाव लड़ने की पवन कल्याण की घोषणा पर KTR ने कहा कि भारतीय संविधान के तहत किसी भी नागरिक को राजनीतिक दल बनाने और किसी भी राज्य से चुनाव लड़ने का अधिकार है। हालाँकि उन्होंने जोड़ा कि किसी राज्य से चुनाव लड़ने वाले नेता को वहाँ के लोगों की आकांक्षाओं, संघर्षों और बलिदानों का सम्मान करना चाहिए।
KTR ने याद दिलाया कि जन सेना तेलंगाना में 2023 के विधानसभा चुनाव और हाल के नगर निकाय चुनाव लड़ चुकी है, और पवन कल्याण व उनका परिवार पिछले 12 वर्षों से हैदराबाद में रह रहा है तथा उनके व्यवसाय भी यहीं हैं — किसी ने उन्हें नहीं रोका।
‘घुमा-फिराकर मत कहिए’
KTR ने तेलंगाना के गठन के तरीके को लेकर पवन कल्याण की टिप्पणी पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ‘आप कहते हैं कि आपको तेलंगाना के गठन का तरीका पसंद नहीं आया। घुमा-फिराकर कहने की बजाय साफ-साफ कहिए कि आपको तेलंगाना राज्य का गठन पसंद नहीं था।’ आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच यह जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है, खासकर तब जब जन सेना तेलंगाना में अपना राजनीतिक विस्तार करने की तैयारी में है।