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पालघर बाढ़ राहत: 19,026 घरों का सर्वे पूरा, 20 मौतें; 8 परिवारों को ₹32 लाख वितरित

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पालघर बाढ़ राहत: 19,026 घरों का सर्वे पूरा, 20 मौतें; 8 परिवारों को ₹32 लाख वितरित

सारांश

पालघर में बाढ़ की तबाही के बाद प्रशासन ने 19,026 घरों का पंचनामा पूरा किया। 20 मौतों में से 12 पात्र परिवारों को ₹4-4 लाख की सहायता स्वीकृत, 8 को ₹32 लाख मिले। पालक मंत्री गणेश नाईक ने जलवायु परिवर्तन को बढ़ती आपदाओं का कारण बताया।

मुख्य बातें

पालघर जिले में बाढ़ से 20 लोगों की मौत ; 19,026 जलभराव-प्रभावित घरों का पंचनामा 25 जुलाई तक पूरा।
12 पात्र मृतक परिवारों को ₹4 लाख प्रति परिवार की दर से सहायता स्वीकृत; अब तक 8 परिवारों को ₹32 लाख वितरित।
44 पक्के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त, 421 को आंशिक नुकसान; 126 कच्चे मकान , 10 झोपड़ियाँ और 3 गोशालाएँ भी प्रभावित।
23 जुलाई की बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे अभी जारी; पानी घटने के बाद आकलन पूरा होगा।
पालक मंत्री गणेश नाईक ने व्यापारियों और नागरिकों से संपत्ति का बीमा कराने की अपील की।

महाराष्ट्र के पालघर जिले में जुलाई के पहले सप्ताह और उसके बाद आई भीषण बाढ़ के बाद जिला प्रशासन ने राहत एवं पुनर्वास कार्यों में तेज़ी लाई है। 25 जुलाई तक 19,026 जलभराव-प्रभावित घरों का पंचनामा पूरा किया जा चुका है और पात्र लाभार्थियों को सरकारी मानकों के अनुसार आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया जारी है। प्रशासन के अनुसार बाढ़ और भारी वर्षा से जिले में 20 लोगों की जान गई है।

मुख्य घटनाक्रम

प्रशासन के अनुसार, 20 मृतकों में से 13 की पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है, जिनमें से 12 परिवार सरकारी सहायता के पात्र पाए गए हैं। प्रत्येक पात्र परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। अब तक 8 परिवारों को कुल ₹32 लाख की राशि वितरित की जा चुकी है, जबकि शेष पात्र परिवारों को शीघ्र भुगतान का आश्वासन दिया गया है।

सर्वे में सामने आया कि 44 पक्के घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि 421 पक्के घरों को आंशिक नुकसान पहुँचा है। इसके अलावा 126 कच्चे मकान, 10 झोपड़ियाँ और 3 गोशालाएँ भी प्रभावित हुई हैं। पशुधन हानि में 7 बड़े दुधारू पशु, 23 छोटे दुधारू पशु और 6 कार्यशील बड़े पशु शामिल हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

पालघर के पालक मंत्री गणेश नाईक के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ के नेतृत्व में राहत कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। नाईक ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर अधिकारियों को नुकसान का आकलन शीघ्र पूरा करने और राहत राशि वितरण में विलंब न करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी डॉ. जाखड़ ने बताया कि उपविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों के साथ नियमित बैठकें कर राहत वितरण की प्रगति की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जुलाई के पहले सप्ताह की बारिश से हुए नुकसान के पंचनामे पूरे हो चुके हैं, जबकि 23 जुलाई की भारी वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे का काम अभी जारी है। पानी घटने के बाद शेष इलाकों का आकलन किया जाएगा।

आम जनता पर असर

राजस्व, आपदा प्रबंधन, कृषि, पशुपालन, सार्वजनिक निर्माण और महावितरण विभागों ने संयुक्त रूप से नुकसान का सर्वे पूरा किया है। घरों के अलावा खेती, पशुधन और सार्वजनिक संपत्तियों को भी व्यापक क्षति पहुँची है। पालक मंत्री नाईक ने एक कपड़ा व्यापारी को ₹40 से ₹50 लाख तक के नुकसान का उदाहरण देते हुए व्यापारियों और नागरिकों से संपत्ति एवं व्यवसाय का बीमा कराने की अपील की।

जलवायु परिवर्तन की चेतावनी

गणेश नाईक ने जलवायु परिवर्तन पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम के कारण प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता और आवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि इस मानसून में पालघर जिला लंबे समय तक रेड अलर्ट की स्थिति में रहा, जिसके चलते कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बने। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र के कई तटीय जिले मानसून के दौरान बार-बार गंभीर बाढ़ का सामना कर रहे हैं।

क्या होगा आगे

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि कोई भी पात्र लाभार्थी सहायता से वंचित नहीं रहेगा। 23 जुलाई की बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे पूरा होते ही उन परिवारों को भी राहत राशि वितरित की जाएगी। जिला प्रशासन की प्राथमिकता अब शेष पात्र मृतक परिवारों को ₹4 लाख प्रति परिवार की दर से सहायता पहुँचाना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

026 घरों का सर्वे और ₹32 लाख का वितरण प्रशासनिक सक्रियता का संकेत है, लेकिन असली परीक्षा 23 जुलाई की बाढ़ से प्रभावित उन परिवारों के लिए है जिनका सर्वे अभी अधूरा है। गौरतलब है कि 20 मौतों में से केवल 13 की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई है — शेष 7 परिवारों की सहायता-पात्रता अभी तय नहीं हुई, जो एक संवेदनशील अंतर है। पालक मंत्री का जलवायु परिवर्तन पर बयान सही दिशा में है, लेकिन बीमा की अपील तब तक अधूरी है जब तक छोटे व्यापारियों और किसानों के लिए सब्सिडाइज़्ड बीमा योजनाओं का ठोस ढाँचा न हो।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पालघर बाढ़ राहत सर्वे में अब तक क्या हुआ है?
25 जुलाई तक पालघर जिले में 19,026 जलभराव-प्रभावित घरों का पंचनामा पूरा किया जा चुका है। जुलाई के पहले सप्ताह की बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का आकलन हो चुका है, जबकि 23 जुलाई की बारिश से प्रभावित इलाकों में सर्वे जारी है।
पालघर बाढ़ में मृतक परिवारों को कितनी सहायता मिलेगी?
प्रत्येक पात्र मृतक परिवार को ₹4 लाख की सरकारी सहायता स्वीकृत की गई है। अब तक 8 परिवारों को कुल ₹32 लाख वितरित किए जा चुके हैं और शेष पात्र परिवारों को शीघ्र राशि दिए जाने का आश्वासन दिया गया है।
पालघर बाढ़ में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घर क्षतिग्रस्त हुए?
प्रशासन के अनुसार बाढ़ और भारी वर्षा से पालघर जिले में 20 लोगों की मौत हुई है। संपत्ति नुकसान में 44 पक्के घर पूरी तरह, 421 पक्के घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, इसके अलावा 126 कच्चे मकान, 10 झोपड़ियाँ और 3 गोशालाएँ भी प्रभावित हैं।
पालघर बाढ़ राहत की निगरानी कौन कर रहा है?
पालक मंत्री गणेश नाईक के मार्गदर्शन और जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ के नेतृत्व में राहत कार्यों की समीक्षा हो रही है। राजस्व, आपदा प्रबंधन, कृषि, पशुपालन, सार्वजनिक निर्माण और महावितरण विभाग संयुक्त रूप से सर्वे और राहत वितरण में जुटे हैं।
पालघर में बाढ़ का कारण और भविष्य की तैयारी क्या है?
पालक मंत्री गणेश नाईक के अनुसार जलवायु परिवर्तन के कारण प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता बढ़ रही है और इस मानसून में पालघर जिला लंबे समय तक रेड अलर्ट पर रहा। उन्होंने व्यापारियों और नागरिकों से संपत्ति व व्यवसाय का बीमा कराने की अपील की है।
राष्ट्र प्रेस
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