सूरत साइबर फ्रॉड: ₹1.52 करोड़ के निवेश घोटाले का मास्टरमाइंड रियाज खंभालिया से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
सूरत साइबर क्राइम पुलिस ने ₹1.52 करोड़ के ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी मामले के मास्टरमाइंड रियाज उर्फ शोएब मिर्जा (32) को 18 अगस्त 2026 को देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया स्थित उसके नए आवास से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी साइबर फ्रॉड की रकम को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता को 14 नवंबर 2025 से 10 फरवरी 2026 के बीच निशाना बनाया गया। आरोपियों ने शेयर बाज़ार में डॉलर-निवेश के ज़रिए अधिक रिटर्न का झाँसा दिया और एक फर्जी वेबसाइट का लिंक भेजकर पीड़ित को उस पर रजिस्ट्रेशन करने के लिए मना लिया।
इसके बाद पीड़ित ने ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर फर्जी वेबसाइटों तथा कस्टमर सर्विस चैनलों के माध्यम से बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹1,52,63,198 ट्रांसफर कर दिए। जब पीड़ित ने रकम निकालने की कोशिश की, तो उसे रोक दिया गया। इसके बाद साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।
गिरफ्तारी कैसे हुई
पुलिस इंस्पेक्टर वाई.एस. सिसोदिया और उनकी टीम ने असिस्टेंट पुलिस कॉन्स्टेबल हार्दिक कुमार गगजीभाई सहित अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर तकनीकी इनपुट के आधार पर आरोपी की लोकेशन खंभालिया में ट्रेस की। इसके बाद देवभूमि द्वारका एक विशेष टीम भेजी गई, जिसने रियाज को उसके नए घर से दबोचा।
आरोपी की भूमिका और नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, रियाज ने इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों को तीन प्रतिशत कमीशन देकर उनसे बैंक खाते हासिल किए। ये खाते उसने फरार आरोपियों को साइबर फ्रॉड की रकम ट्रांसफर करने के लिए मुहैया कराए और बदले में कमीशन लिया।
गौरतलब है कि इस मामले में पहले अहमदाबाद के मिनेश कुमार सोलंकी (26), अनिल गुप्ता (39) और विकास सिंह भदौरिया (34) को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक इंडसइंड बैंक खाते से जुड़ी 7 एनसीसीआरपी शिकायतें भी सामने आई हैं, जो कथित तौर पर रियाज ने पहले गिरफ्तार आरोपियों में से एक से कमीशन पर हासिल किया था।
22 राज्यों में फैला धोखाधड़ी का जाल
एफआईआर में दर्ज बैंक खातों की राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर जाँच करने पर पता चला कि 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 318 शिकायतें दर्ज हैं। इनमें सर्वाधिक तमिलनाडु से 60, केरल से 43, महाराष्ट्र से 35, तेलंगाना से 26, कर्नाटक से 26 और गुजरात से 49 शिकायतें शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली से 6, उत्तर प्रदेश से 17, राजस्थान से 8 और पश्चिम बंगाल से 8 शिकायतें भी दर्ज हैं।
आगे की जाँच
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में अभी भी कई आरोपी फरार हैं और उनके खिलाफ जाँच जारी है। यह मामला देशव्यापी साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करता है, जिसमें मनी-म्यूलिंग के लिए संगठित रूप से बैंक खाते जुटाए जाते हैं।