वलसाड 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0': पत्नी-रिश्तेदारों के खातों से ₹11.35 लाख की साइबर ठगी, युवक गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
वलसाड साइबर क्राइम सेल ने 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत 19 सितंबर 2026 को राहुल कुमार चौधरी नामक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के बैंक खातों को 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल करते हुए साइबर ठगी की कुल ₹11,35,975 रुपए की रकम प्राप्त की और निकाली। राहुल को वापी के रणछोड़ नगर से हिरासत में लिया गया।
कैसे उजागर हुआ मामला
वलसाड साइबर क्राइम टीम ने संदिग्ध म्यूल अकाउंट्स की विस्तृत जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि वापी के चानोद की निवासी खुशी कुमारी निषाद के द शामराव विट्ठल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के खाते में फरवरी से अगस्त 2026 के बीच कुल ₹1,46,96,656 रुपए का लेनदेन हुआ था।
पुलिस के अनुसार, इस खाते से जुड़ी करीब नौ साइबर अपराध शिकायतें अलग-अलग राज्यों में दर्ज थीं और इस खाते में साइबर ठगी से प्राप्त करीब ₹6,26,879 रुपए जमा पाए गए।
खुशी कुमारी के बयान से खुला राज़
पूछताछ के दौरान खुशी कुमारी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपना बैंक खाता अपने बहनोई राहुल कुमार को दिया था। राहुल मूलतः बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने राहुल पर नज़र रखी और बाद में उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
जांच में आगे सामने आया कि राहुल ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और साली के बैंक खातों का उपयोग ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया। इसके बाद वह कथित तौर पर स्वयं बैंक जाकर नकद राशि निकालता था।
क्रिप्टो और ऐप का इस्तेमाल
जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक ऐप के जरिए यूएसडीटी (USDT) खरीदने-बेचने और साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने का काम किया। पुलिस ने बताया कि राहुल की पत्नी के खाते में साइबर ठगी से हासिल करीब ₹5,09,096 रुपए जमा मिले। खुशी के खाते में मिले ₹6,26,879 और पत्नी के खाते में मिले ₹5,09,096 रुपए को जोड़कर कुल ₹11,35,975 की ठगी राशि का पता चला।
कानूनी कार्रवाई और जब्ती
वलसाड साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2) और 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2008 की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो चेकबुक और एक मोबाइल फोन जब्त किया है।
म्यूल अकाउंट: आम लोगों के लिए चेतावनी
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के गिरोह टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आम लोगों को थोड़े पैसे का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल कर लेते हैं और फिर उन्हें ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। ऐसे खातों को 'म्यूल अकाउंट' कहा जाता है। राहुल और उसके अन्य रिश्तेदारों के खातों तथा लेनदेन की जांच अभी जारी है।