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वलसाड 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0': पत्नी-रिश्तेदारों के खातों से ₹11.35 लाख की साइबर ठगी, युवक गिरफ्तार

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वलसाड 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0': पत्नी-रिश्तेदारों के खातों से ₹11.35 लाख की साइबर ठगी, युवक गिरफ्तार

सारांश

गुजरात के वलसाड में साइबर पुलिस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत एक युवक को दबोचा, जो पत्नी और रिश्तेदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल ₹11.35 लाख की साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए कर रहा था। क्रिप्टो करेंसी (USDT) तक का उपयोग सामने आया।

मुख्य बातें

वलसाड साइबर क्राइम सेल ने 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत राहुल कुमार चौधरी को वापी से गिरफ्तार किया।
आरोपी पर पत्नी और रिश्तेदारों के खातों से साइबर ठगी की कुल ₹11,35,975 रुपए की रकम लेने का आरोप।
खुशी कुमारी निषाद के खाते में फरवरी–अगस्त 2026 के बीच ₹1,46,96,656 रुपए का संदिग्ध लेनदेन।
आरोपी ने कथित तौर पर USDT खरीदने-बेचने वाले ऐप का उपयोग रकम ट्रांसफर के लिए किया।
पुलिस ने BNS 2023 और IT अधिनियम 2008 की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया; दो चेकबुक और मोबाइल फोन जब्त।

वलसाड साइबर क्राइम सेल ने 'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' के तहत 19 सितंबर 2026 को राहुल कुमार चौधरी नामक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपनी पत्नी और रिश्तेदारों के बैंक खातों को 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल करते हुए साइबर ठगी की कुल ₹11,35,975 रुपए की रकम प्राप्त की और निकाली। राहुल को वापी के रणछोड़ नगर से हिरासत में लिया गया।

कैसे उजागर हुआ मामला

वलसाड साइबर क्राइम टीम ने संदिग्ध म्यूल अकाउंट्स की विस्तृत जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि वापी के चानोद की निवासी खुशी कुमारी निषाद के द शामराव विट्ठल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के खाते में फरवरी से अगस्त 2026 के बीच कुल ₹1,46,96,656 रुपए का लेनदेन हुआ था।

पुलिस के अनुसार, इस खाते से जुड़ी करीब नौ साइबर अपराध शिकायतें अलग-अलग राज्यों में दर्ज थीं और इस खाते में साइबर ठगी से प्राप्त करीब ₹6,26,879 रुपए जमा पाए गए।

खुशी कुमारी के बयान से खुला राज़

पूछताछ के दौरान खुशी कुमारी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अपना बैंक खाता अपने बहनोई राहुल कुमार को दिया था। राहुल मूलतः बिहार के समस्तीपुर जिले का रहने वाला है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने राहुल पर नज़र रखी और बाद में उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।

जांच में आगे सामने आया कि राहुल ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और साली के बैंक खातों का उपयोग ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया। इसके बाद वह कथित तौर पर स्वयं बैंक जाकर नकद राशि निकालता था।

क्रिप्टो और ऐप का इस्तेमाल

जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर एक ऐप के जरिए यूएसडीटी (USDT) खरीदने-बेचने और साइबर ठगी की रकम ट्रांसफर करने का काम किया। पुलिस ने बताया कि राहुल की पत्नी के खाते में साइबर ठगी से हासिल करीब ₹5,09,096 रुपए जमा मिले। खुशी के खाते में मिले ₹6,26,879 और पत्नी के खाते में मिले ₹5,09,096 रुपए को जोड़कर कुल ₹11,35,975 की ठगी राशि का पता चला।

कानूनी कार्रवाई और जब्ती

वलसाड साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2) और 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2008 की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से दो चेकबुक और एक मोबाइल फोन जब्त किया है।

म्यूल अकाउंट: आम लोगों के लिए चेतावनी

पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के गिरोह टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आम लोगों को थोड़े पैसे का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल कर लेते हैं और फिर उन्हें ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल करते हैं। ऐसे खातों को 'म्यूल अकाउंट' कहा जाता है। राहुल और उसके अन्य रिश्तेदारों के खातों तथा लेनदेन की जांच अभी जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ₹1.46 करोड़ का लेनदेन करने वाले खाते पर नौ शिकायतें दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई में इतना समय क्यों लगा। म्यूल अकाउंट नेटवर्क तेज़ी से क्रिप्टो इंटीग्रेशन की ओर बढ़ रहे हैं — USDT का उपयोग जांच की जटिलता कई गुना बढ़ा देता है। जब तक केवल 'लास्ट माइल म्यूल' को पकड़ा जाता रहेगा और मुख्य ठगी ऑपरेटरों तक पहुँच नहीं होगी, तब तक इन ऑपरेशनों का असली प्रभाव सीमित रहेगा।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0' क्या है?
यह वलसाड साइबर क्राइम सेल द्वारा चलाया गया एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले 'म्यूल बैंक खातों' की पहचान कर उनके संचालकों को गिरफ्तार करना है। इस अभियान के तहत राहुल कुमार चौधरी को 19 सितंबर 2026 को वापी से गिरफ्तार किया गया।
म्यूल अकाउंट क्या होता है और इसका इस्तेमाल कैसे होता है?
म्यूल अकाउंट वह बैंक खाता होता है जिसे साइबर ठगी के गिरोह आम लोगों को थोड़े पैसे का लालच देकर हासिल करते हैं। टेलीग्राम और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को फँसाया जाता है और उनके खातों का उपयोग ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है।
राहुल कुमार चौधरी पर कौन-सी धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है?
वलसाड साइबर क्राइम पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 317(2), 317(4), 318(4), 61(2) और 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2008 की धारा 66(C) और 66(D) के तहत मामला दर्ज किया है।
इस मामले में कुल कितनी साइबर ठगी की रकम का पता चला?
पुलिस के अनुसार, खुशी कुमारी के खाते में ₹6,26,879 और राहुल की पत्नी के खाते में ₹5,09,096 रुपए साइबर ठगी से जमा हुए थे। दोनों को मिलाकर कुल ₹11,35,975 रुपए की ठगी राशि सामने आई है।
क्या इस मामले में अन्य आरोपियों की भी तलाश है?
पुलिस ने बताया कि राहुल के अन्य रिश्तेदारों के बैंक खातों और उनसे जुड़े लेनदेन की जांच अभी जारी है। मुख्य ठगी गिरोह के संचालकों तक पहुँचने के लिए आगे की छानबीन की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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