19 सितंबर 2026
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मुर्शिदाबाद में AJUP नेता आशिक इकबाल गिरफ्तार: कार से 108 नकली नोट और 2 हथियार बरामद

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मुर्शिदाबाद में AJUP नेता आशिक इकबाल गिरफ्तार: कार से 108 नकली नोट और 2 हथियार बरामद

सारांश

पश्चिम बंगाल में AJUP के प्रदेश सचिव आशिक इकबाल को मुर्शिदाबाद के हरिहरपाड़ा में नाका चेकिंग के दौरान ₹54,000 के नकली नोटों और दो अवैध हथियारों के साथ पकड़ा गया। यह गिरफ्तारी 6 अक्टूबर के रेजीनगर उपचुनाव से ऐन पहले राजनीतिक हलकों में हलचल मचा रही है।

मुख्य बातें

AJUP प्रदेश सचिव आशिक इकबाल को 18-19 सितंबर 2026 की रात हरिहरपाड़ा, मुर्शिदाबाद में नाका चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया।
कार से ₹500 के 108 नकली नोट (कुल ₹54,000 ), दो हथियार और चार राउंड जीवित गोलियाँ बरामद हुईं।
आशिक के साथ शाहजादपुर निवासी बबलू शेख को भी गिरफ्तार किया गया।
दोनों को 19 सितंबर को मुर्शिदाबाद जिला अदालत में पेश किया गया।
पुलिस को हथियार और नकली मुद्रा तस्करी के किसी संगठित गिरोह से संबंध होने का संदेह है।
यह गिरफ्तारी रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव ( 6 अक्टूबर 2026 ) से कुछ ही दिन पहले हुई है।

मुर्शिदाबाद जिले के हरिहरपाड़ा में 18-19 सितंबर 2026 की रात नाका चेकिंग के दौरान आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रदेश सचिव आशिक इकबाल को ₹500 के 108 नकली नोट और दो अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने शनिवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बरामद नकली नोटों की कुल अंकित कीमत ₹54,000 थी।

गिरफ्तारी की पूरी घटना

पुलिस के अनुसार, हरिहरपाड़ा थाने की एक विशेष टीम 18 सितंबर 2026 की देर रात गरिनामा इलाके में नाका चेकिंग कर रही थी। टीम को एक कार देखकर संदेह हुआ और उसे रोककर तलाशी ली गई। कार में ₹500 के 108 नकली नोट, दो हथियार और चार राउंड जीवित गोलियाँ बरामद हुईं।

कार चला रहे आशिक इकबाल — जो हरिहरपाड़ा के केबलरामपुर के निवासी हैं — और उनके साथ बैठे शाहजादपुर निवासी बबलू शेख को तत्काल हिरासत में ले लिया गया। दोनों पर नकली नोट रखने और अवैध हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं।

आरोपी की राजनीतिक पृष्ठभूमि

आशिक इकबाल विधायक हुमायूं कबीर की पार्टी AJUP के प्रदेश सचिव पद पर हैं। गौरतलब है कि उन्होंने इसी वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में बहरामपुर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब 6 अक्टूबर 2026 को रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव होना है और इलाके में राजनीतिक माहौल गरम है।

BJP की प्रतिक्रिया

रेजीनगर विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार शंखारव सरकार ने इस घटना को सुशासन के मुद्दे से जोड़ा। उन्होंने कहा, 'मुद्दा यह नहीं है कि हुमायूं कबीर कौन हैं, नकली पैसा कौन लाया या बम किसने रखा। यह सुशासन स्थापित करने की लड़ाई है। यह रेजीनगर औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग लाने की लड़ाई है। लोग इसी पर ध्यान दे रहे हैं। भाजपा रेजीनगर में जीत चुकी है। अब केवल नतीजे आने की देर है।'

जाँच की स्थिति और आगे की कार्यवाही

शनिवार, 19 सितंबर 2026 को पुलिस ने दोनों आरोपियों — आशिक इकबाल और बबलू शेख — को मुर्शिदाबाद जिला अदालत में पेश किया। पुलिस यह जाँच कर रही है कि नकली नोट और हथियार कहाँ से आए, इन्हें कहाँ ले जाया जा रहा था और इनका उद्देश्य क्या था। प्रारंभिक जाँच में अधिकारियों को हथियार और नकली मुद्रा की तस्करी करने वाले किसी संगठित गिरोह से संबंध होने का संदेह है। मामले में आगे की जाँच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दर्शाता है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े व्यक्तियों की जाँच और पारदर्शिता की व्यवस्था कमज़ोर है। 6 अक्टूबर के रेजीनगर उपचुनाव से ठीक पहले यह मामला सामने आना राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है — मुख्यधारा की कवरेज इसे अपराध समाचार तक सीमित कर रही है, जबकि असली सवाल यह है कि चुनाव-पूर्व काल में मुर्शिदाबाद में हथियारों और नकली मुद्रा की आवाजाही की जड़ें कहाँ तक फैली हैं।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आशिक इकबाल को कब और कहाँ गिरफ्तार किया गया?
आशिक इकबाल को 18-19 सितंबर 2026 की देर रात मुर्शिदाबाद जिले के हरिहरपाड़ा थाना क्षेत्र के गरिनामा इलाके में नाका चेकिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इसकी आधिकारिक जानकारी शनिवार को दी।
बरामद नकली नोट और हथियार कितने थे?
कार की तलाशी में ₹500 के 108 नकली नोट मिले, जिनकी कुल अंकित कीमत ₹54,000 थी। इसके अलावा दो अवैध हथियार और चार राउंड जीवित गोलियाँ भी बरामद की गईं।
आशिक इकबाल कौन हैं और उनकी राजनीतिक भूमिका क्या है?
आशिक इकबाल आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रदेश सचिव हैं, जो विधायक हुमायूं कबीर की पार्टी है। उन्होंने इसी वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में बहरामपुर सीट से प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
पुलिस जाँच में अब तक क्या सामने आया है?
प्रारंभिक जाँच में पुलिस को संदेह है कि आशिक इकबाल और बबलू शेख का किसी संगठित हथियार व नकली मुद्रा तस्करी गिरोह से संबंध हो सकता है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये सामग्री कहाँ से आई और कहाँ ले जाई जा रही थी।
इस गिरफ्तारी का रेजीनगर उपचुनाव से क्या संबंध है?
यह गिरफ्तारी 6 अक्टूबर 2026 को होने वाले रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से कुछ दिन पहले हुई है। BJP उम्मीदवार शंखारव सरकार ने इस मामले को सुशासन के मुद्दे से जोड़ा है, जिससे यह राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है।
राष्ट्र प्रेस
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