यूपी एटीएस ने पकड़ा नकली आधार कार्ड गिरोह का मास्टरमाइंड अलाउद्दीन, मुर्शिदाबाद से गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (यूपी एटीएस) ने 29 जुलाई 2025 को एक बड़ी कार्रवाई में रोहिंग्या, बांग्लादेशी और अन्य विदेशी नागरिकों के लिए नकली भारतीय दस्तावेज तैयार करने वाले अंतर-राज्यीय गिरोह के मुख्य मास्टरमाइंड अलाउद्दीन को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के रघुनाथगंज से गिरफ्तार किया। आरोपी पर ₹25,000 का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था।
मुख्य घटनाक्रम
यूपी एटीएस की टीम ने मंगलवार को मुर्शिदाबाद पहुँचकर अलाउद्दीन (निवासी वार्ड नंबर-3, रहमानपुर, थाना रघुनाथगंज, जनपद मुर्शिदाबाद) को हिरासत में लिया। एटीएस ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाया जा रहा है। इसके बाद गहन पूछताछ के लिए अदालत से कस्टडी रिमांड का अनुरोध किया जाएगा।
गिरोह का तरीकाकार
जाँच में सामने आया है कि यह गिरोह वीपीएन का प्रयोग कर सिस्टम को रिमोट पर लेकर आधार नामांकन पोर्टल तक अवैध पहुँच बनाता था। गिरोह के सदस्य फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और स्कूल सर्टिफिकेट जैसे मूल दस्तावेज तैयार करके उनके आधार पर आधार कार्ड बनवाते थे। इसके अलावा, गिरोह के सदस्यों की फर्जी लॉगिन आईडी बनवाकर उनका अवैध उपयोग भी किया जाता था।
गौरतलब है कि इस गिरोह के निशाने पर मुख्यतः रोहिंग्या, बांग्लादेशी, नेपाली एवं अन्य विदेशी नागरिक थे, जिन्हें फर्जी भारतीय पहचान दिलाई जाती थी।
अब तक की गिरफ्तारियाँ
यूपी एटीएस के अनुसार, इस मामले में अब तक 17 अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं। ये गिरफ्तारियाँ उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बिहार — तीन अलग-अलग राज्यों से की गई हैं। अलाउद्दीन की गिरफ्तारी इस श्रृंखला की सबसे अहम कड़ी मानी जा रही है, क्योंकि वह गिरोह का प्रमुख संचालक बताया जा रहा है।
आगे की जाँच
एटीएस के अनुसार इस मामले में जाँच और कार्रवाई अभी जारी है। अधिकारियों का मानना है कि अलाउद्दीन से पूछताछ के बाद गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की व्यापकता के बारे में और अहम जानकारियाँ सामने आ सकती हैं। यह ऐसे समय में आया है जब देश में अवैध प्रवासियों की पहचान और फर्जी दस्तावेज़ीकरण को लेकर सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हैं।