सहारनपुर पुलिस-एटीएस की संयुक्त कार्रवाई: 17 साल से फरार ₹25,000 इनामी बांग्लादेशी जाहिद गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की सहारनपुर पुलिस और एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) ने 13 जून 2026 को संयुक्त अभियान चलाकर 17 वर्षों से फरार ₹25,000 के इनामी बांग्लादेशी नागरिक जाहिद को गिरफ्तार किया। आरोपी 2009 से लगातार अपनी पहचान बदलकर विभिन्न राज्यों में छिपता रहा था और अदालत के गैर-जमानती वारंट के बावजूद पुलिस की पकड़ से बाहर था।
मामले की पृष्ठभूमि
2009 में तत्कालीन इंटेलिजेंस यूनिट के सब-इंस्पेक्टर इंद्रपाल सिंह की शिकायत पर कुतुबशेर पुलिस स्टेशन में फॉरेनर्स एक्ट की धारा 14 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जाँच में सामने आया कि छह बांग्लादेशी नागरिक वैध पासपोर्ट और आवश्यक दस्तावेज़ों के बिना भारत में प्रवेश कर अलग-अलग स्थानों पर काम कर रहे थे। इनमें से तीन आरोपियों को अदालत ने सज़ा सुनाई, जबकि जाहिद जमानत मिलते ही फरार हो गया और लंबे समय तक अदालत में पेश नहीं हुआ। गौरतलब है कि लंबे समय तक गैरहाज़िर रहने के बाद अदालत ने उसके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किया और ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया।
गिरफ्तारी का घटनाक्रम
एसपी सिटी व्योम बिंदल के अनुसार, सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) के निर्देश पर वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में थाना इंचार्ज चिलकाना विनोद कुमार और एटीएस यूनिट सहारनपुर के इंस्पेक्टर इंचार्ज सुधीर कुमार उज्ज्वल के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई थी। एक मुखबिर से सूचना मिलने पर कि आरोपी क्षेत्र में मौजूद है, टीम ने साइफन पुलिया के पास घेराबंदी कर जाहिद को दबोच लिया। पूछताछ में उसकी पहचान की पुष्टि हुई।
आरोपी की पहचान और ठिकाना
गिरफ्तारी के समय आरोपी डेराबस्सी, एसएएस नगर, मोहाली (पंजाब) में रह रहा था। उसका स्थायी पता थाना लेफ्कासरी, जिला बंदरबन (बांग्लादेश) बताया गया है। उसके पास से एक बांग्लादेशी पहचान पत्र और एक वीवो मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल की तलाशी में एक नकली आधार कार्ड और अन्य संदिग्ध दस्तावेज़ मिले। इन साक्ष्यों के आधार पर थाना चिलकाना में आईपीसी की धारा 318(4), 336(3), 340(2) और फॉरेनर्स एक्ट की धारा 14 के तहत नया मुकदमा दर्ज किया गया है।
जाँच में उभरे गंभीर पहलू
प्रारंभिक जाँच में कई चिंताजनक तथ्य सामने आए हैं। जाँच एजेंसियों को म्यांमार और बांग्लादेश के अलावा अन्य देशों के लोगों से आरोपी के संपर्कों की जानकारी मिली है। इसके अतिरिक्त उसकी पत्नी नेपाल की रहने वाली बताई जा रही है, जिससे मामले की जटिलता और बढ़ गई है। पुलिस और एटीएस अब आरोपी के नेटवर्क, संपर्कों और देश में छिपे संभावित साथियों की पड़ताल कर रही हैं। यह भी जाँचा जा रहा है कि उसने भारत में रहते हुए नकली दस्तावेज़ों का उपयोग कैसे किया और इसमें किसने उसकी सहायता की।
आगे की कार्रवाई
सुरक्षा एजेंसियाँ इस मामले को अवैध घुसपैठ और फर्ज़ी दस्तावेज़ नेटवर्क के व्यापक कोण से देख रही हैं। यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश पुलिस वांछित अपराधियों के विरुद्ध विशेष अभियान चला रही है। आने वाले दिनों में आरोपी की विस्तृत पूछताछ से और कड़ियाँ उजागर होने की संभावना है।