क्या पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हथियार और गोला-बारूद के साथ तीन गिरफ्तार हुए?
सारांश
Key Takeaways
- मुर्शिदाबाद में हथियारों की बड़ी बरामदगी
- तीन संदिग्ध व्यक्तियों की गिरफ्तारी
- चुनावी माहौल में बढ़ती सुरक्षा चिंताएँ
- हथियारों की तस्करी की आशंका
- पुलिस की सक्रियता और रणनीति
कोलकाता, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पूर्व मुर्शिदाबाद जिले में बड़ी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। जिला पुलिस के विशेष अभियान दल ने हथियारों के साथ तीन लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस संबंध में जानकारी गुरुवार को साझा की।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान रफीकुल मंडल, कौसर अली और साकिरुल शेख के रूप में हुई है। पुलिस ने इनसे 300 राउंड गोला-बारूद, दो देसी पिस्तौल, मैगजीन और 10,000 रुपए मूल्य के नकली भारतीय नोट बरामद किए हैं।
पुलिस ने तीनों से पूछताछ प्रारंभ कर दी है। पुलिस को संदेह है कि गिरफ्तार व्यक्तियों ने हथियारों की तस्करी के इरादे से इन्हें इकट्ठा किया था। लेकिन, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ये हथियार किसे और किस उद्देश्य से तस्करी किए जा रहे थे। इसके अलावा, पुलिस इस घटना के पीछे किसी साजिश की आशंका की भी जांच कर रही है।
बुधवार शाम को पुलिस ने बरहामपुर के सुभाषनगर इलाके में एक निजी चिकित्सा केंद्र के पास से तीनों को गिरफ्तार किया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उन्हें संदिग्ध गतिविधियों के बारे में पहले ही सूचना मिल गई थी। इसी के अनुरूप, पुलिस अधिकारियों ने गुप्त सूत्रों की मदद से इलाके में जाल बिछाया। तीनों के पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया।
मुर्शिदाबाद पुलिस जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मजीद इकबाल खान ने कहा, “उनका मुख्य उद्देश्य हथियारों और गोला-बारूद का आदान-प्रदान करना था। इससे पहले कि वे ऐसा कर पाते, जिला पुलिस के विशेष अभियान दल के प्रमुख अमित भक्ता के नेतृत्व में बहरामपुर पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मियों ने एक संयुक्त अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।”
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार रफीकुल मंडल इस्लामपुर क्षेत्र का निवासी है और उसके खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। यह भी दावा किया जा रहा है कि वह हथियारों की तस्करी करने वाले गिरोह का सदस्य है। हालांकि, तीनों से पूछताछ पूरी होने के बाद ही उनकी गतिविधियों के बारे में अधिक जानकारी सामने आएगी।
इस घटनाक्रम ने महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों से पहले जिले में इस प्रकार की गतिविधियों में वृद्धि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।