ट्रंप ने डीजल एक्सपोर्ट बैन की संभावना खारिज की, यूरोप करेगा बाज़ार में अतिरिक्त सप्लाई
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 3 अक्टूबर 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका डीजल के निर्यात पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाएगा। ट्रंप ने बताया कि यूरोपीय देश वैश्विक बाज़ार में अतिरिक्त डीजल आपूर्ति उपलब्ध कराने को तैयार हैं, जिससे ऊर्जा कीमतें नीचे लाने में मदद मिलेगी।
ट्रंप का स्पष्ट इनकार
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या यूरोप की अतिरिक्त सप्लाई की घोषणा के बाद अमेरिकी डीजल निर्यात पर रोक का विकल्प पूरी तरह खत्म हो गया है, तो उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि हमने कभी ऐसा करने की योजना बनाई थी।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'हम एक्सपोर्ट पर रोक नहीं लगाने जा रहे हैं — हमें जो करना चाहिए, हम वही करेंगे।'
ट्रंप ने यूरोप की पहल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने खुद यूरोपीय नेताओं से अनुरोध किया था कि वे अतिरिक्त डीजल स्टॉक बाज़ार में उतारें। उनके अनुसार यूरोप ने इस अपील पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
ईरान संघर्ष और तेल कीमतों का अनुमान
ट्रंप ने डीजल सप्लाई की स्थिति को मध्य पूर्व के घटनाक्रम से भी जोड़ा। उन्होंने अनुमान जताया कि ईरान से जुड़ी अनिश्चितता समाप्त होते ही वैश्विक तेल कीमतें गिरेंगी। ट्रंप ने कहा, 'बहुत जल्द हमारे पास काफी तेल होगा। जैसे ही ईरान का मामला खत्म होगा — और इसमें ज़्यादा समय नहीं लगेगा — तेल की कीमत फिर उसी स्तर पर, या शायद मेरे कार्यकाल की शुरुआत से भी नीचे चली जाएगी।'
गौरतलब है कि मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल और रिफाइंड ईंधन की वैश्विक आपूर्ति में रुकावटें आ रही हैं, जिससे ऊर्जा बाज़ार दबाव में है।
जी7 और आईईए की साझा कार्रवाई
जी7 देशों ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के माध्यम से मिलकर आगामी चार महीनों में 10 करोड़ बैरल तेल और ईंधन उत्पाद वैश्विक बाज़ार में जारी करने पर सहमति जताई है। जी7 के अनुसार यह प्रक्रिया तत्काल शुरू होगी और शुरुआती 20 दिनों में बड़ी मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जाएगा।
IEA ने कहा कि मार्च 2026 में घोषित 40 करोड़ बैरल की पिछली साझा कार्रवाई में से लगभग 32.5 करोड़ बैरल पहले ही बाज़ार में जारी किए जा चुके हैं। एजेंसी के अनुसार इससे सप्लाई की कमी को कुछ हद तक पूरा करने और वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों में भरोसा बहाल करने में मदद मिली।
डीजल सप्लाई पर अभी भी दबाव
IEA ने स्पष्ट किया कि मध्य पूर्व से कच्चे तेल का निर्यात काफी हद तक सुधरा है, लेकिन रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और आवाजाही पर अभी भी रुकावटें बनी हुई हैं। एजेंसी के अनुसार डीजल आपूर्ति पर दबाव विशेष रूप से गंभीर है।
यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग को नए सिरे से परिभाषित करने की कोशिश हो रही है। ट्रंप ने कहा कि यूरोपीय देश डीजल के बड़े उपभोक्ता हैं और उनके पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, इसलिए वे अतिरिक्त सप्लाई दे सकते हैं।
आगे क्या होगा
जी7 और आईईए की समन्वित कार्रवाई से निकट भविष्य में डीजल और रिफाइंड ईंधन की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि मध्य पूर्व की स्थिति स्थिर होती है तो ट्रंप के अनुमान के अनुरूप तेल कीमतों में नरमी आ सकती है। हालांकि, आपूर्ति शृंखला की रुकावटें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाज़ार के लिए जोखिम बनी रहेंगी।