ईरान संघर्ष समाप्त होते ही पेट्रोल सस्ता होगा: ट्रंप का NBC इंटरव्यू में दावा
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 जून 2026 को एनबीसी के कार्यक्रम 'मीट द प्रेस' में दिए इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि ईरान के साथ जारी संघर्ष के समाप्त होते ही अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें तेज़ी से नीचे आ जाएंगी। उन्होंने ईंधन और कृषि लागत में हुई बढ़ोतरी को ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए चुकाई गई 'अस्थायी और ज़रूरी कीमत' बताया।
ट्रंप का केंद्रीय तर्क
ट्रंप ने कहा कि उनके सामने दो स्पष्ट विकल्प थे — या तो ऊर्जा की कीमतें कम बनाए रखें, या फिर ईरान के परमाणु खतरे के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई करें। उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। उनके शब्दों में, "मैं बहुत खतरनाक लोगों के हाथों में परमाणु हथियार नहीं जाने दूंगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष पहली अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद से अब 100वें दिन में प्रवेश कर चुका है और अमेरिकी सैन्य अभियान ने ईरान की क्षमताओं को उल्लेखनीय रूप से कमज़ोर किया है।
किसानों पर आर्थिक दबाव
ट्रंप ने स्वीकार किया कि बढ़ती ईंधन और खाद की कीमतों का असर अमेरिकी किसानों पर पड़ा है। हालाँकि, उन्होंने कहा कि ग्रामीण अमेरिका आज भी उन पर भरोसा करता है। उन्होंने अपने पहले कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा, "मैंने उन्हें 28 अरब डॉलर दिए थे।"
उन्होंने जोड़ा, "मैं किसानों से प्यार करता हूं और किसान मुझसे प्यार करते हैं।" आलोचकों का कहना है कि यह भावनात्मक अपील ठोस नीतिगत राहत का विकल्प नहीं बन सकती।
कीमतें कब गिरेंगी
ट्रंप ने दो संभावित परिदृश्य रखे। उन्होंने कहा, "अगर समझौता हो जाता है तो कीमतें अभी कम हो जाएंगी, नहीं तो अभियान खत्म होने के बाद कम होंगी।" जब पूछा गया कि क्या कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी हैं, तो उन्होंने दावा किया, "कीमतें बहुत नीचे आएंगी — वे पहले से भी कम हो जाएंगी।"
यह बयान ऐसे समय आया है जब व्हाइट हाउस पर संघर्ष के आर्थिक असर को लेकर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।
दीर्घकालिक सैन्य उपस्थिति से इनकार
ट्रंप ने पूरे इंटरव्यू में इस बात को खारिज किया कि ईरान संघर्ष उनके विदेशों में लंबे समय तक सैन्य हस्तक्षेप से बचने के वादे के विरुद्ध है। उन्होंने कहा, "हम वहां लंबे समय तक नहीं रहने वाले हैं।"
गौरतलब है कि ट्रंप ने हालिया अमेरिकी रोज़गार रिपोर्ट को 'बहुत मजबूत' बताया और कहा कि देश रिकॉर्ड आर्थिक प्रदर्शन कर रहा है — संघर्ष के बावजूद अर्थव्यवस्था की मज़बूती को उन्होंने अपनी नीतियों की सफलता का प्रमाण बताया।
आगे की राह
यह संघर्ष किस दिशा में जाता है — कूटनीतिक समझौते की ओर या सैन्य अभियान के विस्तार की ओर — यह अमेरिकी ऊर्जा बाज़ार और वैश्विक तेल कीमतों के लिए निर्णायक होगा। ट्रंप के बयान से स्पष्ट है कि निकट भविष्य में राहत संघर्ष के नतीजे पर ही निर्भर करेगी।