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एनटीए से 47 कर्मी हटाए गए, एक महीने में होगा पूर्ण पुनर्गठन; पेपरलीक पर कड़ा कानून भी आएगा

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एनटीए से 47 कर्मी हटाए गए, एक महीने में होगा पूर्ण पुनर्गठन; पेपरलीक पर कड़ा कानून भी आएगा

सारांश

पेपरलीक विवाद के बाद सरकार ने एनटीए से 47 कर्मियों को हटाया और एक महीने में पूर्ण पुनर्गठन का लक्ष्य रखा है। PM मोदी ने कठोर पेपरलीक विरोधी कानून लाने का भरोसा दिलाया है, जिसका मसौदा तैयार हो चुका है।

मुख्य बातें

एनटीए से जुड़े 47 कर्मियों को हटाया गया; कुछ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी।
केंद्र सरकार एक महीने के भीतर एनटीए का आमूलचूल पुनर्गठन करेगी, जो विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर आधारित होगा।
एजेंसी की आउटसोर्सिंग व्यवस्था को पूरी तरह बदला जाएगा।
PM नरेंद्र मोदी ने वीडियो जारी कर पेपरलीक के खिलाफ कठोर कानून लाने का वादा किया; मसौदा तैयार, कैबिनेट में चर्चा हो चुकी है।
एनटीए नीट, जेईई, सीयूईटी सहित 15-20 राष्ट्रीय परीक्षाओं का संचालन करती है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी हो चुकी है — सूत्रों के अनुसार एजेंसी से जुड़े 47 कर्मियों को हटा दिया गया है और उनमें से कुछ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पेपरलीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने एक महीने के भीतर एनटीए के आमूलचूल पुनर्गठन का संकल्प लिया है, जिससे देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल की जा सके।

मुख्य घटनाक्रम

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार एनटीए की संरचना में व्यापक बदलाव की योजना पर काम कर रही है। यह बदलाव एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर किए जाएंगे। खासतौर पर एजेंसी की आउटसोर्सिंग व्यवस्था को पूरी तरह बदला जाएगा, जिसे पेपरलीक की एक बड़ी वजह माना जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य एक ऐसी लीकप्रूफ परीक्षा प्रणाली तैयार करना है जो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं को पूरी तरह रोक सके और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बना सके। हालाँकि सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है।

एनटीए की भूमिका और दायरा

एनटीए देश की कई अहम राष्ट्रीय परीक्षाओं का संचालन करती है, जिनमें नीट, जेईई और सीयूईटी सहित लगभग 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएँ शामिल हैं। इन परीक्षाओं में लाखों छात्रों का भविष्य दाँव पर होता है, इसलिए किसी भी अनियमितता का असर बेहद व्यापक होता है।

गौरतलब है कि हाल ही में नीट परीक्षा के सफल संचालन की जिम्मेदारी भी एनटीए के पास ही थी, लेकिन पेपरलीक और अनियमितताओं के आरोपों ने एजेंसी की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

प्रधानमंत्री का आश्वासन और कड़े कानून की तैयारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात एक वीडियो जारी कर देश को भरोसा दिलाया कि पेपरलीक के खिलाफ सरकार कठोर कानून लेकर आने वाली है। उन्होंने कहा कि इसका मसौदा तैयार हो चुका है और कैबिनेट की बैठक में इस पर चर्चा भी हो चुकी है। जल्द ही इसे संसद में पेश किए जाने की संभावना है।

यह ऐसे समय में आया है जब पेपरलीक के खिलाफ देशभर में छात्र आंदोलन चल रहा है और विपक्षी दल भी सरकार पर दबाव बना रहे हैं।

आगे क्या होगा

विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर एनटीए का पुनर्गठन एक महीने के भीतर पूरा किए जाने का लक्ष्य है। हटाए गए कर्मियों में से कुछ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू होने की बात कही जा रही है। साथ ही, पेपरलीक विरोधी कानून के संसद में पेश होने से परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही का एक नया ढाँचा तैयार हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह महज कार्मिक फेरबदल है या संरचनात्मक बदलाव। पिछले कई वर्षों में पेपरलीक की घटनाएँ बार-बार हुई हैं और हर बार आश्वासन मिले, लेकिन जवाबदेही का ढाँचा नहीं बदला। आउटसोर्सिंग व्यवस्था को बदलने की बात सही दिशा में है, पर विशेषज्ञ समिति की सिफारिशें सार्वजनिक न होने से पारदर्शिता पर सवाल बना रहेगा। पेपरलीक विरोधी कानून का मसौदा तैयार होना उत्साहजनक है, लेकिन कानून की कठोरता और क्रियान्वयन की इच्छाशक्ति ही असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनटीए से 47 कर्मियों को क्यों हटाया गया?
सूत्रों के अनुसार, पेपरलीक और परीक्षा अनियमितताओं की जाँच के बाद एनटीए से जुड़े 47 कर्मियों को हटाया गया है। इनमें से कुछ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी, हालाँकि सरकार ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान नहीं दिया है।
एनटीए का पुनर्गठन कब तक होगा?
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार एक महीने के भीतर एनटीए की संरचना में बड़े बदलाव करने की योजना पर काम कर रही है। यह बदलाव एक विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर किए जाएंगे।
PM मोदी ने पेपरलीक पर क्या कहा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार देर रात एक वीडियो जारी कर कहा कि सरकार पेपरलीक के खिलाफ कठोर कानून लाने वाली है। उन्होंने बताया कि इसका मसौदा तैयार हो चुका है, कैबिनेट में चर्चा हो चुकी है और जल्द ही इसे संसद में पेश किया जाएगा।
एनटीए कौन-सी परीक्षाएँ आयोजित करती है?
एनटीए देश की 15 से 20 राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं का संचालन करती है, जिनमें नीट, जेईई और सीयूईटी प्रमुख हैं। इन परीक्षाओं में देशभर के लाखों छात्र भाग लेते हैं।
एनटीए सुधार से छात्रों को क्या फायदा होगा?
सरकार का लक्ष्य एक लीकप्रूफ परीक्षा प्रणाली तैयार करना है, जिससे प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लग सके और परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी व विश्वसनीय बने। आउटसोर्सिंग व्यवस्था में बदलाव और कड़े कानून से छात्रों के हितों की बेहतर सुरक्षा होने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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