क्या ओडिशा के सीएम ने महिलाओं की सुरक्षा, किसानों के विकास और उद्योग को बढ़ावा देने की बात की?

Click to start listening
क्या ओडिशा के सीएम ने महिलाओं की सुरक्षा, किसानों के विकास और उद्योग को बढ़ावा देने की बात की?

सारांश

गणतंत्र दिवस पर ओडिशा के मुख्यमंत्री ने संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा, किसानों के विकास और उद्योग को बढ़ावा देने की बात की। आइये जानते हैं उनके विचार और राज्य की योजनाओं के बारे में।

Key Takeaways

  • संविधान का महत्व और उसका पालन आवश्यक है।
  • महिलाओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
  • 2036 तक ओडिशा को शीर्ष राज्यों में लाना है।
  • किसानों और उद्योगों का विकास आवश्यक है।
  • हर नागरिक का समृद्ध होना जरूरी है।

भुवनेश्वर, 26 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 77वें गणतंत्र दिवस पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि भारत का संविधान हर भारतीय के धर्म, कर्तव्यों और जीवनशैली का एक जीवंत प्रतिबिंब है।

कटक में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे महान आदर्शों के माध्यम से देशवासियों को एकजुट करता है और इसी ने भारत को वैश्विक पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री माझी ने नागरिकों से संविधान में निहित मूल्यों को बनाए रखने और अपने मौलिक कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि विश्व का सबसे लंबा लिखित संविधान हमारे वर्तमान और भविष्य के लिए मार्गदर्शक है। जाति, धर्म और रंग से परे यह हर भारतीय के जीवन का मानक है। यह केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि हर भारतीय के दिल की धड़कन है, जो हमारे धर्म, कर्तव्य और जीवनशैली को दर्शाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारत के संविधान के निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह हम अपने मौलिक अधिकारों की रक्षा करते हैं, उसी तरह हमें मौलिक कर्तव्यों के निर्वाह को भी महत्व देना चाहिए। ऐसा करके ही एक आदर्श लोकतांत्रिक समाज और एक अनुकरणीय राष्ट्र का निर्माण संभव है।

मुख्यमंत्री माझी ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लागू कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 11 वर्ष भारत के लिए परिवर्तनकारी रहे हैं। यह कालखंड देश के लिए बड़े और ऐतिहासिक बदलावों का दशक साबित हुआ है। ओडिशा ने भी पिछले 19 महीनों में तेजी से प्रगति की है।

अपने संबोधन में सीएम ने वामपंथी उग्रवादियों से हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास के पथ पर सभी को साथ लेकर चलना चाहती है। मुख्यमंत्री ने अगले दस वर्षों में एक समृद्ध ओडिशा बनाने का लक्ष्य दोहराते हुए कहा कि 2036 तक राज्य को देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए राज्य के प्रत्येक नागरिक, प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक जिले का समृद्ध होना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री माझी ने बीजद सरकार के स्मार्ट स्कूल कार्यक्रम पर एक बार फिर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी सरकार केवल रंग-बिरंगे स्कूल बनाने के बजाय मजबूत नींव वाले और वास्तव में विश्व स्तरीय शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने राज्य की माताओं और बहनों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यदि कोई उनके खिलाफ अपराध करता है, तो उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

Point of View

वे न केवल राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि देशभर में सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में भी प्रेरणादायक हैं। संविधान की सर्वोच्चता और महिलाओं की सुरक्षा पर जोर देना एक ऐसा विषय है, जो हर भारतीय को चिंतित करता है।
NationPress
06/02/2026

Frequently Asked Questions

ओडिशा के मुख्यमंत्री ने संविधान के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का संविधान हर भारतीय के धर्म, कर्तव्यों और जीवनशैली का जीवंत प्रतिबिंब है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा के बारे में क्या आश्वासन दिया?
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार महिलाओं की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
क्या मुख्यमंत्री ने विकास के लिए कोई लक्ष्य निर्धारित किया?
उन्होंने 2036 तक ओडिशा को देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य रखा।
Nation Press