क्या अभिषेक बनर्जी ने आई-पैक कार्यालय पर ईडी की छापेमारी पर टिप्पणी की?
सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने आई-पैक कार्यालय पर छापेमारी की।
- अभिषेक बनर्जी ने टिप्पणी करने से मना किया।
- मुख्यमंत्री ने जांच एजेंसी के कार्यों पर सवाल उठाए।
- राजनीतिक विवाद बढ़ सकता है।
कोलकाता, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तृणमूल कांग्रेस की सलाहकार फर्म आई-पैक के कार्यालय और कोलकाता में इसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर की गई छापेमारी ने सियासी हलचल पैदा कर दी है। टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने गुरुवार को मालदा जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया।
गुरुवार की सुबह, ईडी के अधिकारियों ने राज्य सरकार और तृणमूल कांग्रेस की सलाहकार फर्म आई-पैक के सेक्टर-5 स्थित कार्यालय और प्रतीक जैन के आवास पर छापे मारे।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले प्रतीक जैन के निवास पर गईं और उसके बाद आई-पैक कार्यालय पहुंचीं।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने तृणमूल कांग्रेस की चुनाव रणनीतियों को छीन लिया है और सभी लैपटॉप, मोबाइल फोन और डेटा जब्त कर लिए हैं, जिन्हें फोरेंसिक टीम की मदद से अपने नियंत्रण में लिया गया है।
आई-पैक राज्य प्रशासन के अधिकारियों के साथ-साथ अभिषेक बनर्जी और उनके कार्यालय के समन्वय से काम करता है।
इसलिए, सभी की नजरें अभिषेक बनर्जी पर थीं कि वे आई-पैक कार्यालय या प्रतीक जैन के आवास पर हुई छापेमारी पर क्या प्रतिक्रिया देंगे। हालांकि, उन्होंने इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की।
सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी ने इस घटनाक्रम पर टिप्पणी न करने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि गुरुवार की छापेमारी कोयला तस्करी के एक मामले के संबंध में की गई थी, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के सांसद से केंद्रीय जांच एजेंसी ने पहले भी पूछताछ की थी।
तृणमूल कांग्रेस के एक सूत्र ने बताया कि मामला विचाराधीन है। इसलिए, इस पर बोलने या न बोलने का निर्णय पूरी तरह से अभिषेक बनर्जी का विशेषाधिकार है।
हालांकि, मालदा में चुनाव प्रचार के दौरान अभिषेक बनर्जी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधा।