नीतीश कुमार पर अन्याय, भाजपा को होगा भारी नुकसान: अबू आजमी
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार का इस्तीफा राजनीतिक हलचल को दर्शाता है।
- भाजपा को इस स्थिति का गंभीरता से सामना करना पड़ेगा।
- महिला आरक्षण बिल में सुधार की आवश्यकता है।
- ड्रग्स की समस्या पर सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है।
- लव जिहाद पर सही जांच की आवश्यकता है।
मुंबई, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के मुख्यमंत्री पद से मंगलवार को नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया। वहीं, सम्राट चौधरी को भाजपा बिहार विधानमंडल दल का नेता नियुक्त किया गया। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अबू आजमी ने कहा कि नीतीश कुमार के साथ न्याय नहीं हुआ है। यदि थोड़ी भी न्याय की जाती तो जदयू की तरफ से कोई मुख्यमंत्री होता।
मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए अबू आजमी ने कहा कि वे नीतीश कुमार को लंबे समय से जानते हैं।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार एक बहुत ही सरल इंसान हैं। अगर उन्होंने भाजपा का सहयोग नहीं किया होता तो भाजपा वहां सरकार नहीं बना पाती और न ही कोई उनका मुख्यमंत्री बन पाता। उन्होंने कई बार सरकार बदली है, जिसका खामियाजा उन्हें अंततः भुगतना पड़ा। नीतीश कुमार भीमराव अंबेडकर के अनुयायी रहे हैं, लेकिन उन्होंने इस्तीफा देकर एक बड़ी गलती की। नीतीश कुमार के जाने से भाजपा कमजोर होगी।
बंगाल चुनाव पर अबू आजमी ने कहा कि भाजपा हर संभव तरीके से चुनाव जीतने का प्रयास करेगी, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। भाजपा की ऐसी गतिविधियों के खिलाफ जनता को खड़ा होना चाहिए। जनता ममता बनर्जी के पक्ष में है।
उन्होंने कहा कि हुमायूं कबीर को भाजपा ने खड़ा किया था। स्टिंग ऑपरेशन में यह बात खुल गई। भाजपा मुस्लिम वोटों का बंटवारा करके चुनाव जीतना चाहती है।
महिला आरक्षण बिल पर अबू आजमी ने कहा कि वे इस बिल का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन यदि दलित और मुस्लिम महिलाओं के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान होता तो महिलाओं की आवाज और भी बुलंद होती।
डॉ. भीमराव आंबेडकर जयंती पर अबू आजमी ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए, खासकर दबे-कुचले मुसलमानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनके द्वारा रचित संविधान ने ही मुझे इस देश में रहने का अधिकार दिया है। आज जब संप्रदायिकता इतनी बढ़ गई है, तब संविधान ही दबे-कुचले लोगों को ताकत दे रहा है। संविधान ने इतनी ताकत दी है कि मैं अपने सबसे बड़े मालिक के खिलाफ भी बोल सकता हूं, लेकिन यह ताकत सरकार छीन लेना चाहती है।
संविधान में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि अपराध करने पर किसी का घर गिरा दिया जाए, लेकिन आज घर गिराए जा रहे हैं। संविधान में कहीं नहीं लिखा कि गोली मारी जाए या दलित को कुएं से पानी न लेने दिया जाए। सभी के अधिकारों की लड़ाई डॉ. आंबेडकर ने लड़ी थी, जिसे यह सरकार कमजोर करने में लगी हुई है। सरकार सामने तो बाबा साहेब की जय-जयकार करती है, लेकिन पीछे उनके विचारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि संविधान ने समाज में सभी को बराबरी का दर्जा दिया है और कमजोर वर्गों को आरक्षण दिया है, ताकि वे दुनिया की दौड़ में बराबरी से चल सकें। यह सरकार पिछले दरवाजे से आरक्षण खत्म करने की कोशिश कर रही है।
अबू आजमी ने ड्रग्स की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सरकार चाहे तो परिंदा भी पर नहीं मार सकता, लेकिन वह इस समस्या पर अंकुश नहीं लगा पा रही है।
लव जिहाद के मामले पर सपा नेता ने कहा कि मैं नहीं समझता कि कोई मुस्लिम किसी को जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराता हो। इसमें ज़रूर कुछ छिपी हुई बातें हैं। इस मामले की सही जांच होनी चाहिए। कुरान में साफ निर्देश है कि किसी का जबरन धर्म परिवर्तन नहीं किया जा सकता। न ही किसी की मस्जिद पर जबरन मंदिर बनाया जा सकता है और न ही जबरन शादी की जा सकती है।