क्या आगरा कैंट की मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोप सही हैं?
सारांश
Key Takeaways
- आगरा कैंट की मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं।
- समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।
- मृतक और डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों को हटाने की मांग की गई है।
- मतदाता सूची में पारदर्शिता और शुद्धता की आवश्यकता है।
- निर्वाचन आयोग से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की गई है।
लखनऊ, 17 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने जनपद आगरा की 87–आगरा कैंट विधानसभा क्षेत्र की ड्राफ्ट मतदाता सूची में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा है।
उन्होंने मृतक और डुप्लीकेट मतदाताओं के नामों को तुरंत हटाने की मांग की है और उन मतदाताओं के नाम पुनः शामिल करने की मांग की है जिन्होंने सही तरीके से गणना प्रपत्र भरकर बीएलओ के पास जमा किया था। यह कदम मतदाता सूची को पारदर्शी, त्रुटिरहित और शुद्ध बनाने के लिए आवश्यक है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि आगरा कैंट की ड्राफ्ट मतदाता सूची में लगातार गड़बड़ियों की शिकायतें आ रही हैं। सूची में बड़ी संख्या में मृतक और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम दर्ज हैं, जबकि कई ऐसे मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं जिन्होंने सभी औपचारिकताएं पूरी की थीं।
श्यामलाल पाल ने उदाहरण देते हुए बताया कि पोलिंग बूथ संख्या 317 पर क्रम संख्या 364, 367, 373, 374 और 381 पर दर्ज सविता, नारायण, शांति देवी, शीला देवी और प्रताप सिंह मृतक हैं, फिर भी उनके नाम मतदाता सूची में मौजूद हैं। इसी तरह, एक ही मतदाता के डुप्लीकेट नाम भी सूची में पाए गए हैं।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि पोलिंग बूथ संख्या 398 और 404 पर दर्ज कई मतदाताओं के नाम बिना किसी कारण के डिलीट कर दिए गए, जबकि उन्होंने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की थीं। सपा ने इसे एसआईआर प्रक्रिया में घोर लापरवाही करार देते हुए निर्वाचन आयोग से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।