PM मोदी के जन्मदिन पर अजमेर दरगाह से दुआ, सूफी काउंसिल चेयरमैन बोले — 'सबका साथ, सबका विकास' पर अटल हैं मोदी
सारांश
मुख्य बातें
अजमेर शरीफ दरगाह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन (17 सितंबर 2026) पर विशेष दुआ माँगी गई, जहाँ उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की गई। ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि मोदी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के अपने संकल्प पर निरंतर कार्य कर रही है।
दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन
जन्मदिन के मौके पर अजमेर दरगाह में एक विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। चिश्ती ने इस दौरान कहा, 'आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। मैं इस दरगाह पर दुआ करता हूँ कि सर्वशक्तिमान ईश्वर उन्हें लंबी और स्वस्थ आयु प्रदान करें। ईश्वर उन्हें और सफलता दे ताकि वे देश को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकें।' यह आयोजन सूफी परंपरा की उस धारा का प्रतीक है जो राष्ट्रीय एकता और सौहार्द का संदेश देती आई है।
चेयरमैन चिश्ती ने क्या कहा
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा, 'देखिए, प्रधानमंत्री सबके हैं। वह इस देश के 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं। पहले दिन से ही उनका विजन रहा है — सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका सम्मान। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सभी ने तरक्की की है, विकास हो रहा है और सभी को सम्मान मिल रहा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि 2014 से अब तक सरकार ने सभी वर्गों के लिए काम किया है और इसका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है।
विकसित भारत 2047 का साझा सपना
चिश्ती ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का साझा सपना बताया। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है। हमारा देश सफलता, समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ता रहे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सूफी समाज भी इस राष्ट्रीय विकास के सपने को साकार करने में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
सूफी काउंसिल की भूमिका और संदेश
ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल देशभर की दरगाहों और खानकाहों का प्रतिनिधित्व करती है। चेयरमैन ने कहा कि सूफी परंपरा हमेशा से देश में अमन, भाईचारे और एकता का पैगाम देती रही है और प्रधानमंत्री का विजन भी उसी एकता को मजबूत करने वाला है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने शुभकामनाएँ और आयोजन किए। गौरतलब है कि अजमेर शरीफ दरगाह भारत के सबसे प्रतिष्ठित सूफी तीर्थस्थलों में से एक है और यहाँ से आने वाला संदेश राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जाता है।