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PM मोदी के जन्मदिन पर अजमेर दरगाह से दुआ, सूफी काउंसिल चेयरमैन बोले — 'सबका साथ, सबका विकास' पर अटल हैं मोदी

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PM मोदी के जन्मदिन पर अजमेर दरगाह से दुआ, सूफी काउंसिल चेयरमैन बोले — 'सबका साथ, सबका विकास' पर अटल हैं मोदी

सारांश

पीएम मोदी के जन्मदिन पर अजमेर शरीफ दरगाह से दुआ — सूफी काउंसिल चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने उनके दीर्घायु की कामना की और 'सबका साथ, सबका विकास' के विजन को राष्ट्रीय एकता की नींव बताया। सूफी परंपरा और सरकारी विजन के इस मिलन का संदेश विकसित भारत 2047 के साझे सपने से जुड़ा है।

मुख्य बातें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन ( 17 सितंबर 2026 ) पर अजमेर शरीफ दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन किया गया।
ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने मोदी को हार्दिक बधाई दी और लंबी उम्र व स्वास्थ्य की कामना की।
चिश्ती ने कहा कि मोदी 140 करोड़ भारतीयों के प्रधानमंत्री हैं और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका सम्मान' के विजन पर काम कर रहे हैं।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को सूफी समाज ने 140 करोड़ भारतीयों का साझा सपना बताया।
काउंसिल ने कहा कि 2014 से अब तक सरकार के कामों का असर जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।

अजमेर शरीफ दरगाह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन (17 सितंबर 2026) पर विशेष दुआ माँगी गई, जहाँ उनके दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की गई। ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री को हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि मोदी सरकार 'सबका साथ, सबका विकास' के अपने संकल्प पर निरंतर कार्य कर रही है।

दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन

जन्मदिन के मौके पर अजमेर दरगाह में एक विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। चिश्ती ने इस दौरान कहा, 'आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। मैं इस दरगाह पर दुआ करता हूँ कि सर्वशक्तिमान ईश्वर उन्हें लंबी और स्वस्थ आयु प्रदान करें। ईश्वर उन्हें और सफलता दे ताकि वे देश को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकें।' यह आयोजन सूफी परंपरा की उस धारा का प्रतीक है जो राष्ट्रीय एकता और सौहार्द का संदेश देती आई है।

चेयरमैन चिश्ती ने क्या कहा

सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा, 'देखिए, प्रधानमंत्री सबके हैं। वह इस देश के 140 करोड़ लोगों के प्रधानमंत्री हैं। पहले दिन से ही उनका विजन रहा है — सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका सम्मान। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सभी ने तरक्की की है, विकास हो रहा है और सभी को सम्मान मिल रहा है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि 2014 से अब तक सरकार ने सभी वर्गों के लिए काम किया है और इसका असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है।

विकसित भारत 2047 का साझा सपना

चिश्ती ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को केवल सरकार का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का साझा सपना बताया। उन्होंने कहा, 'पीएम मोदी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति कर रहा है। हमारा देश सफलता, समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ता रहे।' उन्होंने स्पष्ट किया कि सूफी समाज भी इस राष्ट्रीय विकास के सपने को साकार करने में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

सूफी काउंसिल की भूमिका और संदेश

ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल देशभर की दरगाहों और खानकाहों का प्रतिनिधित्व करती है। चेयरमैन ने कहा कि सूफी परंपरा हमेशा से देश में अमन, भाईचारे और एकता का पैगाम देती रही है और प्रधानमंत्री का विजन भी उसी एकता को मजबूत करने वाला है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने शुभकामनाएँ और आयोजन किए। गौरतलब है कि अजमेर शरीफ दरगाह भारत के सबसे प्रतिष्ठित सूफी तीर्थस्थलों में से एक है और यहाँ से आने वाला संदेश राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सबका विकास' के नारे को जमीनी स्वीकृति के रूप में प्रस्तुत करता है, लेकिन आलोचकों का कहना है कि धार्मिक स्थलों से निकलने वाले ऐसे राजनीतिक बयानों और व्यावहारिक नीतिगत नतीजों के बीच की खाई को पाटना अभी बाकी है। यह भी उल्लेखनीय है कि सूफी परंपरा और मुख्यधारा सरकारी राजनीति के बीच यह सेतु तब बना है जब अजमेर दरगाह विवाद (ज्ञानवापी-शैली के दावों से जुड़े) की पृष्ठभूमि में यह संस्था एकता का स्वर उठा रही है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजमेर दरगाह में पीएम मोदी के जन्मदिन पर दुआ क्यों की गई?
ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने 17 सितंबर 2026 को पीएम मोदी के जन्मदिन पर अजमेर शरीफ दरगाह में विशेष दुआ का आयोजन किया। इसमें प्रधानमंत्री के दीर्घायु, स्वास्थ्य और देश की तरक्की के लिए प्रार्थना की गई।
ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल क्या है?
यह काउंसिल देशभर की दरगाहों और खानकाहों का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था है, जिसके चेयरमैन सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती हैं। यह संस्था सूफी परंपरा के तहत अमन, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता का संदेश देती आई है।
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने मोदी सरकार के बारे में क्या कहा?
चिश्ती ने कहा कि पीएम मोदी 140 करोड़ भारतीयों के प्रधानमंत्री हैं और 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका सम्मान' के विजन पर काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 2014 से अब तक सरकार के कामों का असर जमीनी स्तर पर दिख रहा है।
विकसित भारत 2047 से सूफी समाज का क्या संबंध है?
सूफी काउंसिल चेयरमैन ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को 140 करोड़ भारतीयों का साझा सपना बताया और कहा कि सूफी समाज भी इस राष्ट्रीय विकास मिशन में सरकार के साथ खड़ा है। उन्होंने इसे सूफी एकता की परंपरा के अनुरूप बताया।
अजमेर शरीफ दरगाह का राष्ट्रीय महत्त्व क्या है?
अजमेर शरीफ दरगाह भारत के सबसे प्रतिष्ठित सूफी तीर्थस्थलों में से एक है, जहाँ हर धर्म और वर्ग के श्रद्धालु आते हैं। यहाँ से निकलने वाले धार्मिक और सामाजिक संदेश राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से विशेष महत्त्व रखते हैं।
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