9 अक्टूबर 2026
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उपचुनाव जीत पर अमित शाह का हमला: 'जनता ने इंडी अलायंस को पूरी तरह नकारा'

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उपचुनाव जीत पर अमित शाह का हमला: 'जनता ने इंडी अलायंस को पूरी तरह नकारा'

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह ने उपचुनाव और निकाय चुनावों में भाजपा की जीत को इंडी अलायंस की पूर्ण जनस्वीकृति की हार बताया। यह बयान ऐसे वक्त आया जब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग लेकर सड़क पर है और राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट कर इंडी अलायंस पर निशाना साधा।
पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी के उपचुनावों और राजस्थान, त्रिपुरा के निकाय चुनावों में एनडीए की जीत का हवाला दिया।
शाह ने हिमंत बिस्वा सरमा, भजनलाल शर्मा, माणिक साहा, एन.
रंगासामी और शुभेंदु अधिकारी को बधाई दी।
विपक्षी दल CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं और SIR के दौरान मतदाता नाम हटाए जाने का आरोप लगा रहे हैं।
विपक्षी नेताओं की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात प्रस्तावित है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 9 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस और इंडी अलायंस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल, असम, पुडुचेरी के उपचुनावों और राजस्थान तथा त्रिपुरा के हालिया निकाय चुनावों में एनडीए की जीत यह साबित करती है कि जनता ने विपक्षी गठबंधन को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडी अलायंस के तमाम दुष्प्रचार के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (BJP) लगातार चुनावी सफलता अर्जित कर रही है।

शाह का एक्स पोस्ट और मुख्य दावे

गृह मंत्री शाह ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि चुनावों में लगातार मिल रही जीत जनता के भाजपा पर अटूट विश्वास की गवाह है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनाधार खो चुके विपक्षी दल हर हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जनता अब उनके इस 'चरित्र' को पहचान चुकी है।

उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि इस बार भी जनता ने 'प्रचंड जनादेश' देकर भाजपा पर भरोसा जताया है। यह बयान एक ओर जहाँ चुनावी जीत का उत्सव है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष की मौजूदा राजनीतिक रणनीति पर सीधा प्रहार भी है।

किन नेताओं को दी बधाई

शाह ने उपचुनावों में जीत के लिए कई राज्य नेताओं को बधाई दी। इनमें पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के साथ-साथ सभी प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ता शामिल रहे।

विपक्ष का विरोध और चुनाव आयोग पर आरोप

शाह का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन तेज हो चुका है। विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित तौर पर अनुचित ढंग से मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगा रहे हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं।

गौरतलब है कि यह विवाद सिर्फ एक उपचुनाव परिणाम तक सीमित नहीं है — विपक्ष इसे निर्वाचन आयोग की संस्थागत जवाबदेही का व्यापक सवाल बता रहा है। ऐसे में शाह का 'संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने' वाला कथन सीधे इसी संदर्भ को संबोधित करता प्रतीत होता है।

आगे क्या होगा

आने वाले दिनों में नई दिल्ली में विपक्षी दलों के विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। विपक्षी नेताओं की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का समय भी तय हो चुका है, जिसमें मतदाता सूची पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। यह राजनीतिक टकराव आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में और अधिक तीखा हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राजनीतिक संदेश है — विपक्ष को 'संस्थाओं का दुश्मन' के रूप में चित्रित करना, ताकि मतदाता सूची विवाद की वैधानिक माँगों को चुनावी हारे दलों की खीझ बताकर खारिज किया जा सके। लेकिन विपक्ष का CEC पर आरोप केवल हार की प्रतिक्रिया नहीं है — SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग स्वतंत्र चुनावी प्रेक्षकों ने भी उठाई है। असली सवाल यह है कि क्या भाजपा की जीत का उत्साह इस संस्थागत बहस को दबा देगा, या राष्ट्रपति से मिलने के बाद विपक्ष इसे जनमत की अदालत में ले जाने में सफल होगा।
RashtraPress
9 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने इंडी अलायंस पर क्या आरोप लगाए?
गृह मंत्री अमित शाह ने 9 अक्टूबर 2026 को एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राहुल गांधी और इंडी अलायंस के दुष्प्रचार के बावजूद भाजपा उपचुनावों और निकाय चुनावों में लगातार जीत रही है, और जनता ने विपक्षी गठबंधन को पूरी तरह नकार दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि जनाधार खो चुके ये दल हर हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं।
किन राज्यों के उपचुनावों में भाजपा ने जीत दर्ज की?
शाह के बयान के अनुसार पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के उपचुनावों के साथ-साथ राजस्थान और त्रिपुरा के हालिया निकाय चुनावों में एनडीए ने जीत हासिल की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर विवाद क्या है?
विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान कथित तौर पर अनुचित ढंग से मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाते हुए CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग कर रहे हैं। वे निर्वाचन आयोग की संस्थागत जवाबदेही पर भी सवाल उठा रहे हैं।
विपक्ष राष्ट्रपति से क्यों मिलने वाला है?
विपक्षी नेताओं की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का समय तय हुआ है, जिसमें मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त की जवाबदेही से जुड़े मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। यह कदम विपक्ष के चल रहे आंदोलन का हिस्सा है।
शाह ने किन नेताओं को उपचुनाव जीत की बधाई दी?
गृह मंत्री शाह ने पश्चिम बंगाल के शुभेंदु अधिकारी, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा और पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के साथ-साथ सभी प्रदेश अध्यक्षों और पार्टी कार्यकर्ताओं को बधाई दी।
राष्ट्र प्रेस
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