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केरल में एनडीए सरकार बनने का दावा: अमित शाह का सशक्त भाषण

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केरल में एनडीए सरकार बनने का दावा: अमित शाह का सशक्त भाषण

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कट्टक्कडा में आयोजित जनसभा में एनडीए के बढ़ते जनाधार का दावा किया। उन्होंने यूडीएफ और एलडीएफ पर हमले किए, भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति पर सवाल उठाए। क्या केरल में इस बार एनडीए की सरकार बनेगी?

मुख्य बातें

एनडीए का जनाधार केरल में बढ़ रहा है।
अमित शाह ने भ्रष्टाचार की घटनाओं का उल्लेख किया।
तुष्टीकरण की राजनीति पर सवाल उठाए गए।
विकास कार्यों की उपलब्धियाँ बताई गईं।

तिरुवनंतपुरम, 5 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा चुनावों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को कट्टक्कडा में एक भव्य जनसभा को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने आगामी चुनाव में एनडीए की सरकार बनने का दावा पेश किया। अपने भाषण में उन्होंने यूडीएफ और एलडीएफ पर तीखी आलोचना की। साथ ही, उन्होंने विपक्ष को भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण, और विकास के मुद्दों पर घेरा।

जनसभा में अमित शाह ने कहा कि केरल में एनडीए का जनाधार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को राज्य में 14 प्रतिशत वोट मिले थे, जो 2019 में बढ़कर 16 प्रतिशत हो गए और 2024 में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इस बार केरल में एनडीए की सरकार बनने जा रही है।

उन्होंने कहा कि केरल की जनता वर्षों से यूडीएफ और एलडीएफ के बीच सत्ता परिवर्तन करती रही है, लेकिन किसी भी सरकार ने राज्य के असली विकास की ओर ध्यान नहीं दिया। दोनों दलों की सरकारों में भ्रष्टाचार की घटनाएँ हुई हैं। उन्होंने एलडीएफ सरकार पर 343 करोड़ रुपए के कोऑपरेटिव बैंक घोटाले, एआई घोटाले, और लाइफ मिशन घोटाले का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि यूडीएफ और एलडीएफ एक-दूसरे के भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते क्योंकि दोनों इससे जुड़े हुए हैं। उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि सबरीमाला सोने की चोरी के दोषियों को दो महीने के भीतर जेल भेजा जाएगा।

अमित शाह ने दोनों दलों पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर प्रतिबंध लगाया, तब एलडीएफ-यूडीएफ ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि इनकी सरकार में केरल कभी सुरक्षित नहीं हो सकता। उन्होंने वक्फ संशोधन विधेयक का जिक्र करते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार यह बिल लाई, तब भी दोनों पार्टियों ने विरोध किया। उन्होंने एर्नाकुलम में वक्फ बोर्ड द्वारा 600 परिवारों से 400 एकड़ जमीन लेने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस मामले में भी दोनों दल चुप रहे और तुष्टीकरण की राजनीति करते रहे।

गृह मंत्री ने कांग्रेस और कम्युनिस्टों के गठबंधन पर भी सवाल उठाए और कहा कि दोनों एक ही जैसी सोच रखते हैं। उन्होंने सबरीमाला सोने की चोरी का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि लेफ्ट शासन में सोना लूटा गया और कांग्रेस उसे बेचने में शामिल रही। अब इन दोनों का समय समाप्त हो चुका है और एनडीए की सरकार बनने जा रही है।

विकास कार्यों का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि केरल में रेलवे का 100 प्रतिशत विद्युतीकरण हो चुका है। कोच्चि में देश की पहली वॉटर मेट्रो बनाई जा रही है, वहीं देश का पहला डेडिकेटेड कंटेनर ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट और पहला डिजिटल साइंस पार्क भी केरल में स्थापित किया गया है। एक समय माना जाता था कि केरल में कमल नहीं खिल सकता, लेकिन अब परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं। 2016 में पहली बार भाजपा का विधायक चुना गया, 2024 में पहली बार सांसद और 2025 में तिरुवनंतपुरम में पहली बार भाजपा का मेयर बना। अब समय आ गया है कि केरल में एनडीए का मुख्यमंत्री बने।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो कि राज्य के विकास के लिए आवश्यक है। एनडीए का बढ़ता जनाधार एक नई राजनीतिक दिशा को दर्शाता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने केरल में एनडीए की सरकार बनने का क्या दावा किया?
उन्होंने कहा कि 2024 में एनडीए का जनाधार 20 प्रतिशत तक पहुँच जाएगा और इस बार वे सरकार बनाएंगे।
क्यों अमित शाह ने यूडीएफ और एलडीएफ पर आरोप लगाए?
उन्होंने दोनों दलों पर भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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