असम भाजपा ने खड़गे के 'जहरीला सांप' बयान पर दर्ज कराई एफआईआर
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने खड़गे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
- खड़गे ने भाजपा और आरएसएस को 'जहरीला सांप' कहा।
- सामाजिक सौहार्द को खतरा हो सकता है।
- पुलिस की कार्रवाई जारी है।
- कांग्रेस की प्रतिक्रिया अभी बाकी है।
दिसपुर, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। असम भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा का आरोप है कि खड़गे ने 6 अप्रैल को असम के श्रीभूमि जिले के नीलाबाजार में एक रैली में भड़काऊ और अपमानजनक भाषण दिया।
भाजपा असम प्रदेश इकाई के प्रवक्ता रंजीब कुमार शर्मा ने बशिष्ठ पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया है कि खड़गे ने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा को 'जहरीला' कहा और इन दोनों को 'जहरीले सांप' की उपमा दी। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा को समाप्त करने का आह्वान किया।
शिकायतकर्ता ने कहा कि खड़गे के इन बयानों से भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भावनाएं गहरी चोट पहुंची हैं। आरोप है कि इस तरह के बयान समाज में नफरत फैलाने और सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने का कार्य करते हैं। इससे असम के मूल निवासियों के बीच झड़पें भी हो सकती हैं।
रंजीब कुमार शर्मा ने पुलिस को दिए गए आवेदन में लिखा, "खड़गे शत्रुता को बढ़ावा देने और सार्वजनिक शांति को भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए उनके खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए।" भाषण का सोशल मीडिया लिंक भी सबूत के रूप में एफआईआर के साथ जोड़ा गया है।
भाजपा नेताओं का कहना है कि खड़गे के बयान न केवल भाजपा और आरएसएस को अपमानित करते हैं, बल्कि समाज में विभाजन भी पैदा करते हैं। पार्टी ने पुलिस से इस मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। बशिष्ठ थाने के अधिकारी-प्रभारी ने बताया कि शिकायत की जांच की जा रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना पर कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह घटना उस समय हुई है जब असम में राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। भाजपा ने इसे कांग्रेस की हताशा बताते हुए कहा कि खड़गे के बयान न केवल अनुचित हैं, बल्कि देश की एकता और अखंडता के खिलाफ भी हैं।