बंगाल के मतदाताओं को ओवैसी और हुमायूं कबीर के प्रति सतर्क रहना चाहिए: नसीम सिद्दीकी
सारांश
Key Takeaways
- बंगाल की जनता को ओवैसी और कबीर से सतर्क रहना चाहिए।
- हुमायूं कबीर के भाजपा से संबंध हैं।
- वोटर्स का अपमान नहीं होना चाहिए।
- मालेगांव धमाके की जांच फिर से होनी चाहिए।
- सरकार को सच्चाई सामने लानी चाहिए।
मुंबई, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान, जहां प्रत्याशी नामांकन कर रहे हैं, वहीं असदुद्दीन ओवैसी और हुमायूं कबीर के बीच गठबंधन के धागे खुल चुके हैं। गठबंधन के टूटने पर एनसीपी (एसपी) के नेता नसीम सिद्दीकी ने कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता को इन दोनों मुस्लिम नेताओं से सतर्क रहना चाहिए।
नसीम सिद्दीकी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि हुमायूं कबीर भाजपा का करीबी है। मुझे शक है कि क्या वे वास्तव में मुस्लिम हैं। हुमायूं कबीर केवल भाजपा के लिए काम कर रहा है। जब इस देश में बाबरी मस्जिद को नष्ट किया गया, तब अब बाबरी मस्जिद बनाने की या बाबर के नाम से मस्जिद बनाने की मांग करने वाला सबसे बड़ा एजेंट भाजपा का ही होगा। वहीं, ओवैसी खुद भाजपा के सहयोगी हैं।
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के बयान पर नसीम सिद्दीकी ने कहा कि हुसैन दलवई पूर्व में सांसद रह चुके हैं। उन्हें यह समझना होगा कि वोटर्स का अपमान नहीं किया जा सकता। वोट देना सभी का अधिकार है। हम कोशिश करेंगे कि उनकी विचारधारा में बदलाव आए। वे सांप्रदायिक आधार पर वोट देने के बजाय सेक्युलर आधार पर या देश की मजबूती के लिए वोट करें।
उन्होंने मालेगांव धमाका मामले में बरी होने के बाद कर्नल श्रीकांत पुरोहित को ब्रिगेडियर के पद पर प्रमोशन मिलने पर कहा कि मालेगांव ब्लास्ट एक गंभीर घटना थी। जब यह ब्लास्ट हुआ, तब मैं खुद महाराष्ट्र अल्पसंख्यक आयोग का चेयरमैन था। मुझे लगता है कि यदि हेमंत करकरे की हत्या नहीं होती, तो आज दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता।
नसीम सिद्दीकी का कहना है कि इस सरकार से अधिकांश लोगों का विश्वास उठ चुका है। न्यायपालिका से भी लोगों का विश्वास धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। मैं सरकार से यही पूछना चाहता हूं कि यदि ये निर्दोष हैं तो मालेगांव ब्लास्ट का असली दोषी कौन है। सरकार को देश के सामने सच्चाई लाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि यदि सरकार बदलेगी, तो पिछले 20 वर्षों में हुए सभी ब्लास्ट की दोबारा जांच कराने का प्रयास किया जाएगा और दूध का दूध तथा पानी का पानी किया जाएगा।