क्या बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमानों को सुरक्षा दी जा रही है: अनुराग ठाकुर?
सारांश
Key Takeaways
- BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने ममता सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमानों को सुरक्षा का मुद्दा उठाया गया है।
- स्थानीय पंचायत चुनावों में विकास की बात की गई है।
सोलन, १२ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पूर्व सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस की चुनावी प्रबंधन कंपनी आई-पैक के स्थानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की गई छापेमारी ने राजनीतिक हलचल को बढ़ा दिया है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने सोमवार को ममता बनर्जी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, "ममता बनर्जी ने बंगाल को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है कि वहां बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमानों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है। कुछ लोग बम बनाने में शामिल हैं, और कुछ नकली करेंसी के साथ पकड़े जा रहे हैं। बंगाल को असुरक्षित बनाने और भ्रष्टाचार का नया मॉडल बनाने की कोशिशें की जा रही हैं। जब भ्रष्टाचार की जांच होती है, तो मुख्यमंत्री इसे बाधित करने का प्रयास करती हैं।"
अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस द्वारा वीबी जी राम जी बिल का विरोध करने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "कांग्रेस का केवल एक ही एजेंडा है। यह दुनिया की एकमात्र पार्टी है जो गरीबों के विकास का विरोध करती है, गरीबों के लिए काम का विरोध करती है और यहां तक कि भगवान राम के नाम का भी विरोध करती है। मैं कांग्रेस से पूछता हूं कि क्या आपको यह दर्द नहीं होता कि अगर गरीबों को जी राम जी योजना के तहत १०० दिन के बजाय १२५ दिन का काम मिले, अधिक मजदूरी मिले, १५ दिन के बजाय ७ दिन में भुगतान मिले, देरी होने पर ब्याज के साथ मुआवजा मिले या काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता मिले?"
स्थानीय पंचायत चुनावों के संदर्भ में भाजपा सांसद ने कहा, "पंचायत में किए गए कार्य दिखाते हैं कि विकास कैसे किया जा सकता है। एक ही पंचायत में पोस्ट ऑफिस, शहीदों का स्मारक और एक बड़ा खेल का मैदान बनाया गया है, जो एक मजबूत उदाहरण है। हमारे माननीय सांसद सुरेश कश्यप ने इस पंचायत के लिए दिल खोलकर फंड दिया है, जिसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। मैं यह कहना चाहता हूं कि जल शक्ति पंचायत चुनाव होने चाहिए, नए पंचायत प्रतिनिधियों का चुनाव होना चाहिए और जी राम-जी जैसी योजनाओं के माध्यम से पंचायतों का विकास किया जाना चाहिए।