क्या बांग्लादेश में इशाक डार और तौहीद हुसैन की मुलाकात से संबंध मजबूत होंगे?

सारांश
Key Takeaways
- बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच संबंधों में नजदीकी आई है।
- इशाक डार ने दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा की।
- द्विपक्षीय संबंधों पर व्यापक चर्चा हुई।
- सांस्कृतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी।
- यह यात्रा 13 साल बाद हुई है।
ढाका, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। बांग्लादेश में हाल के सत्ता परिवर्तन के बाद से पाकिस्तान के साथ उसके संबंधों में काफी नजदीकी आई है। पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर बांग्लादेश पहुंचे हैं। पाकिस्तान ने इस मुलाकात को अत्यंत उपयोगी बताया है।
ढाका में इशाक डार ने बांग्लादेश के विदेशी मामलों के सलाहकार, मोहम्मद तौहीद हुसैन के साथ व्यापक चर्चा की। दोनों पक्षों ने उच्च स्तरीय आदान-प्रदान, व्यापार और आर्थिक सहयोग, लोगों के बीच संपर्क, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, शिक्षा और क्षमता निर्माण में सहयोग, और मानवीय मुद्दों पर द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की। सार्क के पुनरुद्धार और फिलिस्तीन तथा रोहिंग्या मुद्दे के समाधान पर भी चर्चा की गई।
पाकिस्तान के अनुसार, बातचीत ‘रचनात्मक माहौल’ में हुई, जो दोनों देशों के बीच मौजूदा सद्भावना और सौहार्द को दर्शाती है। दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए सहमत हुए। तौहीद हुसैन ने इशाक डार के सम्मान में लंच का आयोजन किया।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के एक्स अकाउंट पर कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी साझा की गई है। यह बताया गया है कि १३ साल बाद कोई पाकिस्तानी विदेश मंत्री बांग्लादेश का दौरा कर रहे हैं। डार से पहले हिना रब्बानी खार ने २०१२ में ढाका का दौरा किया था।
इशाक डार की इस यात्रा से पहले पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री जाम कमाल खान भी ढाका पहुंचे थे। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों की सेना के बड़े अधिकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है।
बांग्लादेश में शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से हटाए जाने और मुहम्मूद युनूस के अंतरिम सरकार के मुखिया बनने के बाद से पाकिस्तान के साथ नजदीकी बढ़ी है। हसीना सरकार के दौरान बांग्लादेश भारत के ज्यादा करीब रहा है। बताया जा रहा है कि डार को अप्रैल में ही ढाका जाना था, लेकिन भारत के साथ बढ़े तनाव के चलते उन्हें इसे टालना पड़ा था।