क्या बंगाल चुनाव में मतदान एक या दो चरणों में होगा? सीएपीएफ की तैनाती दोगुनी हो सकती है

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क्या बंगाल चुनाव में मतदान एक या दो चरणों में होगा? सीएपीएफ की तैनाती दोगुनी हो सकती है

सारांश

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के लिए सीएपीएफ की तैनाती पिछले चुनावों की तुलना में दोगुनी हो सकती है। यदि चुनाव एक या दो चरणों में होते हैं, तो तैनाती की संख्या 2,000 कंपनियों तक पहुंच सकती है। जानें इसके पीछे के कारण और सुरक्षा इंतजामों के बारे में।

Key Takeaways

  • पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सीएपीएफ की तैनाती दोगुनी हो सकती है।
  • चुनाव एक या दो चरणों में होने की संभावना है।
  • मतदाता सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
  • सुरक्षा इंतजामों में वृद्धि की आवश्यकता होगी।
  • राजनीतिक पार्टियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ेगी।

कोलकाता, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेस (सीएपीएफ) की तैनाती पिछले चुनावों की तुलना में दोगुनी होने की संभावना है। पिछले चार चुनावों, 2016 और 2021 के विधानसभा और 2019 तथा 2024 के लोकसभा चुनावों में, सीएपीएफ की तैनाती औसतन 1,000 कंपनियों की होती थी। लेकिन, इस बार यदि चुनाव केवल एक या दो चरणों में होते हैं, तो यह संख्या 2,000 कंपनियों तक पहुंच सकती है।

पश्चिम बंगाल के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (सीईओ) मनोज कुमार अग्रवाल ने सोमवार को नई दिल्ली में चुनाव आयोग के मुख्यालय में हुई बैठक में यह जानकारी दी। इस बैठक की अध्यक्षता चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने की।

बैठक का मुख्य एजेंडा इस साल विधानसभा चुनाव के लिए सीएपीएफ की तैनाती और सुरक्षा इंतजामों पर चर्चा करना था। सीईओ ने कहा कि यदि चुनाव एक या दो चरणों में संपन्न कराया जाता है, तो सुरक्षा के लिए अधिक फोर्स की आवश्यकता होगी।

सीईओ ऑफिस के सूत्रों के अनुसार, एक या दो चरणों में चुनाव कराने के अपने फायदे और नुकसान दोनों हैं। सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि राजनीतिक पार्टियां अपने समर्थकों को एक इलाके से दूसरे इलाके में जल्दी नहीं भेज पाएंगी। इससे वोटरों को डराने-धमकाने या बाहरी लोगों को लेकर आने जैसी पुरानी शिकायतों पर भी रोक लगेगी।

हालाँकि, नुकसान यह है कि एक या दो चरणों में चुनाव कराने के लिए सीएपीएफ की बड़ी तैनाती की आवश्यकता होगी, विशेषकर मतदान के दिन। सूत्रों के अनुसार, यदि आयोग इस तैनाती की व्यवस्था कर सकता है, तो एक या दो चरणों में चुनाव करवाना पूरी तरह संभव है।

पिछले चार चुनावों में मतदान सात से आठ चरणों में हुआ था, इसलिए फोर्स की आवश्यकता कम थी। इस बार चरणों की संख्या कम होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को दोगुना करना पड़ेगा। चुनाव आयोग इस बार एक या दो चरणों में मतदान कराने पर विचार कर रहा है। यह कदम मतदाता सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जरूरी माना जा रहा है।

Point of View

यह कहना उचित है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी प्रक्रिया में सुरक्षा एक महत्वपूर्ण पहलू है। एक या दो चरणों में मतदान कराने से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। यह मतदाता सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।
NationPress
07/01/2026

Frequently Asked Questions

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव कब होंगे?
विधानसभा चुनाव की तिथि अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन यह इस वर्ष होने की संभावना है।
सीएपीएफ की तैनाती क्यों बढ़ाई जा रही है?
मतदाता सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सीएपीएफ की तैनाती बढ़ाई जा रही है।
क्या एक या दो चरणों में चुनाव कराना संभव है?
हाँ, यदि चुनाव आयोग उचित व्यवस्था करता है तो यह पूरी तरह संभव है।
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