बुलंदशहर सड़क हादसा: दिल्ली-बदायूं हाईवे पर पेड़ से टकराई कार, मासूम समेत 5 की मौत, 3 घायल
सारांश
मुख्य बातें
बुलंदशहर के नरौरा थाना क्षेत्र में दिल्ली-बदायूं हाईवे पर 16 अक्टूबर 2026 को एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना में पाँच लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। कासगंज से धार्मिक यात्रा पर निकला परिवार रतनपुर खेड़िया गाँव के पास उस समय हादसे का शिकार हो गया, जब उनकी ईको कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े एक पेड़ से जा टकराई।
हादसे का घटनाक्रम
बुलंदशहर पुलिस अधीक्षक के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, ईको कार में कुल आठ लोग सवार थे। सभी कासगंज जिले के सिढ़पुरा थाना क्षेत्र के दहेली बुजुर्ग गाँव के निवासी थे और बेलोन गाँव स्थित सर्वमंगला माता मंदिर में दर्शन करने जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार की रफ्तार काफी तेज़ थी और पेड़ से टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया तथा उसमें सवार लोग अंदर फँस गए।
राहत एवं बचाव अभियान
सूचना मिलते ही पुलिस और राहत दल मौके पर पहुँचे। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को वाहन से बाहर निकाला और एंबुलेंस के ज़रिये डिबाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुँचाया। अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने पाँच लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल तीन सदस्यों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।
परिवार और परिजनों की स्थिति
हादसे में मारे गए और घायल सभी लोग एक ही परिवार से बताए जा रहे हैं। मृतकों के गाँव में परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है और वे कासगंज से बुलंदशहर के लिए रवाना हो चुके हैं। पुलिस ने मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जाँच और आगे की कार्रवाई
पुलिस हादसे के सटीक कारणों की जाँच कर रही है। शुरुआती संकेतों में अत्यधिक गति को दुर्घटना की वजह माना जा रहा है, हालाँकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर ओवरलोडिंग और तेज़ रफ्तार से होने वाले हादसे लगातार चर्चा का विषय बने हुए हैं। गौरतलब है कि धार्मिक यात्राओं के दौरान वाहनों में क्षमता से अधिक सवारियाँ बैठाने की प्रवृत्ति सड़क दुर्घटनाओं की एक बड़ी वजह बनती रही है। जाँच पूरी होने के बाद ही हादसे की असली वजह सामने आएगी।