दुर्ग में तेज रफ्तार कार डिवाइडर से टकराई, पेड़ से भिड़ी; दीपक और कौशिक की मौके पर मौत
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में गुरुवार, 23 जुलाई की तड़के एक तेज रफ्तार कार पहले सड़क के डिवाइडर से टकराई और फिर पेड़ से जा भिड़ी, जिसमें दीपक और उनके मित्र कौशिक की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जाँच में संकेत मिले हैं कि हादसे के समय दोनों युवक कथित तौर पर नशे की अवस्था में थे।
हादसे का घटनाक्रम
सेक्टर-8 से ग्लोब चौक की ओर जाते समय कार की रफ्तार इतनी अधिक थी कि चालक दीपक का वाहन पर नियंत्रण छूट गया। कार पहले सड़क के बीच बने डिवाइडर से टकराई और उसके बाद किनारे खड़े एक पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि आगे की सीट पर बैठे दोनों युवकों को बचाने का मौका तक नहीं मिला — दीपक और कौशिक दोनों की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
पुलिस की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस दल मौके पर पहुँचा और दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सुपेला के मुर्दाघर भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जाँच जारी है।
दुर्ग-रायपुर हाईवे पर पहले भी हुई थी त्रासदी
गौरतलब है कि इसी महीने दुर्ग-रायपुर नेशनल हाईवे-53 पर हुए एक अन्य भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई थी। पुलिस के अनुसार, भिलाई-3 के सोमनी निवासी परिवार के पाँच सदस्य स्कूटर पर रायपुर के वसंत विहार स्थित अपने मामा के घर जा रहे थे, जब उनका स्कूटर ऑक्सीजन सिलेंडरों से लदे एक खड़े ट्रैक्टर के पीछे से जा टकराया।
उस हादसे में अमृता निर्मलकर (28), उनकी बहन लक्ष्मी निर्मलकर (26), और अमृता की दोनों बेटियाँ — याचना (7) व डाली (4) — की मौके पर ही मौत हो गई। अमृता का आठ वर्षीय बेटा भावेश गंभीर रूप से घायल हुआ और उसका उपचार एम्स रायपुर में चल रहा है। यह हादसा कुम्हारी थाना क्षेत्र में हुआ था।
परिवार की पीड़ा
अमृता के पति लोकेश निर्मलकर ने पुलिस को बताया कि परिवार ने हादसे से मात्र दो दिन पहले, 14 जुलाई को, बेटी याचना का जन्मदिन मनाया था। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए अकल्पनीय क्षति है। हादसे के समय उनकी पत्नी, दोनों बच्चे और साली एक ही स्कूटर पर सवार थे।
सड़क सुरक्षा पर सवाल
इस महीने दुर्ग और उसके आसपास हुए एकाधिक सड़क हादसे छत्तीसगढ़ में यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा उपायों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। आलोचकों का कहना है कि तेज रफ्तार और नशे में वाहन चलाने पर सख्त कार्रवाई की दरकार है। पुलिस द्वारा जाँच जारी है और आगे की कानूनी कार्रवाई अपेक्षित है।